लापरवाही का मिक्स डोज:कोविशील्ड की जगह कोवैक्सीन का दूसरा डोज लगाया, थाने पहुंची शिकायत; चीफ मेडिकल अफसर बोलीं- चिंता की बात नहीं

रायपुर4 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
8 अप्रैल को इन्हें पहला टीका लगा था। - Dainik Bhaskar
8 अप्रैल को इन्हें पहला टीका लगा था।

रायपुर के मेडिकल कॉलेज में एक शख्स को पहला टीका कोविशील्ड लगाया गया। जब वो दूसरी डोज लगवाकर स्लिप लेने पहुंचे तो कोवैक्सीन की डोज दी जा चुकी थी। 56 साल के डायबिटीज पेशेंट कामता प्रसाद उपाध्याय ये देखकर हड़बड़ा गए। साथ आए परिजन को इस बातें बताया। घर वालों ने काउंटर पर जाकर पूछा तो कोई जवाब देने को राजी नहीं हुआ। काफी देर तक कामता प्रसाद परेशान रहे। कोविशील्ड की जगह कोवैक्सीन लग जाने की बात सुनकर बाकी के लोग भी डर गए।

ये स्लिप टीकाकरण के बाद पकड़ा दी गई।
ये स्लिप टीकाकरण के बाद पकड़ा दी गई।

कामता प्रसाद के साथ मेडिकल कॉलेज गए उनके परिजनों ने बताया कि हमें काफी देर तक किसी ने कोई सही जवाब या आश्वासन नहीं दिया। वहां उन्होंने इसकी शिकायत की तो मौजूद स्टॉफ ने समझाया कि दूसरा टीका कोवैक्सीन लगने से कोई फर्क नहीं पड़ेगा। परिजनों ने लगातार जोर देकर यही बात लिखित में लेनी चाही तो टीकाकरण केंद्र में नोडल अधिकारी नहीं कहकर उनको टालते रहे।

मौत की आशंका के साथ घर वालों ने की शिकायत।
मौत की आशंका के साथ घर वालों ने की शिकायत।

हंगामे के हालात के बीच ये मामला मौदहापारा थाने पहुंच गया। घर वालों ने इस मामले की जानकारी थाने में देकर अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया और कार्रवाई की मांग की है। परिवार ने आवेदन में लिखा है कि अगर दूसरा टीका कोवैक्सीन लगाने से कामता प्रसाद को स्वास्थ्यगत कोई समस्या आती है तो इसका जिम्मेदार ये टीका केंद्र ही होगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी यहां तैनात अमले की है। कामता प्रसाद को 8 अप्रैल को कोविशील्ड का पहला डोज गोंदवारा के स्वास्थ्य केंद्र में लगाया गया था।

चिंता की बात नहीं
चीफ मेडिकल ऑफिसर डॉ. मीरा बघेल ने इस मामले में कहा है कि इस मामले की अब तक की जांच मे पाया गया कि इस शख्स से केंद्र पर टीका लगाते वक्त बार-बार पूछा गया कि उसने पहला टीका कौन सा लगाया था। संबंधित शख्स ने ही कोवैक्सीन पूछे जाने पर हां कहा था, इसलिए ऐसा हुआ। डॉ बघेल ने कहा कि मिक्स वैक्सीन पर भी स्टडी चल रही है। इस शख्स को दूसरा डोज लगने से कोई साइड इफेक्ट होता तो वो आधा घंटे में ही सामने आ जाता, इस मामले में ऐसा कुछ भी नहीं हुआ है, इसलिए चिंता करने की कोई बात नहीं है। हमने पूरी जांच की है, भविष्य में टीका लगवाने वाले भी इस बात का पूरा ध्यान रखें कि उन्हें पहला डोज कौन से टीका का लगा है।

खबरें और भी हैं...