भास्कर एक्सक्लूसिव:अंबेडकर अस्पताल में बनेगा 250 बेड का आईसीयू, 100 करोड़ रु. होंगे खर्च

रायपुर6 महीने पहले
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  • शासन के बाद मेडिकल कॉलेज काउंसिल की बैठक में मंथन

कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए अंबेडकर अस्पताल में 250 बेड का आईसीयू बनाने का प्लान तैयार किया गया है। इस पर 100 करोड़ खर्च किए जाएंगे। शासन ने मेडिकल कॉलेज प्रबंधन को आईसीयू का डीपीआर बनाने का निर्देश भी दे दिया है। गुरुवार को पं. जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में कॉलेज काउंसिल की बैठक में प्रस्तावित आईसीयू की नई यूनिट और बजट पर सभी विभाग के एचओडी से राय मांगी गई।

कोरोना के कारण इन दिनों सबसे ज्यादा कमी आईसीयू व ऑक्सीजन बेड की है। अंबेडकर अस्पताल में वर्तमान में आईसीयू में 106 बेड है और केवल 60 वेंटीलेटर है। 250 बेड का नया आईसीयू बन जाने से बेड की संख्या 306 हो जाएगी। नए आईसीयू में 100 वेंटीलेटर बेड रखे जाएंगे। इससे वेंटीलेटर की संख्या भी 160 तक पहुंच जाएगी। डॉक्टरों का कहना है कि 250 बेड का नया आईसीयू कहां बनेगा?

इस बारे में दो-तीन दिन में शासन को सूचना दे दी जाएगी। कॉलेज प्रशासन नई आईसीयू बिल्डिंग से लेकर बेड, वेंटीलेटर, मॉनीटर, ऑक्सीजन पाइप लाइन पर कितना खर्च होगा, इसकी रिपोर्ट भी बना रहा है। मशीनों की खरीदी सीजीएमएससी से अप्रूवल रेट के अनुसार होगी। इसके लिए सीजीएमएससी से रेट लिस्ट भी मांगी जाएगी, जिससे संभावित खर्च का अनुमान लगाया जा सके। आईसीयू में विशेष बेड के अलावा वेंटीलेटर व मल्टी मॉनीटर जरूरी है। अप्रूव रेट लिस्ट मिलने के बाद यह अनुमान लग सकता है कि सभी मशीनें व बेड की लागत कितनी होगी।

राजधानी में 1270 आईसीयू बेड जिसमें सरकारी में 199

राजधानी स्थित 92 निजी अस्पतालों में 1071 बेड व 350 वेंटीलेटर है। जबकि अंबेडकर अस्पताल में 106, एम्स में 81 व माना काेविड अस्पताल में 12 आईसीयू बेड है। इन तीनों अस्पतालों में 143 वेंटीलेटर वाले बेड हैं। प्रदेश में 1.18 लाख व राजधानी में 10 हजार से ज्यादा एक्टिव केस हैं। इनमें 5 फीसदी मरीजों को भी गंभीर माना जाए तो 6 हजार से ज्यादा आईसीयू बेड की जरूरत है। खास बात ये भी है कि प्रदेश में जितनी मौतें हो रही हैं, उनमें से ज्यादातर गंभीर स्थिति में पहुंचने के बाद अस्पताल पहुंच रहे हैं। कुछ मरीजों की मौत आइसोलेशन वार्ड से लेकर कोरोना केयर सेंटर में हो रही है। ऐसे में आईसीयू बेड बढ़ाने की जरूरत है।

क्यों जरूरत है आईसीयू की

  • गंभीर मरीजों को ऑक्सीजन के अलावा वेंटीलेटर सपोर्ट मिलेगा।
  • सभी बेड ऑक्सीजन की सेंट्रल पाइप लाइन से जुड़े रहेंगे।
  • विशेष माॅनीटर होने से पल्स से लेकर ऑक्सीजन सेचुरेशन का पता चलता रहेगा।

वेंटीलेटर में गंभीर मरीजों को बचाने में मदद मिलेगी

शासन ने नए आईसीयू यूनिट बनाना प्रस्तावित किया है। सरकार के निर्देश पर ही कॉलेज कांउसिल की बैठक में सभी एचओडी से चर्चा की गई। नई यूनिट कहां बनेगी, इस पर चर्चा के बाद निर्णय लिया जाएगा।
- डॉ. विष्णु दत्त, डीन नेहरू मेडिकल कॉलेज

गंभीर मरीजों के इलाज के लिए आईसीयू यूनिट की जरूरत है। चूंकि आईसीयू ऑक्सीजन के अलावा वेंटीलेटर व मल्टी मॉनीटर से युक्त होता है। ऐसे में मरीजों का बेहतर इलाज संभव हो पाता है।
-डॉ. आरके पंडा, एचओडी पल्मोनरी मेडिकल कॉलेज

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