छत्तीसगढ़ में कोरोना / किर्गिस्तान से लौटे 29 मेडिकल छात्र समेत रायपुर में 49 मरीज, प्रदेश में 63 नए संक्रमित

बिलासपुर के नवापारा बारीडीह पंचायत के प्राइमरी सरकारी स्कूल में इलाहाबाद से लौटा मजदूर अशोक कुमार अपने बच्चों ने मिलने शुक्रवार को क्वारेंटाइन सेंटर पहुंचे। उन्होंने गेट के बाहर से अपने बच्चे, पत्नी और बहन और बहनोई ही बातचीत की। उन्होंने बताया कि घर पर आज अच्छी सब्जी बनी थी, सोचा बच्चों को भी खिला दूं। फोटो : राजू शर्मा बिलासपुर के नवापारा बारीडीह पंचायत के प्राइमरी सरकारी स्कूल में इलाहाबाद से लौटा मजदूर अशोक कुमार अपने बच्चों ने मिलने शुक्रवार को क्वारेंटाइन सेंटर पहुंचे। उन्होंने गेट के बाहर से अपने बच्चे, पत्नी और बहन और बहनोई ही बातचीत की। उन्होंने बताया कि घर पर आज अच्छी सब्जी बनी थी, सोचा बच्चों को भी खिला दूं। फोटो : राजू शर्मा
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बिलासपुर के नवापारा बारीडीह पंचायत के प्राइमरी सरकारी स्कूल में इलाहाबाद से लौटा मजदूर अशोक कुमार अपने बच्चों ने मिलने शुक्रवार को क्वारेंटाइन सेंटर पहुंचे। उन्होंने गेट के बाहर से अपने बच्चे, पत्नी और बहन और बहनोई ही बातचीत की। उन्होंने बताया कि घर पर आज अच्छी सब्जी बनी थी, सोचा बच्चों को भी खिला दूं। फोटो : राजू शर्माबिलासपुर के नवापारा बारीडीह पंचायत के प्राइमरी सरकारी स्कूल में इलाहाबाद से लौटा मजदूर अशोक कुमार अपने बच्चों ने मिलने शुक्रवार को क्वारेंटाइन सेंटर पहुंचे। उन्होंने गेट के बाहर से अपने बच्चे, पत्नी और बहन और बहनोई ही बातचीत की। उन्होंने बताया कि घर पर आज अच्छी सब्जी बनी थी, सोचा बच्चों को भी खिला दूं। फोटो : राजू शर्मा

  • पहली बार राजधानी में मिले रिकाॅर्ड मरीज, एम्स के न्यूरोसर्जन समेत 8 पॉजिटिव
  • रायपुर में मरीजों की संख्या 324, जबकि प्रदेश में 2860, एक्टिव केस 595
  • रायपुर में मिले मरीज ज्यादातर होटलों में क्वारेंटाइन पर थे

दैनिक भास्कर

Jul 01, 2020, 09:13 AM IST

रायपुर. राजधानी में 24 घंटे में पहली बार कोरोना के 49 नए मरीज मिले हैं। इनमें सबसे ज्यादा किर्गिस्तान से लौटे 29 मेडिकल छात्र हैं। एम्स में एक न्यूरोसर्जन समेत 8 लोग संक्रमित हुए हैं। इनमें एक डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ, अस्पताल अटेंडेंट, कर्मचारी व सरकारी कांट्रेक्टर हैं। पीड़िताें में एयर ट्रैफिक कंट्रोलर भी है, जो हाल ही में तेलंगाना से लौटे हैं। पूरे प्रदेश में मंगलवार को 63 मरीजों की पहचान की गई। दुर्ग, राजनांदगांव, बेमेतरा व बलौदाबाजार में एक-एक मरीज मिले हैं। प्रदेश में अब तक मरीजाें की संख्या 2860 हो चुकी है। इनमें 595 एक्टिव केस हैं, जबकि 2250 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। 

रायपुर में जो मरीज मिले हैं, उनमें होटल अमित रिजेंसी से 20, होटल महिंद्रा से 12, होटल सिमरन से एक, होटल 1 स्टे से एक, आमासिवनी, जरवाय हीरापुर, अग्रोहा कॉलोनी, आमानाका, प्रोफेसर कॉलोनी, जामगांव, मोवा, कटोरातालाब व लोधीपारा से एक-एक मरीज शामिल हैं। जरवाय की युवती का एम्स में इलाज चल रहा है। एम्स में अभी तक दो न्यूरोसर्जन, एक कोरोना वार्ड उपप्रभारी के अलावा न्यूरोसर्जन की पत्नी संक्रमित हो चुकी है। यही नहीं एक महिला सीनियर रेसीडेंट भी पॉजिटिव हुईं है। पॉजिटिव मिलने वाले सभी मरीज खतरे से बाहर हैं।

नए मरीजों में किर्गिस्तान से लौटे मेडिकल छात्रों के अलावा एक होटल के दो कर्मचारी, एक हरियाणा से लौटा दुकानदार व एक होटल में ठहरा रेलवे कर्मचारी संक्रमित मिला है। अभी तक किर्गिस्तान से लौटे 80 से ज्यादा मेडिकल छात्र कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं। ये छात्र प्रदेश के विभिन्न जिलों से है। इनमें एक कांग्रेस विधायक का बेटा भी शामिल है। माेवा का मरीज इलेक्ट्रिशियन है। राजधानी में रिकाॅर्ड मरीज मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग के अफसरों ने अतिरिक्त सावधानी के निर्देश दिए हैं। जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एसके सिन्हा ने बताया कि नए मरीजों को अस्पताल में भर्ती कर दिया गया है। उनके संपर्क में आए लोगों की पड़ताल की जा रही है। 

लापरवाही पड़ रही भारी
लाॅकडाउन में छूट के बाद रायपुर ही नहीं पूरे प्रदेश में कोरोना के मरीज बढ़े हैं। कोरोना सेल के मीडिया प्रभारी डॉ. अखिलेश त्रिपाठी व सीनियर कैंसर सर्जन डॉ. युसूफ मेमन का कहना है कि लोगाें की सोच है कि उनके क्षेत्र में कोई मरीज नहीं है, इसलिए वे संक्रमित नहीं हो सकते। अथवा कोरोना से मृत्युदर काफी कम है, ये सोचकर कुछ लोग लापरवाही बरत रहे हैं। यही लापरवाही भारी पड़ रही है। लोगों को सोच बदलने के साथ जरूरी ऐहतियात बरतने की जरूरत है।

रायपुर में 30 दिन में मिले 309 मरीज : रायपुर में मरीजों की संख्या 324 पहुंच गई है। इनमें 309 मरीज 1 जून से 30 जून के बीच मिले हैं। यानी प्रतिदिन का औसत 10 से ज्यादा है। शहरी क्षेत्र में रोज नए मरीज मिलने से ग्रामीण क्षेत्र भी पीछे हो गया है। सबसे ज्यादा मरीज एम्स के डॉक्टर, नर्सिंग, पैरामेडिकल, हाउसकीपिंग व भर्ती मरीज हैं, जो संक्रमण के बाद कोरोना से पीड़ित हुए। इसके बाद किर्गिस्तान से लौटे मेडिकल स्टूडेंट हैं। मरीजों के संपर्क में आए परिवार के सदस्य भी हैं। प्रवासी मजदूरों की संख्या काफी कम है। एम्स के अलावा अंबेडकर अस्पताल, दो निजी अस्पतालों में भर्ती मरीज की रिपोर्ट पॉजिटिव आ चुकी है। 

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