प्रदेश में 5614 और रायपुर में 1499 नए केस:9 संक्रमितों की मृत्यु भी; 18 दिन में 30 हजार मरीज स्वस्थ अब पोस्ट कोविड प्रभाव पर अलर्ट

रायपुर10 महीने पहले
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छत्तीसगढ़ में स्वस्थ हो रहे मरीजों का औसत अब 17 सौ मरीज प्रतिदिन है, यानी कोविड संक्रमित इतने लोग रोजाना स्वस्थ हो रहे हैं। इधर, पिछले 24 घंटे में प्रदेश में 5614 नए केस मिले हैं, जिनमें रायपुर के 1499 मरीज भी शामिल हैं। प्रदेश में 9 संक्रमितों की मौत भी हुई है। इधर, डाक्टरों ने पोस्ट कोविड बीमारियों के प्रति भी लोगों को अलर्ट किया है। हालांकि विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि इस बार पोस्ट कोविड बीमारियां भी बेकाबू नहीं रहेंगी, जैसा पिछली बार ब्लैक फंगस के रूप में हुआ था।

एक्सपर्ट व्यू; तीसरी लहर के पोस्ट कोविड प्रभाव पता नहीं, सतर्कता जरूरी

असहज लगे तो डॉक्टर से मिलें
पहली और दूसरी लहर में संक्रमित हुए लोगों को बाद में ब्लैक फंगस के अलावा त्वचा रोग, बाल झड़ने की शिकायतें, सांस में दिक्कत, सीने में जलन, एसीडिटी, अपच, गैस, अनिद्रा, सिर भारी रहना, लंबे समय तक स्वाद और गंध कम तथा खांसी जैसी शिकायतें आ रही थीं। विशेषज्ञों का कहना है कि अब भी संक्रमित लोगों को अलग ठीक होने के बाद शरीर में किसी तरह का बदलाव या असहजता महसूस हो तो डॉक्टरों से संपर्क करना चाहिए। क्योंकि तीसरी लहर में पोस्ट कोविड प्रभाव कैसा होगा, यह अभी तक स्पष्ट नहीं है।

हर जिले में पोस्ट कोविड ओपीडी
स्वास्थ्य विभाग के अफसरों के मुताबिक कोरोना से स्वस्थ होने वाले मरीजों के लिए सभी जिलों में पोस्ट कोविड ओपीडी चलाई जा रही है। इसके अलावा सामान्य ओपीडी में भी लक्षण के आधार पर मरीज उस रोग से संबंधित ओपीडी में जाकर अपनी जांच करवा सकते हैं। एक्सपर्ट का कहना है कि इस लहर में बड़ी संख्या में बच्चे भी बीमार हुए हैं, इसलिए स्वस्थ होने के बाद बच्चों में हो रहे बदलाव को लेकर अभिभावकों को सतर्कता बरतनी चाहिए। किसी भी तरह की दिक्कत होने पर तत्काल डॉक्टरों से संपर्क करना चाहिए।

स्वस्थ होने वाले बढ़े

  • 245 मरीज जनवरी के पहले हफ्ते में ठीक हुए
  • 35 मरीज प्रतिदिन स्वस्थ यह पहले 7 दिन का औसत
  • 30 हजार से अधिक मरीज 18 दिन में स्वस्थ हुए
  • 1702 मरीज प्रतिदिन ठीक, इससे औसत बढ़ा

भास्कर एक्सपर्ट

  • डॉ. सुभाष मिश्रा, डायरेक्टर-एपिडेमिक, डॉ. ओपी सुंदरानी, सदस्य, ट्रीटमेंट कमेटी
  • डॉ. निलय मोझरकर, इंचार्ज, पीडिया कोविड, डॉ. अशोक भट्टर, सीनियर पीडियाट्रिशियन

सरकारी अस्पतालों में भर्ती होने वाले मरीजों को 100 की बजाए अब रोजाना 150 रुपए की मिलेगी खुराक
प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में भर्ती होने वाले मरीजों को अब सरकारी तौर पर दिनभर में 150 रुपए की डाइट या खुराक दी जाएगी। अर्था(खाना) मिलेगी। यानी मरीजों के 2 टाइम के नास्ते और खाने का मेन्यू 150 रुपए के हिसाब से बनेगा। राज्य सरकार ने डाइट के बजट में वृद्धि के आदेश जारी कर दिए हैं, जो तत्काल प्रभाव से अमल में लाने हैं। राज्य के सबसे बड़े 1252 बिस्तरों वाले अंबेडकर अस्पताल में नए मेन्यू को तैयार करने की कवायद शुरू हो गई है। 10 जानकारी के मुताबिक साल 2017 में तत्कालीन सरकार ने 60 रुपए की डाइट को बढ़ाकर 100 रुपए किया था।

अब इसमें सीधे 50 रुपए की वृद्धि की गई है, जो मरीजों के साथ-साथ अस्पताल प्रबंधनों के लिए एक बड़ी राहत है। विभागीय सूत्रों के मुताबिक यह वृद्धि बढ़ती महंगाई के मद्देनजर की गई है, क्योंकि मौजूदा महंगाई में वेंडर्स के लिए 100 रुपए में नास्ता व खाना मुहैया करवाना मुश्किल हो रहा था। खाने की गुणवत्ता भी प्रभावित हो रही थी। भास्कर टीम सोमवार को अंबेडकर अस्पताल पहुंची। यहां पर गर्भवती महिलाओं को सुबह के नाश्ते में 2 राजगिरे के लड्डू, 2 गुड़ पापड़ी, बिस्कुट, केला, पिस्ता-बादाम, काजू, केला व दूध दिया गया था। दोपहर के खाने में 3 तरह की सब्जी, दाल, रोटी और चावल परोसा गया था, क्योंकि इनकी डाइट की राशि पहले से 160 रुपए है। उधर, हाई प्रोटीन डाइट के दौर पर 2 सब्जियां (पनीर और छोले) के अलावा दाल और सब्जी-रोटी दी गई। हालांकि 2017 के बाद से खाना की गुणवत्ता, खाना पकाने व विवतरण की व्यवस्था में खासा सुधार हुआ है। मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में तो स्टील की थाली में पॉलिथिन रैप कर भोजन दिया जा रहा है।

जानें कब कितनी दरें
मार्च 2014 के पहले तक- 24 रुपए प्रति मरीज। 1 अप्रैल 2014 से मार्च 2017 तक- 60 रु. प्रति मरीज। 2017 के बाद से अब तक- 100 रु. प्रति मरीज। जनवरी 2022 से 150 रुपए प्रति मरीज डाइट होगी।

प्रदेश के सरकारी अस्पताल
प्रदेश में 6 सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पतालों, 27 जिला अस्पताल, सीएचसी, पीएसची, उप स्वास्थ्य केंद्रों समेत आयुर्वेद अस्पतालों में अब नई दरों पर खाना मुहैया करवाया जाएगा। नास्ते और सब्जियों के दिन तय हैं- सुबह का नास्ते में पोहा, उपमा, दलिया और इडली दी जाती है। - शाम के नास्ते में फूटे चने, भुनी मूंगफली, मुर्रा और खाखरा मिलता है। - सब्जी मौसम आधारित होती है। दाल भी 3 प्रकार की होती है, जो हर दिन अलग-अलग परोसी जाती है।

अंबेडकर अस्पताल का मेन्यू

  • सुबह नाश्ता- पोहा, दूध और फल।
  • दोपहर खाना- 2 रोटी, दाल, चावल, रसवाली और सूखी सब्जी।
  • शाम का नाश्ता- 1 कप चाय, फूटे चने, दूध, फल।
  • रात का खाना- 2 रोटी, दाल, हरी सब्जी, चावल, देसी चने की सब्जी।

बजट बढ़ाना जरूरी : डायटीशियन
डॉ. अंबेडकर अस्पताल रायपुर की डायटिशियन मोना जैन का कहना है कि खाद्य सामग्री महंगी हुई है, इसलिए खाने का बजट बढ़ाना जरूरी था। 150 रुपए प्रति मरीज के हिसाब से बजट तय हुआ है। मरीजों को जितनी अच्छी डाइट मिलेगी, वे उतनी जल्दी स्वस्थ होंगे।

4 साल बाद बढ़ा बजट
मरीजों के भोजन का बजट 4 साल पहले बढ़ाया गया था। कुछ माह से सभी की तरफ से महंगाई का हवाला देते हुए बजट में वृद्धि का प्रस्ताव आया था। शासन ने सहमति देते हुए आदेश जारी कर दिया है।
-डॉ. सीआर प्रसन्ना, आयुक्त, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग

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