गड़बड़ी / पीडीएस दुकानों से बांटा जा रहा 5 किलो कम राशन, एपीएल कार्ड धारकों को तो देते ही नहीं

सारथी चौक स्थित सरकारी उचित मूल्य की दुकान में लगी भीड़। सारथी चौक स्थित सरकारी उचित मूल्य की दुकान में लगी भीड़।
X
सारथी चौक स्थित सरकारी उचित मूल्य की दुकान में लगी भीड़।सारथी चौक स्थित सरकारी उचित मूल्य की दुकान में लगी भीड़।

  • दुकानदारों की दलील- आवंटन नहीं मिला जबकि मई में 21922 क्विं. राशन दिया गया

दैनिक भास्कर

Jun 02, 2020, 06:38 AM IST

रायपुर. शहर की राशन दुकानाें में एपीएल कार्डधारकों को राशन नहीं मिल रहा है। हालात ऐसे हैं कि दुकानों को मई माह में बीपीएल, अंत्योदय समेत सभी वर्ग के लोगों के लिए राशन का आवंटन किया गया। इसके बावजूद दुकानदार राशन का आवंटने के हवाले से एपीएल कार्डधारकों को राशन नहीं दे रहे हैं।
भास्कर को जानकारी मिली कि शहर में एपीएल कार्डधारकों को राशन दुकानों से राशन नहीं बांटा जा रहा है। टीम ने जब इसकी पड़ताल की तो सामने आया कि शहर समेत ग्रामीण क्षेत्रों की राशन दुकानाें से आवंटन नहीं होने के हवाले से लोगाें को वापस भेज दिया जा रहा है। जबकि खाद्य विभाग की वेबसाइट के अनुसार रायपुर जिले में सभी वर्ग के हितग्राहियों को ध्यान में रखते हुए 21 हजार 922 क्विंटल चावल का वितरण किया गया है। वहीं, रायपुर जिले में ही राशन कार्डधारकों की संख्या तकरीबन 4 लाख 83 हजार 164 है। इसके बावजूद हितग्राहियों को पूरे माह तक इंतजार करवाया जाता है। इसके बाद माह के अंत में राशन बचने पर ही एपीएल कार्डधारकों को इसका वितरण किया जाता है। जबकि राशन का आवंटन माह की शुरूआत में ही जारी कर दिया जाता है। जिसे डीडी जमा कर दुकान संचालक खरीदते हैं और वितरित करते हैं।
फेक्ट फाइल

  • 04 लाख 83,164 कुल राशन कार्डधारी
  • 58 हजार 899 अंत्योदय वर्ग
  • 02 हजार 973 निराश्रित वर्ग
  • 02 लाख 98 हजार 20 प्राथमिकता वर्ग
  • 819 नि:शक्तजन
  • 01 लाख 22 हजार 174 एपीएल वर्ग

राशन दे रहे 84 किलो एंट्री 89 किलो की
टीम ने पड़ताल की तो सामने आया कि उरला स्थित राशन दुकान आईडी-441006006 में हितग्राहियाें को प्रति सदस्य 7 किलो के हिसाब से राशन आवंटित करने का निर्देश दिया गया। वहीं, दुकान संचालक चावल 89 किलो की बजाय 84 किलो ही चावल का वितरण कर रहे हैं और 89 किलो की एंट्री खाद्य विभाग की वेबसाइट में कर रहे हैं। ऐसे में संचालक ग्राहकों के साथ विभाग को क्षति पहुंचा रहे हैं।
ऑफलाइन एंट्री कर की जा रही गड़बड़ी
राशन आवंटन में दुकान संचालक ऑफलाइन एंट्री की आड़ में भी गोलमाल कर रहे हैं। कोराेना के कारणा शासन ने ऑनलाइन एंट्री के लिए थम्ब के विकल्प काे हटाकर फोटाे का विकल्प चुना है। ऐसे में दुकान संचालक किसी का भी फोटो अपलोड कर राशन वितरण कर रहे हैं। साथ ही राशन बांटने के बाद इसकी एंट्री एक से दो दिन बाद कर रहे हैं।

आवंटन नहीं मिलने की बात कहकर लौटा रहे दुकानदार
-राकेश बाजपेयी ने बताया कि वे उरला में रहते हैं। राशन दुकान में एपीएल का आवंटन ही नहीं किया गया है बोलकर वापस भेज देते हैं।
-अमित कटियार ने बताया कि वे महोबा बाजार निवासी हैं। राशन दुकान से हर माह ऐसे ही लेटलतीफी की जाती है। हर माह ऐसा होता है।
-संतोषी नगर के निवासी राजेश निर्मलकर ने बताया कि वे हर माह वे दुकान संचालक से पूछते हैं, तो वह आवंटन नहीं होना बताते हैं और महीने के आखिरी में आने बोलते हैं।
-किशोर ध्रुव ने बताया कि उनका घर नेहरू नगर में है और वे सिविल लाइंस की राशन दुकान से राशन लेते हैं। जहां हर माह राशन एक तो लेट में देते हैं और चार से पांच किलो कम रहता है।

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना