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कैबिनेट बैठक:सभी जिलों में सस्ती दवा योजना, हाउसिंग बोर्ड के मकान की कीमतें घटी, रजिस्ट्री में भी छूट

रायपुर15 दिन पहले
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  • कमल विहार अब नगर निगम के जिम्मे, विधायकों को दोहरे पद का लाभ देने संशोधन विधेयक

प्रदेश के सभी 28 जिलों में मुख्यमंत्री सस्ती दवा योजना की शुरुआत की जाएगी। इसके तहत जिला अस्तपालों में जेनरिक दवाओं की बिक्री की जाएगी। इसी तरह हाउसिंग बोर्ड के मकानों को 16 फीसदी तक सस्ते किए जाएंगे। वहीं जमीन,मकान और फ्लैट की रजिस्ट्री में मई 2022 तक छूट दे दी गई है। जबकि विवादित लेमरू प्रोजेक्ट का दायरा अब कम नहीं करने का फैसला भी भूपेश कैबिनेट की बैठक में लिया गया है।

सरकार के प्रवक्ता रविन्द्र चौबे ने बताया कि प्रदेश के 18 में से 17 कोल ब्लॉकों की नीलामी को सहमति प्रदान की गई है। वहीं हाउसिंग बोर्ड की प्रदेशभर की 58 कॉलोनियों को स्थानीय निकायों को तथा आरडीए के अंतर्गत कमल विहार योजना के पूरे हो चुके इंद्रप्रस्थ फेस-1-2, ट्रांसपोर्ट नगर एवं व्यवसायिक क्षेत्र को नगर निगम रायपुर को हस्तांतरित किया जाएगा।

इसी तरह मानसून सत्र में पेश किए जाने वाल,प्रथम अनुपूरक बजट, छत्तीसगढ़ निजी विवि स्थापना एवं संचालन संशोधन विधेयक,विधायकों के निरर्हता निवारण अधिनियम, 1967 संशोधन विधेयक को मंजूरी दी गई। निरर्हता विधेयक के जरिए सरकार निगम-मंडलों में नियुक्त विधायकों को दोहरे पद का लाभ देने जा रही है। वहीं मछली पालन को कृषि के समान विद्युत दर, सिंचाई दर एवं संस्थागत ऋण उपलब्ध कराने के प्रस्ताव का भी मंजूरी दी।

इसी तरह दिवंगत आईएएस चंद्रकांत उइके की पत्नी रमा उइके को आदिम जाति विभाग में द्वितीय श्रेणी पद पर नियुक्ति और कर्नल रजनीश शर्मा की एक साल की सेवावृद्धि की गई है। 2016 बैच के नायब तहसीलदार से तहसीलदार के पद पर पदोन्नति हेतु छत्तीसगढ़ जूनियर प्रशासकीय सेवा भर्ती नियम 1980 की में निर्धारित पांच वर्ष के सेवा काल में अधिकतम एक साल में एक बार छूट दिया जाएगा।

वहीं 1.45 लाख टन की नीलामी तथा परिवहन का निर्णय लिया गया और मां कुदरगढ़ी एल्युमिना रिफाइनरी चिरंगा में स्थापित की जा रही है। इसे सीएसआईडीसी से खनिज बॉक्साइट हेतु स्वीकृत खनि पट्टा क्षेत्रों से अधिकतम 2.5 मिलियन टन बॉक्साइट अयस्क देने के लिए लॉग टर्म लिंकेज पॉलिसी का अनुमोदन किया गया।

विश्वस्तरीय शिक्षण संस्थान

  • नवा रायपुर के 20 एकड़ जमीन में 50 करोड़ रूपए से विश्व स्तरीय शिक्षण संस्थान की स्थापना की जाएगी। इसके निर्माण के लिए माशिमं 15 करोड़, राज्य ओपन स्कूल 10 करोड़ और व्यावसायिक परीक्षा मंडल 25 करोड़ रूपए देगी।

नवा रायपुर में शहीद वीर नारायण स्मारक
नवा रायपुर की 6.42 एकड़ जमीन पर शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक एवं संग्रहालय की स्थापना
चंदूलाल चन्द्राकर मेडिकल कॉलेज दुर्ग के अधिग्रहण विधेयक का अनुमोदन
किसान न्याय योजना में रागी भी शामिल
जिलाें की मंडियों में भूमि की उपलब्धता के आधार पर सी-मार्ट की स्थापना।
राज्य कृषक कल्याण परिषद में सदस्यों की संख्या 10 से बढ़ाकर 21 की गई।
गोधन न्याय योजनांतर्गत उत्पादित खाद को सुपर कम्पोस्ट प्लस के नाम से 6.50 रूपए प्रति किलो की दर से बेचा जाएगा।
कमल विहार के इंद्रप्रस्थ फेस-1-2, ट्रांसपोर्ट नगर एवं व्यवसायिक क्षेत्र को नगर निगम रायपुर को हस्तांतरित किया जाएगा।
लघु वनोपज संघ द्वारा स्वयं या पीपीपी मोड पर बनाई गई आयुर्वेदिक दवाओं, हर्बल उत्पादों के संबंध में छत्तीसगढ़ भण्डार क्रय नियम के नियम 8 में संशोधन किया जाएगा।
38.944 एकड़ भूमि का आवास एवं सिरगिट्टी में बस स्टैंड परिसर नगर निगम बिलासपुर को दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना के पूरक प्रस्ताव काे हरी झंडी।

दवा उद्योगों को भारी छूट, 50 फीसदी दवा भी खरीदेगी
दवा उद्योगों के लिए औद्योगिक नीति 2019-24 में विशेष प्रोत्साहन पैकेज काे मंजूर किया। इसका लाभ उन्हीं उद्योगों को मिलेगा जो पैकेज घोषणा की तिथि से पहले राज्य सरकार के साथ एमओयू कर चुके हैं तथा ऐसी इकाईयां जो 15 करोड़ से अधिक का स्थायी फंडिग 31 अक्टूबर 2024 तक या इससे पहले उत्पादन शुरू कर सकें। इसके अंतर्गत आर्थिक निवेश प्रोत्साहन अधिकतम निवेश सीमा 20 करोड़ तक देय होगी।

लेमरु का दायरा नहीं घटेगा
कैबिनेट ने लेमरू एलिफेंट प्रोजेक्ट का क्षेत्रफल घटाने के प्रस्ताव को खारिज कर दिया। पिछले दिनों क्षेत्रफल घटाने को लेकर करीब आधा दर्जन विधायकों ने सरकार को प्रस्ताव दिया था। इस सिलसिले में चिट्ठी लिखी थी मगर कैबिनेट ने प्रस्ताव को खारिज कर दिया और 1995 किलोमीटर क्षेत्र पर ही लेमरू एलिफेंट प्रोजेक्ट रहेगा।

16 फीसदी कम में हाउसिंग बोर्ड के मकानों की बिक्री
इसी तरह हाउसिंग बोर्ड की संपत्तियों को लागत मूल्य पर बेचने एवं भाड़ा क्रय योजना तथा वन टाइम सेटेलमेंट लागू करने का फैसला किया गया है। सभी को अंतिम किश्तों के भुगतान पर कुल ब्याज में 15 फीसदी छूट देने का निर्णय लिया गया है। इसी तरह हाउसिंग बोर्ड की 14 कॉलोनियों एवं 7 व्यावसायिक परिसर को लागत मूल्य पर बेचने का भी फैसला लिया गया है। इससे मकानों की कीमत औसत रूप से 16.5 प्रतिशत कम होगी। कोरोना संक्रमण को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने 75 लाख से कम की जमीनों, मकानों और फ्लैट्स की रजिस्ट्री में दो प्रतिशत का पंजीयन शुल्क पर 31 मई 2022 तक छूट जारी रखने का फैसला लिया है। वहीं इन जमीनों की बाजार मूल्य पर पंजीयन शुल्क 30 फीसदी तक छूट जारी रहेगी।

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