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कोरोना विस्फोट:सीआरपीएफ कैंप व आईटीबीटी कैंप के 40 जवान संक्रमित, सभी छुट्‌टी से लौटे थे

रायपुरएक महीने पहले
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  • राजधानी में पहली बार रिकाॅर्ड मरीज मिले, प्रदेश में 150 केस, 2 मौत भी
  • एक मरीज की हार्टअटैक से मौत, दूसरा अन्य बीमारियों से भी था पीड़ित

रायपुर में रविवार को रिकॉर्ड 96 नए कोरोना मरीज मिले हैं। पहली बार राजधानी में इतने मरीज एक दिन में मिले हैं। इन्हें मिलाकर प्रदेश में 150 नए मरीज मिले हैं। इनमें ज्यादातर बाराडेरा सीआरपीएफ और आईटीबीटी कैंप के जवान हैं। सभी जवान छुट्‌टी पर गए थे। वापसी के बाद जांच में वे पॉजिटिव निकले हैं। रायपुर और दुर्ग में एक-एक कोरोना पीड़ित की मौत हो गई। स्वास्थ्य विभाग के अफसरों का दावा है कि रायपुर के कोरोना पीड़ित की मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई, जबकि दुर्ग के संक्रमित की सैप्टिक शॉक व अन्य बीमारियों से मृत्यु हुई है।

अब राज्य में कोरोना से मौतों का आंकड़ा 19 पहुंच गया है। रविवार को ही 83 मरीजों को स्वस्थ्य होने के बाद अस्पताल से छुट्‌टी दे दी गई है। धमतरी में मिले दो मरीज मगरलोड थाने के जवान हैं। इधर, राजधानी में थोक में इतने मरीज मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने समीक्षा शुरू कर दी है। अफसरों ने प्रारंभिक जांच के बाद बताया कि सबसे अधिक 32 जवान मंदिरहसौद के पास स्थित बारांडेरा सीआरपीएफ कैंप के हैं। 8 आईटीबीटी के जवानों को कोरोना मिला है। छुट्‌टी से लौटने के बाद सीधे ड्यूटी में नहीं लिया गया। उन्हें 14 दिनों के क्वारेंटाइन में भेजकर स्वाब का सैंपल जांच के लिए भेजा गया था। रविवार को उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव निकली।  रायपुर के अलावा जांजगीर चांपा में 17, कांकेर में 9, सरगुजा में 5, कोरिया, बालोद, बिलासपुर, बस्तर व नारायणपुर में तीन-तीन, बलरामपुर, रायगढ़, बलौदाबाजार, गरियाबंद, दुर्ग और कवर्धा में एक-एक केस मिला है। 

मरीजों के पीड़ित होने की रिपोर्ट मिलते ही सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को सूचना भेज दी गई है। शाम से ही संक्रमित मरीजों को अस्पताल में भर्ती करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी। रायपुर में भी 108 का स्टाफ एंबुलेंस लेकर संक्रमितों को अस्पताल पहुंचाने के लिए रवाना हो गया है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि देर रात तक सभी संक्रमितों को सुविधा के अनुसार अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती करवाने की कवायद चल रही थी। राजधानी में संक्रमित मिले जवानों में कुछ के परिवार वालों को भी कोरोना पॉजिटिव िनकला है।

डीकेएस स्टाफ से लेकर प्रयास हॉस्टल में मिला केस
रविवार को न्यू शांतिनगर, कांशीरामनगर, माना बस्ती, चंगोराभाठा, आमानाका, समता कालोनी, स्टेशन रोड, गोकुलनगर, मोवा, तेलीबांधा मेट्रो हाइट्स, श्रीमरामनगर, मठपुरैना, होटल मिड टाऊन, होटल व्यंकटेश के अलावा शहर के कई इलाकों में कोरोना के मरीज मिले हैं। इन इलाकों में देर रात पुलिस की टीम ने पहुंचकर बेरीकेडिंग शुरू कर दी थी। चंगोराभाठा में डीकेएस अस्पताल कोरोना पॉजिटिव मिला है। प्रयास हॉस्टल में दो छात्र संक्रमित हुए हैं।

एक नजर में 

  •   नए पॉजिटिव- 150
  •   कुल पॉजिटिव- 4081
  •   कुल एक्टिव- 909
  •   कुल डिस्चार्ज- 3153
  •   रविवार को मौत- 2
  •   कुल मौत अब तक- 19 

इधर, बढ़ते खतरे से दोबारा लाॅकडाउन की चर्चाएं तेज
राजधानी समेत प्रदेश के कई हिस्सों में कोरोना मरीज लगातार बढ़ने से अब सरकार में दोबारा संपूर्ण लाॅकडाउन की संभावनाओं पर चर्चा छिड़ गई है। रायपुर से राज्यसभा सांसद छाया वर्मा ने रविवार को प्रदेश में तुरंत संपूर्ण लाॅकडाउन की मांग कर दी है। कांग्रेस ही नहीं, भाजपा के लोग भी लाॅकडाउन की जरूरत बता रहे हैं। मंत्रालय के गलियारों में भी बातें होने लगी हैं कि राजधानी-प्रदेश में हालात की वजह से जल्दी लाॅकडाउन के पूरे अासार हैं। हालांकि सरकार के प्रवक्ता मंत्री मोहम्मद अकबर ने साफ किया है कि अभी ऐसी चर्चा नहीं है और इस बारे में फैसला मुख्यमंत्री ही लेंगे।  

लॉकडाउन की चर्चा इतनी तेज है कि राजधानी में रविवार को अधिकांश दुकानें खुली रहीं और लोग भी पहुंचे। खबर आ रही है कि मंगलवार को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल तथा इनके मंत्रियों की कैबिनेट बैठक में इस मुद्दे पर मंथन होने वाला है। दरअसल प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से कोरोना मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। अब तक प्रदेश के 101 ब्लाक रेड जोन तथा 35 ब्लाक ऑरेंज जोन में आ गए हैं। पिछले एक हफ्ते से सरकार इस स्थिति पर नजर रख रही है। सांसद वर्मा का कहना है कि वे सीएम से मिलकर लाॅकडाउन की मांग रखेंगी। संपूर्ण लाॅकडाउन न भी हो तो दुकानें अाधे दिन ही खुलनी चाहिए और कर्फ्यू होना चाहिए ताकि भीड़ कम हो। इससे पहले, भाजपा प्रवक्ता श्रीचंद सुंदरानी ने सप्ताह में दो दिन कंप्लीट लाकडाउन की मांग करते हुए पत्र लिखा था।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा

लॉकडाउन के बीच चलती रहीं आर्थिक गतिविधियां, मंदी का असर नहीं पड़ा
रायपुर | सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान भी छत्तीसगढ़ में जरूरी आर्थिक गतिविधियों को चालू रखा गया। मनरेगा के काम बड़े पैमाने पर प्रारंभ किए गए, जिनमें अधिकतम 26 लाख लोगों को काम मिला। लघु वनोपजों के संग्रहण का काम भी चलता रहा, 2500 रूपए में धान खरीदी, किसानों की ऋण मुक्ति जैसे उपायों से विश्वव्यापी मंदी का असर छत्तीसगढ़ में नहीं पड़ा। राज्य सरकार का यह प्रयास रहा कि लोगों के पास पैसा आए। सीएम ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम हुए कान्वक्लेव में कोरोना संक्रमण की रोकथाम और बचाव के उपायों के संबंध में बताया कि विदेशों से आने वाले लोगों की पहचान कर उन्हें होम क्वारेंटाइन में रखा गया। 
साढ़े छह लाख मजदूर और अन्य लोग छत्तीसगढ़ लौटे। छत्तीसगढ़ के लगभग सभी उद्योगों में काम प्रारंभ हो गया है, जिनमें डेढ़ लाख लोगों को रोजगार मिला है। लॉकडाउन के दौरान छत्तीसगढ़ में सबसे ज्याद स्टील का उत्पादन हुआ। मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान को भी जारी रखा गया जिसके कारण कुपोषित बच्चों की संख्या में 13 प्रतिशत की कमी आयी।

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