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आक्सीजन सिलेंडर को लेकर शिकायत:2 घंटे की ऑक्सीजन 30 मिनट में खत्म कलेक्टर का आदेश- सिलेंडर पूरा भरकर भेजें

रायपुर11 दिन पहले
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  • भास्कर खुलासा, कोरोना मरीजों को सबसे ज्यादा जरूरत आक्सीजन की, वहीं ये मनमानी

बिगड़ते कोरोना हालात के बीच कलेक्टर तक बड़ी शिकायत पहुंची है कि शहर के कोरोना अस्पतालों और केयर सेंटर में सप्लाई किए जाने वाले आक्सीजन सिलेंडर पूरे भरे हुए नहीं हैं और दो घंटे चलनेवाले सिलेंडर आश्चर्यजनक ढंग से आधा घंटे में ही खत्म हो रहे हैं। अस्पताल या केयर सेंटरों में अचानक इतने मरीज पहुंच रहे हैं कि हर सिलेंडर का वे वजन नहीं कर पा रहे हैं।

यही नहीं, जिन मरीजों को आक्सीजन लग रहे हैं, स्टाफ को लगातार सिलेंडर पर नजर रखनी पड़ रही है कि कहीं बीच में ही सिलेंडर खत्म न हो जाए। कलेक्टर के पास यह शिकायत कई तरह के प्रमाण के साथ पहुंची है, इसलिए प्रशासन ने इसे गंभीरता से लिया है। कलेक्टर डा. एस भारतीदासन ने इन शिकायतों की पुष्टि करते हुए कहा कि गुरुवार को सभी आक्सीजन सप्लायर को आदेश जारी किया जा रहा है कि वे पूरे भरे सिलेंडर सप्लाई करें, अन्यथा कार्रवाई की जाएगी।

राजधानी ही नहीं, मौजूदा कोरोना लहर में पूरे प्रदेश में मरीजों को ऑक्सीजन की जरूरत पड़ रही है। आमतौर पर एक सिलेंडर से मरीज को दो से ढाई घंटे तक ऑक्सीजन सप्लाई हो सकती है। अस्पतालों में इलाज कर रहे स्टाफ ने बताया कि कई बार सिलेंडर एक घंटा तो कई बार आधा घंटे में ही खत्म हो रहे हैं। अगर सिलेंडर पर नजर नहीं रखें और यह जल्दी खत्म हो जाए तो मरीज खतरे में आ सकते हैं। जबकि अभी हालात ये हैं कि ज्यादातर मरीजों को ऑक्सीजन लग रही है।

बहुत से मरीज होम आइसोलेशन में ऑक्सीजन लेवल गिरने के बाद आपात स्थिति में अस्पताल पहुंच रहे हैं। वहां ऑक्सीजन सपोर्ट जरूरी है। किसी भी केयर सेंटर या कोरोना अस्पताल में हेल्थ वर्कर या नर्सिंग स्टॉफ का अमला कोविड के दौर में पूरे समय तैनात नहीं है। वार्डों में दिन में दो से चार बार ही डॉक्टर या नर्सिंग स्टॉफ भी विजिट करते हैं। इसलिए सिलेंडर अगर पूरा भरा न हो तो मानीटरिंग भी मुश्किल होने लगी है।

वह तस्वीर जिसमें आक्सीजन सिलेंडर आधा
तस्वीर के जरिए केयर सेंटर में भेजे गए ऑक्सीजन में फ्लो मीटर को देखा जा सकता है। जब सिलेंडर पूरा भरा होता है तो फ्लो मीटर में ऑक्सीजन का प्रेशर 200 से 250 लीटर के ऊपर आता है। लेकिन चूंकि ऑक्सीजन का सिलेंडर भरा नहीं है, इसलिए में फ्लो मीटर में ऑक्सीजन का प्रेशर बताने वाला कांटा 50 लीटर के आसपास बता रहा है। मतलब कि ये सिलेंडर पूरा भरा नहीं है।

अभी दो तरह के सिलेंडर
अस्पतालों या केयर सेंटर में आमतौर से दो तरह के ऑक्सीजन सिलेंडर सप्लाई किए जाते हैं। छोटा सिलेंडर 8 से 10 किलो, जबकि बड़ा सिलेंडर 25 से 30 किलो के बीच का होता है। अगर सिलेंडर में ऑक्सीजन का प्रेशर 200 से 250 लीटर तक होता है तो ये सिलेंडर 2 से ढाई घंटे चल सकता है। लेकिन सिलेंडर में ऑक्सीजन का प्रेशर फ्लो 100 या 50 से कम हो तो ये बामुश्किल आधा घंटे तक ही चल पाएगा।

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