10,00,000 केस की दहलीज पर छत्तीसगढ़:448 दिनों में औसतन रोजाना मिले 2049 मरीज; इस अवधि में औसतन 32 की रोज मौत हुई

रायपुरएक वर्ष पहले
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147 नए केस मिलने से 10 लाख हो जाएंगे मरीज - Dainik Bhaskar
147 नए केस मिलने से 10 लाख हो जाएंगे मरीज

छत्तीसगढ़ में 488 दिनों बाद कोरोना मरीजों की संख्या 10 लाख पार हो जाएगी। इस दौरान औसतन रोजाना 2049.18 मरीज मिले और 32.43 मरीजों की मौत हुई। संक्रमण के मामले में 2021 पिछले साल से भारी पड़ रहा है। साढ़े 6 माह में सभी जिलों में बारी-बारी से मरीज बढ़े हैं। जनवरी से अब तक एक दिन में न्यूनतम 141 मरीज मिले, वहीं 23 अप्रैल को 17397 संक्रमित मिले थे, जो अब तक का रिकार्ड है। दूसरी ओर 24 घंटे में रायपुर में 16 समेत प्रदेश में 165 नए मरीज मिले हैं।

इस साल यानी 2021 में पहले दुर्ग में फिर रायपुर में मरीजों की संख्या बढ़ी। इसके बाद बिलासपुर, जांजगीर-चांपा, कोरबा में संक्रमित बढ़े। मई-जून में ऐसा हुआ कि छोटे जिले कोरिया, सूरजपुर, बलरामपुर व अंबिकापुर में भी रायपुर से ज्यादा मरीज मिलने लगे। अब एक माह से बीजापुर, सुकमा, दंतेवाड़ा व बस्तर जिले में नए केस बढ़ गए हैं। इस साल 1 जनवरी से 16 जुलाई तक 719887 मरीज मिल चुके हैं और 10121 मरीजों की मौत हाे चुकी है। साढ़े 6 माह में कुल मरीजों का 72 फीसदी मरीज व कुल मौत की 75 फीसदी मृत्यु हो चुकी है।

कोरोना के डेल्टा और एन-440 वेरिएंट से तबाही
विशेषज्ञों का कहना है कि वायरस में म्यूटेशन के कारण जहां ज्यादा मरीज मिले, वहीं मौत भी ज्यादा हुई। इस साल जुलाई में सबसे कम 4982 मरीज मिले हैं, लेकिन अभी माह बीतने में 15 दिन बाकी है। फरवरी में 7193 मरीज मिले थे। जबकि 134 मरीजों की मौत हुई थी।

एन-440 व डेल्टा वैरिएंट
नए केस और ज्यादा मौतों के लिए 2021 में कोरोना का एन-440 व डेल्टा वेरिएंट जिम्मेदार माना गया है। लैब परीक्षण के लिए यहां से भेजे गए इस साल के सैंपल में से भी 4 में एन-440 और 120 सैंपल में डेल्टा वैरिएंट की पुष्टि हुई थी। एक निजी अस्पताल के डायरेक्टर डॉ. देवेंद्र नायक व हिमेटोलॉजिस्ट डॉ. विकास गोयल के अनुसार रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, जांजगीर-चांपा से लेकर दूसरे जिलों में ज्यादा केस व मौत का कारण इन्हीं दोनों वायरस को माना जा रहा है।

हालांकि डेल्टा वेरिएंट ज्यादा खतरनाक साबित हुआ है। बस्तर संभाग के सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा व बस्तर में जो नए केस मिल रहे हैं, उसमें डेल्टा प्लस वैरिएंट होने की आशंका है, हालांकि पुष्टि नहीं हुई। जीनोम सीक्वेंसिंग की रिपोर्ट नहीं आई है। दरअसल पड़ोसी राज्यों महाराष्ट्र, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना व ओडिशा में डेल्टा प्लस वैरिएंट मिल चुका है। ऐसे में आशंका है कि बस्तर में इसी वायरस के कारण नए मरीज मिल रहे हैं। हालांकि मौत ज्यादा नहीं हुई है।

केस बढ़ने के लिए कई फैक्टर जिम्मेदार

कोरोना केस बढ़ने के लिए कई फैक्टर जिम्मेदार रहते है। एन-440 व डेल्टा वेरिएंट मिल चुके हैं और आशंका है कि इन्हीं के कारण प्रदेश में मरीज भी बेतहाशा बढ़ें और मौतें हुईं।
डॉ. आरके पंडा, एचओडी पल्मोनरी मेडिसिन मेडिकल कॉलेज

मौसम के हिसाब से सावधानी जरूरी

बिना मास्क व सोशल डिस्टेंसिंग के कोरोना का संक्रमण कम होने की संभावना नहीं है। तीसरी लहर की आशंका इसलिए भी बनी हुई है। मौसम के हिसाब से अब सावधानी जरूरी है।
-डॉ. विष्णु दत्त, डीन नेहरू मेडिकल कॉलेज