बहन की शादी के लिए कारोबारी को लूटा:50 लाख की लूट के मास्टरमाइंड ने किया सरेंडर;लूट की रकम से पूरी करता था नशे की लत

रायपुर4 महीने पहले
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रायपुर पुलिस बीते 8 दिनों से जिस आरोपी को पुलिस ढूंढ रही थी, वो खुद चलकर सामने आ गया। शहर में हुई 50 लाख की लूट मामले का आरोपी अजय उर्फ अज्जू मीडिया के सामने पहुंचा और सरेंडर कर दिया। पुलिस इसे पूरे कांड का मास्टरमाइंड बता रही थी। मीडिया के लोगों के सामने अंजू ने कई हैरान करने वाले खुलासे किए हैं। फिलहाल अब एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट की टीम ने इसे गिरफ्तार कर लिया है। अज्जू से पुलिस की टीम अब पूरे वारदात को लेकर पूछताछ करेगी । 50 लाख की लूट केस में अज्जू ही फरार था। इससे पहले पुलिस ने बीते 3 दिनों में 14 बदमाशों को गिरफ्तार किया है जो वारदात में शामिल थे।

पुलिस की टीम अज्जू को साथ ले गई।
पुलिस की टीम अज्जू को साथ ले गई।

बहन की शादी के लिए चाहिए थे रुपए
अज्जू ने बताया कि उसने इस वारदात को अपनी बहन की शादी के लिए अंजाम दिया । रुपयों की जरूरत थी इसलिए वो डकैती में शामिल हुआ। इस कांड का दूसरा मास्टरमाइंड देवेंद्र अज्जू का दोस्त है। देवेंद्र के कहने पर वह इस लूट कांड में शामिल हुआ । घटना को अंजाम देने के बाद अज्जू को 3 लाख 5 हजार रुपए मिले, डेढ़ लाख उसने मां को दिए। 55 हजार रुपए के इसने कपड़े और दूसरी चीजों की शॉपिंग में उड़ा दी। इस लूट कांड में नाम सामने आने के बाद बहन की शादी भी टूट गई। वो हरियाणा में छिपा बैठा था और अब रायपुर आकर सरेंडर किया।

कारोबारी नरेंद्र पर हमला कर उन्हें लूटा गया।
कारोबारी नरेंद्र पर हमला कर उन्हें लूटा गया।

अज्जू को सरेंडर करवाने उसकी मां भी साथ मौजूद रही। अज्जू की मां ने बताया कि उसे इस वारदात के बारे में कोई भी जानकारी नहीं थी, मगर मीडिया में नाम सामने आने के बाद जब उसने अज्जू से पूछताछ की तो अज्जू ने अपना गुनाह कबूला। इसी वजह से वह अब अज्जू का सरेंडर चाह रही थी। हालांकि परिवार को डर है कि पुलिस या इस वारदात में शामिल अन्य आरोपी अज्जू और उसके परिवार को नुकसान पहुंचा सकते हैं। हालांकि उसकी मां ने ये भी कहा कि उसके बेटे को सजा मिलनी चाहिए।

आंखों में मिर्च डालने वाला था
मीडिया को दिए अपने बयान में अज्जू ने बताया कि 16 मई की वारदात में वह शामिल था। उसे व्यापारी की आंखों में मिर्ची छिड़कने की जिम्मेदारी दी थी। व्यापारी के दुकान से निकलते ही अज्जू अपनी बाइक पर अन्य साथियों के साथ पीछा करने लगा। पिछली सीट पर इसका साथी तिलक बैठा था, उसने कारोबारी को बत्ता मारकर गिरा दिया और अज्जू कैश वाला बैग लेकर भागा। सभी बदमाश अभनपुर इलाके के पास मिले और रुपए बांटकर फरार हो गए थे।

अज्जू के बाकी साथी गिरफ्तार हो चुके हैं।
अज्जू के बाकी साथी गिरफ्तार हो चुके हैं।

पहले भी लूटा कभी पकड़ा नहीं गया
अज्जू ने बताया कि इससे पहले भी कई राहगीरों को लूटने का काम कर चुका है। किसी के मोबाइल तो किसी के पास रखी नगदी को हमेशा डरा धमका कर छीन लिया करता था। अज्जू एक छोटे रेस्टोरेंट में हलवाई का काम करता था। इसका दोस्त देवेंद्र मैकेनिक है वो भी हमेशा इसके साथ आपराधिक वारदातों में साथ रहता था। 50 लाख लूट मामले में देवेंद्र अपने अन्य 14 साथियों के साथ गिरफ्तार हो चुका है।

पार्टी का शाैकीन अज्जू
कारोबारी से 50 लाख की लूट की घटना को अंजाम देने वाला अज्जू पार्टी करने का बेहद शौकीन है। इसने मीडिया से बताया कि लूट की रकम मिलते ही नशे की लत को पूरा करने और खाने पीने में पैसे उड़ाया करता था। पुराने कांड में जब मोबाइल लूटाकरता था तो इसे बेचकर दोस्तों को ढाबों में दावत दिया करता था। 50 लाख लूट कांड में शामिल सभी बदमाश युवकों को वो जानता है।

रुपयों को लेकर कंफ्यूजन बरकरार
अज्जू ने बताया कि कैश वाले बैग में 50 लाख थे या नहीं वो नहीं जानता। देंवेंद्र ने उसे बैग में 15 से16 लाख होने की बात बताई थी। अब तक इस केस में पुलिस को बदमाशों से 13 लाख के करीब रकम पुलिस को मिली है। अज्जू से मिले कैश के बाद ये राशि 16 लाख के करीब ही पहुंचेगी। लूट का शिकार हुए कारोबारी नरेंद्र खेतपाल और उसके बेटे ने दावा किया कि जिस वक्त वारदात हुई तब उनके पास 50 लाख रुपए से भरा हुआ बैग था जो बदमाश लूट कर भाग गए। ग्रामीण एसपी कीर्तन राठौर ने दैनिक भास्कर को बताया कि अब इस मामले में पुलिस ने कारोबारी को नोटिस दिया है, कारोबारी से इस बात की जानकारी मांगी गई है कि दावे के मुताबिक वो 50 लाख कहां से लेकर आया, इसका हिसाब दे।

वारदात की रात।
वारदात की रात।

यह हुआ था उस दिन

16 मई की रात डूमरतराई के थोक मार्केट से अनाज कारोबारी नरेंद्र खेतपाल अपने घर लौट रहे थे। पीछे से आए 9 बाइक सवारों ने घेर लिया, डंडे और स्टंप से बुरी तरह से पीटा। रुपयों से भरा बैग लेकर भाग गए। आरोपी जो बैग लेकर भागे उसमें कारोबारी के बैंक अकाउंट की डिटेल्स भी थे। बदमाशों ने कैश लूटने के बाद बैंक डिटेल के आधार पर कार्रवाई के खाते से भी रकम निकाली थी।