कनेक्शन काटने से छिड़ा विवाद:निकायों पर 301 करोड़ बकाया, बिजली कंपनी ने भेजी हर कनेक्शन की लिस्ट

रायपुर4 महीने पहले
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बिजली बिल जमा नहीं करने के कारण कई शहरों की स्ट्रीट लाइट का कनेक्शन काटने से छिड़े विवाद के बाद अब बिजली महकमे ने नगरीय प्रशासन विभाग को 156 पेज की लिस्ट भेजी है। इसके मुताबिक नगर निगम, पालिका और नगर पंचायतों पर 301 करोड़ का बकाया है। सबसे ज्यादा 86 करोड़ का बकाया बिलासपुर जिले में है।

इसके बाद रायगढ़ में 41.64 करोड़ का बकाया है, जबकि दुर्ग में 22.08 और रायपुर में 21.37 करोड़ बिजली बिल जमा करना बाकी है। इस लिस्ट को सभी कमिश्नर और सीएमओ को फॉरवर्ड कर विभाग ने तीन दिन में सत्यापन करने कहा है। बता दें कि 15 दिन पहले बिजली कंपनी ने कई शहरों में स्ट्रीट लाइट की बिजली बंद कर दी थी। इससे शहर के कई हिस्सों में अंधेरा छा गया और बिजली कंपनी व नगर निगम आमने-सामने हाे गए थे। इस स्थिति को देखते हुए सरकार को हस्तक्षेप करना पड़ा था। उस समय बिजली कंपनी ने स्ट्रीट लाइटों के कनेक्शन जोड़ दिए थे। अब हर कनेक्शन पर बकाया राशि की सूची थमा दी है। इसमें बाकायदा बीपी नंबर और जिसके नाम पर कनेक्शन है, उसकी सूची है, जिससे किसी तरह के विवाद की स्थिति न बने।

बिलासपुर पर सबसे ज्यादा 86 करोड़ का बकाया, दूसरे नंबर पर रायगढ़

हर जिले में एक करोड़ से ज्यादा बकाया
बिजली कंपनी ने जो सूची भेजी है, उसके मुताबिक एक भी जिला ऐसा नहीं है, जहां बकाया राशि एक करोड़ से कम हो। मुंगेली और जांजगीर-चांपा ऐसे जिले हैं, जहां बकाया राशि क्रमश: 15 करोड़ और 16.45 करोड़ है। बीजापुर में सबसे कम 1.01 करोड़ का बकाया है। निकायों की आर्थिक स्थिति खराब होने की वजह से समय पर बिजली बिल जमा नहीं होने के कारण सभी जिलों के निकायों में ऐसी स्थिति बन रही है।

मौके पर जाकर देखेंगे, एनर्जी ऑडिट भी
नगरीय प्रशासन विभाग के संयुक्त संचालक ने सभी नगर निगम के कमिश्नर, नगर पालिका व नगर पंचायतों के सीएमओ को एक-एक कनेक्शन का मौके पर जाकर जांच कराने के निर्देश दिए हैं। बाकायदा तकनीकी जानकार की मौजूदगी में यह जांच करानी है। साथ ही, एनर्जी ऑडिट कराने कहा गया है, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि बिजली की खपत सही हो रही है, या नहीं। इस रिपोर्ट के आधार पर ही विभाग बिल पटाने फंड देगा।

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