गिरोह का भंडाफोड़:सोना चोरी करने वाला गिरोह फूटा कानपुर की जेल से लाए गए 3 चोर

रायपुर6 महीने पहले
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  • बंगाल में सोना खरीदने वाला कारोबारी भी गिरफ्तार, 8 लाख का गोल्ड जब्त

सदरबाजार में कारीगरों को बेहोश कर सोना चोरी करने वाला पं. बंगाल गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। पुलिस ने कानपुर जेल से 3 लोगों को गिरफ्तार करके लाया है। आरोपियों से चोरी का सोना खरीदने वाले कारोबारी को भी गिरफ्तार किया है। कारोबारी के घर से 8 लाख का 165 ग्राम सोना जब्त किया गया है। आरोपियों का एक साथी पहले ही पकड़ा जा चुका है, जो रायपुर जेल में बंद हैं।

टीआई मोहसिन खान ने बताया कि पं. बंगाल भरतपुर का राजेश अली (29), शेख राजू उर्फ महबूब हसन (40) और हसन जाना (32) तीनों चोरी के मामले में कानपुर जेल में बंद थे। तीनों को 5 दिन पहले रायपुर लाया गया है। उन्होंने पूछताछ में बताया कि चोरी का सोना बंगाल में रहने वाल उमाकांत शंकर कदम को बेचा था। उसके बाद एक टीम बंगाल भेजी गई। वहां छापा मारकर सराफा कारोबारी उमाकांत को गिरफ्तार किया गया। उसे बुधवार को रायपुर लाया गया है। चारों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। आरोपियों का साथी विप्लव सामंत उर्फ प्रशांतो संकी पहले ही जेल में बंद है। पुलिस के अनुसार राजेश अली गिरोह का मास्टर माइंड है। उसके खिलाफ बंगाल के अलावा यूपी, बिहार में कई मामले हैं। वह कई बार जेल जा चुका है। दो माह पहले सोना चोरी के मामले में कानपुर पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया है।

पहले नौकरी मांगी, फिर चोरी की
राजेश ने 2019 में चोरी की प्लानिंग की। उसने अपने साथी विप्लव को अक्टूबर 2019 को रायपुर भेजा। रायपुर आकर विप्लव नौकरी ढूंढने लगा। सदरबाजार में बंगाल के बहुत से कारीगर है। विप्लव को एक परिचित मिल गया, जिसके माध्यम से वह कारोबारी महावीर चंद बरडिया के यहां कारीगरी करने लगा। सदरबाजार में ही बरडिया का कारखाना है। जहां जेवर बनाए जाते है। ढाई महीने तक विप्लव ने काम किया। फिर उसने 14 दिसंबर को अपने साथियों को रायपुर बुलाया। राजेश, राजू और तपन तीनों रायपुर आए। वे गोलबाजार के एक लॉज में ठहरे हुए थे। उन्होंने विप्लव को नशीली दवाई दी।

विप्लव लेकर चला गया। 16 दिसंबर को विप्लव ने दिनभर काम किया। शाम को तबीयत ठीक नहीं होने का बहाना करके जल्दी निकल गया। वह बाकी कारीगरों के साथ किराए में रहता था। उसने सभी के लिए भोजन बनाया और उसमें नशीली दवाइयां मिला दी। रात में जब कारीगर घर आए तो विप्लव ने सभी को भोजन दिया। तबीयत खराब होने की बात कहकर उसने भोजन नहीं किया। भोजन करने के बाद सभी बेहोश हो गए। विप्लव कारखाने की चाबी लेकर निकला और साथियों के पास गया। कारखाने से 556 ग्राम सोना की चोरी किया और ट्रेन से बंगाल चले गए। जहां विप्लव को राजेश ने 50 हजार दिया। राजेश, राजू और तपन मुंबई चले गए। पुलिस ने एक माह पहले बंगाल में छापा मारकर विप्लव को गिरफ्तार किया था। उसने पूछताछ में अपने साथियों का नाम बताया था। तब से पुलिस उनकी तलाश कर रही थी। पुलिस की पड़ताल में पता चला कि तीनों आरोपी कानपुर जेल में बंद है। कोर्ट से वारंट लेकर तीनों को रायपुर लाया गया। उसके बाद चोरी का सोना खरीदने वालों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार आरोपियों के खिलाफ 13 से ज्यादा मामला दर्ज है। राजेश अलग-अलग लोगों के साथ मिलकर चोरी करता है।

कारीगरों के सत्यापन कराने का निर्देश
सदरबाजार में चोरी की घटना के बाद कोतवाली पुलिस ने सभी कारोबारियों को कारीगरों का सत्यापन कराने का निर्देश दिया है। ज्यादातर सराफा दुकान में बंगाल के ही कारीगर काम करते है। उनकी संख्या लगभग ढाई हजार से ज्यादा है। सभी की जानकारी थाने में जमा करने को कहा गया है। क्योंकि पहले भी इस तरह की घटना हो चुकी है। कई केस में तो कारोबारी के पास कारीगर की कोई जानकारी ही नहीं थी।

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