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तीसरी लहर से बच्चों को बचाना है:राजधानी में ही 14 साल तक के 5.53 लाख बच्चे, तीसरी लहर में दूसरी बीमारियों पर भी फोकस

रायपुर7 दिन पहले
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शहर में 5.53 लाख से ज्यादा बच्चों की उम्र 0 से 14 साल के बीच है। तीसरी लहर की आशंकाओं के बीच हेल्थ विभाग ने कोरोना के अलावा बच्चों की दूसरी बीमारियों के इलाज में कोई असर न पड़े, इसकी रणनीतिक तैयारी शुरु कर दी है। स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. आलोक शुक्ला के मुताबिक कोरोना की तीसरी लहर अगर आती है, तो उस स्थिति में भी कोरोना के इलाज के साथ-साथ बच्चों का टीकाकरण और अन्य बीमारियों का इलाज चलता रहे, इसकी रणनीति भी बनाई जा रही है। इसके लिए हर स्तर पर हेल्थ सेटअप का रिव्यू भी किया जा रहा है।

रायपुर शहर में कोरोना की पहली और दूसरी लहर में बच्चों के अन्य बीमारियों के इलाज की व्यवस्थाएं जिला अस्पताल पंडरी और कालीबाड़ी और डीकेएस अस्पताल में की गई। तीसरी लहर में भी इन तीनों ही जगह पर दूसरी बीमारियों के इलाज की व्यवस्था को जारी रखने का प्लान बन रहा है। डीकेएस में डॉ. अंबेडकर के पीडियाट्रिक सर्जरी का सेटअप शिफ्ट किया गया था। कालीबाड़ी में बच्चों के लिए 20 बिस्तरों की व्यवस्था है। जिसमें से 10 पीआईसीयू बेड हैं। यहां डॉ. अंबेडकर के बच्चों की ओपीडी पहले से ही शिफ्ट की गई है। पंडरी जिला अस्पताल में नवजात बच्चों के लिए 16 एनआईसीयू बेड हैं। बच्चों के इलाज के लिए डॉ. अंबेडकर अस्पताल के 11 पीडियाट्रिक डॉक्टर विशेषज्ञों की टीम है। बच्चों के लिए नर्स और पैरामेडिकल में करीब 100 लोगों का स्टॉफ है। अंबेडकर अस्पताल में वैकल्पिक रूप से कोरोना के अलावा बच्चों की अन्य बीमारियों के इलाज के लिए 60 बिस्तरों का एक अलग सेटअप भी रखा जा रहा है। इसमें 30 बेड पीआईसीयू और 10 बेड एनआईसीयू के रहेंगे।

5 साल तक के बच्चों के साथ मांं भी रहेंगी आईसीयू में
डॉ. अंबेडकर अस्पताल के क्रिटिकल केयर इंचार्ज डॉ. ओपी सुंदरानी के मुताबिक तीसरी लहर में बच्चों के इलाज के लिए नया ट्रीटमेंट प्रोटोकॉल बनाया जा रहा है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी की गई बच्चों के इलाज की गाइडलाइन की तरह ही यह प्रोटोकाॅल भी होगा। इलाज में ऐसे पॉजिटिव बच्चे जिनकी उम्र 5 साल से कम होगी, उनके साथ मां को भी पीआईसीयू में रहने की अनुमति दी जाएगी। प्रदेश में चूंकि होम आइसोलेशन के बेहतर नतीजे रहे हैं इसलिए ऐसे बच्चे जिनका इलाज घर पर ही हो सकता है। उनके लिए होम आइसोलेशन में क्या क्या सावधानियां रखनी है। इस पर भी खास ध्यान दिया जा रहा है। जल्द ही इलाज की गाइडलाइन फाइनल हो जाएगी।

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