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लॉकडाउन से टूटी संक्रमण की चेन:87 दिन यानी 4 मार्च के बाद राजधानी में 70 से कम मरीज

रायपुर20 दिन पहले
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  • 4 मार्च को मिले थे 67 मरीज, उसके बाद लगातार बढ़ी संख्या

रायपुर में शनिवार का दिन कोरोना संक्रमण को लेकर राहत पहुंचाने वाला रहा। शनिवार को पूरे जिले में केवल 61 मरीज मिले। इससे पूर्व 4 मार्च यानी 87 दिन पहले 67 मरीज मिले थे। उसके बाद कोरोना संक्रमितों की संख्या तेजी से बढ़ने लगी और अप्रैल के तीसरे हफ्ते में एक दिन में पॉजिटिव मरीज मिलने वालों की संख्या 4 हजार के पार पहुंच गई। उस समय पॉजिटिविटी रेट 57 फीसदी पहुंच गई थी। जांच करवाने वाले हर सौ संदिग्धों में 57 संक्रमित मिल रहे थे। अब सौ में केवल 4 ही संक्रमित मिल रहे हैं।

स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार अप्रैल के तीसरे हफ्ते में कोरोना का संक्रमण पीक पर था। 16 मई के बाद से स्थिति कंट्रोल में आनी शुरू हुई। और एक दिन में 400 से कम मरीज मिलने लगे। करीब 10 दिन यही स्थिति रही। 27 मई को मरीजों की संख्या 100 से कम हो गई। अब शनिवार को संख्या 4 मार्च वाली स्थिति में पहुंच गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि अभी जो केस आ रहे हैं, वे ज्यादातर हल्के लक्षण वाले हैं। यानी कोरोना का वायरस कमजोर पड़ गया है। इस वजह से संक्रमण तेजी से नहीं फैला पा रहा है। राजधानी में मरीज तेजी से कम होने की सबसे बड़ी वजह यही है।

मई लेकर आया राहत... 27 तारीख को 94 मरीज थे
मई का महीना राजधानी के लिए राहत लेकर आया है। मई की पहली तारीख से नए केस की संख्या जो कम होनी शुरू हुई। 1 मई को 1464 मरीज मिले थे। 2 मई को यह संख्या 1011 पर आ गई। उसके बाद से अब तक नए मरीजों की संख्या 1000 से ऊपर नहीं गई। पिछले सप्ताहभर से 300 से कम मरीज मिल रहे हैं। शहरी इलाकों में 80 फीसदी नए मरीज मिल रहे हैं। 28 मई को 140 में 113 शहरी, 27 मई को 94 में 66, 26 मई को 102 में 84, 25 मई को 217 में 184 व 24 मई को 175 में 111 मरीज नगर निगम यानी शहरी क्षेत्र के मरीज थे। बाकी अभनपुर, धरसींवा, खरोरा व तिल्दा ब्लॉक के केस थे। विशेषज्ञों का कहना है कि शहरी इलाकों में नए केस कम मिलना संक्रमण में कमी को दर्शाता है। जब पीक था, तब शहरी इलाके से 95 से 97 फीसदी मरीज मिल रहे थे।

लॉकडाउन से टूटी संक्रमण की चेन
रायपुर में 9 अप्रैल से लॉकडाउन लगाया गया था। 26 मई से मॉल, सुपर मार्केट व दूसरी दुकानों को खोलने की अनुमति दी गई है। लगभग डेढ़ महीने के लॉकडाउन से कोरोना संक्रमण की चेन टूटी है। डॉक्टरों का कहना है कि लॉकडाउन में लोग घर पर रहे। इससे एक-दूसरे में संक्रमण फैलने से रूका। जब मरीजों के मामले में राहत मिलने लगी तब कारोबार खोलने की अनुमति दी गई। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि मास्क व सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं किया गया तो संक्रमण दोबारा बढ़ने का खतरा बना रहेगा। अभी दुकानों में भीड़ बढ़ी है। अच्छी बात ये है कि नगर निगम व स्वास्थ्य विभाग मिलकर बाजारों में लोगांे की कोरोना जांच कर रहा है। इससे संक्रमितों की जल्द पहचान होगी व संक्रमण को रोकने में मदद मिलेगी।

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