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मौसम का हाल:दोपहर बाद छाए बादलों से गिरा राजधानी का तापमान, कई इलाकों में जमकर बारिश

रायपुरएक महीने पहले
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राजधानी में दोपहर बाद घने बादलों ने जमकर पानी बरसाया। करीब आधे घंटे में दस मिमी बारिश हो गई। हालांकि शहर के आउटर में हल्की बूंदाबांदी ही हुई। मौसम विज्ञानियों का कहना है दोपहर में गर्मी के कारण शहर के अलग-अलग स्पॉट में बने कम दबाव के क्षेत्र के कारण कहीं ज्यादा तो कहीं कम बारिश हुई। शहर के भीतर हुई तेज बारिश के कारण तापमान में सामान्य की अपेक्षा तेजी से गिरावट दर्ज की गई। शनिवार को भी शहर में दोपहर बाद या शाम-रात में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है।

चार-पांच तूफानी सिस्टम के असर से प्रदेश में दाखिल हुई समुद्री हवा और बादल शुक्रवार को दोपहर के बाद राजधानी में अंधड़ के साथ बरसे। बारिश रुकने के तुरंत बाद ही मौसम साफ हो गया, लेकिन आधे घंटे में ही शहर इतना तर हो गया कि गर्मी लगभग गायब हो गई। उसके पहले राजधानी में दिन का तापमान 37 डिग्री के आसपास था। दोपहर 2 बजे के बाद समुद्र की ओर से ठंडी और नमीयुक्त हवा आनी शुरू हुई। अलग-अलग स्थानों में दोपहर को हल्की गर्मी की वजह से स्थानीय स्तर पर कम दबाव के क्षेत्र बने, जहां बादल अंधड़ के साथ पहुंचे। दोपहर बाद करीब पांच बजे से बारिश शुरु हुई। 6 बजे तक इन्हीं बादलों की वजह से रुक-रुककर लगभग सभी जगह बारिश हुई। राजधानी के लालपुर मौसम केंद्र में इस दौरान हल्की बारिश रिकार्ड हुई, लेकिन घने शहरी इलाके में आधा घंटे में दो पारी में लगभग एक सेमी बारिश का अनुमान है। रायपुर के अलावा पेंड्रारोड में भी करीब 15 मिमी पानी बरसा। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि पिछले 24 घंटे के दौरान भी राज्य में कई जगहों पर अच्छी वर्षा हुई। बालोद में सर्वाधिक 40 मिमी वर्षा हुई। लोहंडीगुड़ा व रायगढ़ में 30-30, सूरजपुर में 20, ओड़गी, डोंगरगढ़, प्रतापपुर, भैयाथान में 10-10 मिमी पानी गिरा।

कई सिस्टम के असर से
छत्तीसगढ़ के पड़ोसी राज्यों के आसपास इस समय बारिश कराने वाले कई सिस्टम बने हुए हैं। इन सिस्टम की वजह से समुद्री हवा तेजी से प्रदेश से होकर गुजर रही हैं। लालपुर मौसम केंद्र के मौसम विज्ञानी एचपी चंद्रा के अनुसार उत्तर अंदरूनी कर्नाटक के ऊपर 0.9 किमी ऊंचाई पर चक्रीय चक्रवाती घेरा है। एक द्रोणिका अंदरूनी कर्नाटक से दक्षिण केरल तक 0.9 किमी ऊंचाई पर है। उत्तर मध्यप्रदेश के ऊपर 1.5 किमी ऊंचाई पर चक्रवात है। पूर्व-पश्चिम द्रोणिका उत्तर-मध्य मध्यप्रदेश से झारखंड होते हुए पश्चिम बंगाल तक है। एक अन्य द्रोणिका उत्तर-मध्य मध्यप्रदेश से मराठवाड़ा तक 0.9 किमी ऊंचाई पर है।

आज भी कई जगह बौछारें पड़ने के आसार
छत्तीसगढ़ के दक्षिण और उत्तरी हिस्सों वाले पड़ोसी राज्यों के आसपास बने इन सिस्टम के कारण समुद्री हवा बड़े पैमाने पर इन सिस्टम के आसपास पहुंच रही है। इससे राज्य में नमी काफी बढ़ गई है। 8 मई शनिवार को भी राजधानी समेत प्रदेश में कुछ जगहों पर हल्की वर्षा होने या गरज-चमक के साथ छीटे पड़ने की संभावना है। कुछ जगहों पर गरज-चमक के साथ अंधड़ भी चलेगी।

प्रदेशभर में तापमान कम
प्रदेश में आज सुबह से आर्द्रता कुछ अधिक थी। इस वजह से दिन का तापमान सभी जगह कम रहा। सबसे ज्यादा तापमान बिलासपुर और दुर्ग में 39.2 डिग्री रिकार्ड किया गया। बिलासपुर में पारा सामान्य से चार और दुर्ग में दो डिग्री कम रहा। रायपुर में पारा 37.4 डिग्री रिकार्ड किया गया, जो नार्मल से चार डिग्री कम था। अन्य जगहों पर पारा 32 से 36 डिग्री के बीच रहा। सभी जगह तापमान नार्मल से तीन से पांच डिग्री तक कम रिकार्ड किया गया। शुक्रवार शाम हुई अचानक बारिश से दिन में ही अंधेरा होने के कारण गाड़ियों की लाइट जलानी पड़ी और घर लौट रहे लोगों को यहां-वहां सिर छुपाने को मजबूर होना पड़ा। लोगों को मई के महीने में ही बारिश के सीजन जैसा अहसास हुआ।

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