डिजिटल होता छत्तीसगढ़ / प्रदेश के 25 ब्लाॅक जुड़े भारत नेट से, क्लास लेनी हो या इलाज, सीधे नवा रायपुर से लाइव

25 blocks of the state are connected to Bharat Net, take class or treatment, live directly from Nava Raipur
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25 blocks of the state are connected to Bharat Net, take class or treatment, live directly from Nava Raipur

  • 29 ब्लाॅक की 900 पंचायतें सीधे सरकार से जुड़ीं

दैनिक भास्कर

Jul 01, 2020, 06:17 AM IST

रायपुर. अमनेश दुबे | कोरोना काल ने डिजिटलाइजेशन का दौर शुरू किया है, और इसी कड़ी में प्रदेश की राजधानी रायपुर तथा शासन की सुदूर गांवों तक सीधी पहुंच की कोशिश भी कामयाब हो रही है। केंद्र सरकार की भारत नेट योजना में प्रदेश के 29 ब्लाॅक की 900 ग्राम पंचायतें सीधे जुड़ गई हैं। अर्थात इन गांवों में इलाज की जरूरत हो, किसी विशेषज्ञ का लेक्चर या क्लास लाइव दिखानी हो या और कोई मदद, नवा रायपुर के कंट्रोल रूम में बैठकर सरकारी अमला सीधे इन गांवों से जुड़ जाएगा। इसके लिए केंद्र ने 250 करोड़ रुपए की एक और किश्त (कुल 550 करोड़) भेजी है। अब ऑप्टिकल फाइबर से इस योजना के कंट्रोल रूम को प्रदेश के सभी 146 ब्लाॅक से सीधे जोड़ने की तैयारी है। भारत नेट योजना के मूल में यही है कि इस डिजिटल तकनीक से सुदूर गांवों को भी शासन-प्रशासन से सीधे जोड़ दिया जाए। इसके तहत नवा रायपुर में कंट्रोल रूम बनाया जा रहा है। इसका नाम स्नॉक (स्टेट नेशनल ऑपरेशन सेंटर) होगा और यह नवा रायपुर के सीबीडी से काम करेगा। योजना के तहत 900 पंचायतों में ऑप्टिकल फाइबर यानी केबल बिछा दिए गए हैं।
इस वजह से अब शासन को ऐसे गांवों में लाइव पहुंचने के लिए मोबाइल नेटवर्क की भी जरूरत नहीं है। प्रदेश के सभी ब्लाॅक को नवंबर-दिसंबर तक जोड़ने का लक्ष्य है। इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद सामान्य दिनों से लेकर आपात स्थिति में भी राजधानी से प्रदेश के हर गांव को पहुंच में रखा जा सकता है। 

छत्तीसगढ़ देश में दूसरे नंबर पर
भारत नेट योजना में अभी बस्तर-दंतेवाड़ा से लेकर कोरिया-अंबिकापुर तक के ब्लॉक को ऑनलाइन जोड़ने का काम चालू है। इस प्रोजेक्ट पर काम करने के मामले में गुजरात के बाद छत्तीसगढ़ देश में दूसरे नंबर पर है। चिप्स (छत्तीसगढ़ इंफोटेक प्रमोशन सोसायटी) को मॉनिटरिंग एजेंसी बनाया गया है। इसकी जिम्मेदारी टाटा प्रोजेक्ट्स की है। तय अनुबंध के मुताबिक प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद इस कंपनी को सात साल तक सिस्टम को मेंटेन करना होगा। यह प्रोजेक्ट वर्ष-2018 में यहां लांच हुआ था। टाटा प्रोजेक्ट्स के सीईओ राहुल शाह के मुताबिक इससे छत्तीसगढ़ को बड़ा डिजिचल प्लेटफार्म मिलेगा।  
ऑप्टिकल फायबर से नियंत्रित: छत्तीसगढ़ के सभी ब्लाॅक की 5987 ग्राम पंचायतें आप्टिकल फाइवर के जरिए इंटरनेट से भारत नेट के कंट्रोल रूम से जुड़ेंगी। यह केबल जमीन से 1.65 मीटर नीचे बिछाया जा रहा है। इसमें 48 कोर व वायर होंगे। ये कोर प्राकृतिक आपदा के दौरान भी काम करेंगे। इन्हीं से ऑनलाइन सेवाओं की सुविधा दी जाएगी और इसे नवा रायपुर स्थित कंट्रोल रूम से स्थाई तौर पर कनेक्ट कर दिया जाएगा। कंट्रोल रूम की बड़ी स्क्रीन से सभी ब्लॉक एक साथ जुड़ सकेंगे और इन्हें आसानी से संचालित भी किया जा सकेगा।

बड़े बदलाव होंगे, सुविधाएं बढ़ेंगी
"भारत नेट योजना के तहत 25 ब्लॉक की करीब 900 पंचायतों में आप्टिकल फाइबर केबल बिछा दिया गया है। इसके पूरा होने के बाद प्रदेश में शिक्षा-स्वास्थ्य के साथ कई क्षेत्रों में बड़े बदलाव होंगे और सुविधाएं बढ़ेंगी।  
-समीर विश्नोई, सीईओ चिप्स

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