CG में क्रिप्टोकरंसी पर बड़ी कार्रवाई:चायनीज मॉडल की तस्वीर के सहारे राजनांदगांव के करोबारी को ठगा, पुलिस ने फ्रीज किए विदेशी अकाउंट

रायपुर5 महीने पहले
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राजनांदगांव की पुलिस ने क्रिप्टोकरंसी के फर्जीवाड़े केस में बड़ी कार्रवाई की है। चायना के मशहूर “शा झू पान“ मामले में राजनांदगांव के SP, IPS संतोष सिंह ने करोड़ों रुपये की क्रिप्टोकरंसी फ्रीज करवाई है। बताया जा रहा है कि ये अपनी तरह का पहला मामला है जिसमें राजनांदगांव में FIR की गई है।

SP संतोष सिंह ने चायनीज का खाता फ्रीज करवा दिया।
SP संतोष सिंह ने चायनीज का खाता फ्रीज करवा दिया।

SP संतोष सिंह ने बताया कि ग्लोबल एंटी स्कैम ऑर्गेनाजेशन के मुताबिक ’शू झू पान’ स्कैमर्स दुनिया भर में लोगों से हर साल अरबों डॉलर की धोखाधड़ी करते हैं। ये मशहूर क्रिप्टोकरेंसी धोखधड़ी गैंग “शा झू पान“ (चीनी में अर्थ - रोमांटिक घोटाला) के नाम से ऑपरेट करता है। राजनांदगांव के रहने वाले डॉ अभिषेक पाल ने इस मामले में पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह से इस केस की शिकायत की थी।

इस मॉडल की तस्वीर के सहारे ठगी।
इस मॉडल की तस्वीर के सहारे ठगी।

ताइवान की मॉडल के हुस्न का जाल
कारोबारी को “एना-ली“ नाम की गैंग मेंबर में ने एक सोशल नेटवर्क साइट पर दोस्त बनाया। एना ली ने ताइवान की इंस्टाग्राम स्टार स्टेफनी की तस्वीरों के सहारे फर्जी आइडी से भरोसे में लिया। क्रिप्टोकरंसी में डील की बातें की, कुछ फायदा भी पहुंचाया जिससे शिकायतकर्ता को भरोसा हो जाए।

बातों में आकर अभिषेक पाल ने एना ली की बताई मेटाट्रेडर-5 नाम की कंपनी में 35,000 $ अमरीकी यानी की करीब 31 लाख रुपये का निवेश किया। इसमें मुनाफा हुआ तो रकम बढ़कर 68 लाख हो गई। मगर बाद में, जब पीड़ित ने अपना रूपये निकालने की कोशिश की, तो ठगों ने पीड़ित के खाते को फ्रीज कर दिया और ठगी की।

फेक आइडी बनाकर भरोसे में लिया।
फेक आइडी बनाकर भरोसे में लिया।

शिकायत मिलने के बाद खुद राजनांदगांव के SP संतोष सिंह ने इसकी जांच की। यह पता चला कि संदिग्ध “एना-ली“ ने ताइवान की मॉडल की तस्वीर लगाकर लोगों को ठग रही है। क्रिप्टोकरेंसी के खातों के ट्रांजेक्शन को पता किया गया। जानकारी मिली कि खातों से रकम का लेन-देन चायना के लियू कियांग, विंग सैन त्से और गुओ पैन नाम के लोग कर रहे हैं। राजनांदगांव पुलिस की पहल पर तीनों के खातों जिसमें करीब 4 करोड़ रुपए थे इसे फ्रीज कर दिया गया है। राजनांदगांव की पुलिस रकम जब्त करने और ठगों को पकड़ने की दिशा में काम कर रही है।

होती है अरबों डॉलर की ठगी
“शू झू पान“ स्कैम के शिकार भारत के कई लोग हो सकते हैं। ये एशियाई देशों में डिजिटल करंसी फ्रॉड करने वाला बड़ा ग्रूप है। ये हर साल अरबों डॉलर की ठगी करते हैं। दक्षिण-पूर्व एशिया में ये काफी एक्टिव बताय जाता है। इस गैंग के लोग पीड़ित को धोखा देने के लिए पीड़ित के साथ धीरे-धीरे दोस्ती का संबंध बनाते हैं। ये किसी बड़े कॉर्पाेरेट की तरह अपने कार्यालय चलाते हैं। जांच में ये बात सामने आई है कि 2000 से अधिक फर्जी सेल कंपनियां भी चलाई जा रही हैं। जिनका पता लंदन का है। सभी कंपनियों के डायरेक्टर चीन के निवासी है। 2021 में अमेरिकी खूफिया एजेंसी FBI ने केवल अमेरिका में इस तरह के घोटालों से 1 बिलियन अमरीकी डालर के नुकसान की सूचना दी है।

कारोबारी अपनी कमाई इसके जरिए बढ़ाने की ताक में रहते हैं।
कारोबारी अपनी कमाई इसके जरिए बढ़ाने की ताक में रहते हैं।

क्या होती है डिजिटल करेंसी?
क्रिप्टो करेंसी दरअसल, वित्तीय लेन-देन का एक जरिया है। बिल्कुल भारतीय रुपये और अमेरिकी डॉलर के समान, अंतर सिर्फ इतना है कि यह आभाषी है और दिखाई नहीं देती, न ही आप इसे छू सकते हैं। इसलिए इसे डिजिटल करेंसी भी कहते हैं। इसका पूरा कारोबार ऑनलाइन माध्यम से ही होता है। जहां एक ओर किसी भी देश की करेंसी के लेन-देन के बीच में एक मध्यस्थ होता है, जैसे भारत में केंद्रीय बैंक, लेकिन क्रिप्टो के कारोबार में कोई मध्यस्थ नहीं होता और इसे एक नेटवर्क द्वारा ऑनलाइन संचालित किया जाता है। यही कारण है कि इसे अनियमित बाजार के तौर पर जाना जाता है, जो पल में किसी को अमीर बना देता है और एक झटके में उसे जमीन पर गिरा देता है। लेकिन बावजूद इस उतार चढ़ाव के इसको लेकर लोकप्रियता बढ़ती ही जा रही है।

पुलिस की अपील
राजनांदगांव SP संतोष सिंह ने बताया कि इंटरनेट पर मिले किसी व्यक्ति के अनुरोध पर ऐसे किसी भी स्कीम में निवेश न करें। कोई इतना बड़ा मुनाफा देने वाली कोई स्कीम है तो समझिए वो ज्यादातर घोटाले होते हैं। क्रिप्टोकरेंसी स्वयं अत्यधिक अस्थिर और जोखिम भरी संपत्ति हैं। निवेश करने से पहले उचित शोध कर लेने से व्यक्ति ऐसे घोटालों के जाल में फंसने से बच सकता है।

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