मौसम में उतार-चढ़ाव:सुकमा में औसत से 56% ज्यादा बारिश 8 जिले ऐसे जहां बहुत कम बरसा पानी

रायपुर2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक

प्रदेश के 27 में से सिर्फ सुकमा जिले में ही अब तक औसत से 56 फीसदी ज्यादा बारिश हुई है। अधिक बारिश वाले जिलों की गैटेगरी में सिर्फ सुकमा का ही नाम है। यही नहीं, राज्य के 8 जिले कम वर्षा वाले क्लब में शामिल हो गए हैं। ऐसा बारिश की कमी के कारण हो रहा है। कम बारिश होने से पूरे प्रदेश का औसत भी घट गया है। शनिवार तक राज्य में 604.9 मिमी वर्षा हुई। यह औसत से 8% कम है। इस साल मानसून आने के बाद से अब तक बस्तर संभाग में कम बारिश हुई है।

सिर्फ सुकमा ही ऐसा जिला है जहां अच्छी वर्षा हो रही है। यहां अब तक 1018.7 मिमी बारिश हो चुकी है, जबकि औसत वर्षा 654.7 मिमी है। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि सुकमा में स्थानीय भौगोलिक परिस्थिति के कारण अधिक वर्षा हुई है, जबकि बस्तर, दंतेवाड़ा और कांकेर में काफी कम पानी गिरा है। पिछले सप्ताहभर से बारिश की कमी के कारण एक निम्न दाब का क्षेत्र उत्तर-पूर्व मध्य प्रदेश और उसके आसपास स्थित है, इसके साथ ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती घेरा 4.5 किलोमीटर ऊंचाई तक स्थित है। मानसून द्रोणिका बीकानेर, जयपुर, निम्न दाब के केन्द्र डाल्टनगंज, दीघा और उसके बाद पूर्व- दक्षिण-पूर्व की ओर होते हुए उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी तक स्थित है। एक ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती घेरा पश्चिम बंगाल और उससे लगे बांग्लादेश के ऊपर 2.1 किलोमीटर से 5.8 किलोमीटर ऊंचाई तक स्थित है। 8 अगस्त को प्रदेश के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने अथवा गरज चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना है। प्रदेश में अधिकतम तापमान में विशेष परिवर्तन होने की संभावना नहीं है।

खबरें और भी हैं...