प्रदेश के लिए एक राहत की खबर:छत्तीसगढ़ में 16 हजार बेड खाली; ऑक्सीजन की जरूरत घटी, रेमडेसिविर की मारामारी भी हुई कम

रायपुर5 महीने पहले
  • कॉपी लिंक

कोरोना के लिहाज से प्रदेश के लिए एक अच्छी खबर है। प्रदेश में अब कोरोना मरीजों के लिए ऑक्सीजन की जरूरत में भी कमी दर्ज की जा रही है। छत्तीसगढ़ में 28 अप्रैल को कोरोना मरीजों के लिए 180 टन ऑक्सीजन की जरूरत पड़ रही थी, वो अब घटकर 164 टन पर आ गई है। यही नहीं दूसरी लहर के पीक (अब तक के अधिक केस के लिहाज से) में सर्वाधिक जरूरत वाले रायपुर और दुर्ग में ऑक्सीजन की डिमांड कम हो गई है। वहीं रेमडेसिविर की मारामारी भी कम हो गई है।

रायपुर में जहां कोरोना मरीजों के लिए पहले 10 हजार से ज्यादा ऑक्सीजन सिलेंडर की दरकार थी। वो अब घटकर 7 हजार से नीचे आ गई है। यही नहीं ऑक्सीजन का बैकअप टाइम भी अब बढ़कर यहां 24 घंटे से ज्यादा हो गया है। स्वास्थ्य विभाग के अस्पतालों में मरीजों के बिस्तर की उपलब्धता बताने वाले पोर्टल के मुताबिक रविवार देर शाम की स्थिति में प्रदेश में सभी तरह के 31689 बिस्तरों में से 16321 बिस्तर खाली थे। यही नहीं 28 जिलों में ऑक्सीजन सपोर्ट वाले 6 हजार से ज्यादा बिस्तर खाली स्थिति में है। भास्कर पड़ताल में पता चला है कि फिलहाल की स्थिति में चार से अधिक ऐसे जिले जिनमें बिलासपुर, रायगढ़, जांजगीर चांपा, कोरबा जहां मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है वहां ऑक्सीजन की जरूरत बढ़ने की आशंका के मद्देनजर वैकल्पिक तैयारियां बढ़ाई गई है।

मेडिकल ऑक्सीजन का उत्पादन बढ़कर 460 टन तक हुआ
प्रदेश में मेडिकल ऑक्सीजन के उत्पादन के लिए नई निर्माताओं को मंजूरी देने का असर अब दिखाई दे रहा है। प्रदेश में फिलहाल की स्थिति में 460 टन मेडिकल ऑक्सीजन का उत्पादन 29 से अधिक प्लांट के द्वारा किया जा रहा है। जबकि इसकी तुलना में अभी की स्थिति में मरीजों को केवल 164 टन के आसपास ऑक्सीजन की जरूरत पड़ रही है। यानी प्रदेश के पास उत्पादन के लिहाज से ऑक्सीजन पर्याप्त मात्रा में है।

ऑक्सीजन की जरूरत वाले मरीज कम, इसलिए मांग घटी
ऑक्सीजन की जरूरत वाले मरीज कम हुए हैं, इसलिए मांग भी घटकर 164 टन हो गई है। कुछ जिलों में अाक्सीजन की जरूरत महसूस हो सकती है, इसलिए वहां के हालात पर नजर है। प्रदेश में अाक्सीजन पर्याप्त है, कोई कमी नहीं होगी। -केडी कुंजाम, ड्रग कंट्रोलर-छत्तीसगढ़

इधर, किसी भी जिले में एक हजार से अधिक केस नहीं मिले

प्रदेश में 34 दिन बाद 10 हजार से कम केस, रायपुर में भी 29 मार्च के बाद 500 से कम
प्रदेश में रविवार को पूरे 34 दिन बाद पहली बार 10 हजार से कम केस मिले हैं। 6 अप्रैल को 10 हजार से कम 9921 केस मिले थे। उसके बाद से रविवार को 9120 केस मिले हैं। बड़ी राहत रायपुर में भी मिली है। रायपुर में 42 दिन बाद रविवार को 500 से कम केस मिले हैं।

29 मार्च को रायपुर में 442 केस मिले थे, उसके बाद से हर दिन 500 से अधिक केस मिलते रहे। रायपुर में रविवार को 392 केस मिले। बड़ी राहत की बात ये कि पिछले 24 घंटे में प्रदेश के किसी भी जिले में 1 हजार से अधिक केस नहीं मिले। हालांकि रविवार का दिन और कई जिलों में पूरी तरह लॉकडाउन होने से केवल 48 हजार से ज्यादा जांच हुई है। राजधानी की 26 समेत 189 मौत हुई है। जबकि अस्पताल और घर से 12810 लोग स्वस्थ भी हुए हैं। रायगढ़ में सबसे ज्यादा 687 पॉजिटिव मिले हैं।

खबरें और भी हैं...