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भास्कर एक्सक्लूसिव:तीसरी लहर के बारे में एम्स डायरेक्टर बोले-गले से नीचे नहीं उतर रहा संक्रमण, 12 दिन में आ सकता है पीक

रायपुर5 महीने पहले
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प्रदेश में अभी कोरोना का संक्रमण पहली और दूसरी लहर की तुलना में तेजी से बढ़ रहा है। इस लहर में एक अंतर ये भी है कि ज्यादा मरीज होम आइसोलेशन में हैं, यानी घर पर ही इलाज करा रहे हैं। इस बीच ये चर्चा भी शुरू हो गई है कि तीसरी लहर का पीक कब तक आएगा? मरीजों को होम आइसोलेशन में क्या सावधानियां रखनी चाहिए?...लोगों के मन में कोरोना को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। एम्स रायपुर के डायरेक्टर डॉ. नितिन एम नागरकर अपनी कलम से कोरोना के पीक की संभावना से लेकर होम आइसोलेशन में बरती जाने वाली सावधानियां बता रहे हैं...

भास्कर एक्सक्लूसिव; 12 दिन में आ सकता है पीक, 50% से ज्यादा संक्रमण दर पहुंचने की आशंका
जिस तेजी से प्रदेश में कोरोना के नए केस बढ़ रहे हैं। उसे देखते हुए लगता है कि अगले 12 दिन यानी करीब दो हफ्ते में प्रदेश में तीसरी लहर का पीक आ सकता है। तीसरी लहर के पीक में संक्रमण की मौजूदा दर 10 प्रतिशत बढ़कर 50 प्रतिशत या इससे अधिक पहुंचने की आशंका भी है। हालांकि इस लहर के पीक में कितने केस आएंगे ये जांच के अनुपात पर ही निर्भर करेगा। पीक में कितने केस आएंगे ये कहना थोड़ा मुश्किल है, लेकिन संक्रमण की दर का एक अनुमान लगाया जा सकता है। पिछली दो लहरों में जहां कोविड इंफेक्शन मरीजों के चेस्ट, लंग्स आदि में देखा जा रहा था।

अभी की स्थिति वैसी नहीं है। ज्यादातर मरीजों में बुखार, सर्दी, गले में खराश जैसे लक्षण देखें जा रहे हैं। डेल्टा वैरिएंट में गले के नीचे इंफेक्शन बहुत अधिक देखा गया है। ओमिक्रॉन में वैसी स्थिति अब नहीं है। अधिकांश मरीज माइल्ड यानी हल्के लक्षण वाले ही है। आगे इंफेक्शन की क्या स्थिति रहेगी ये देखना जरूरी है, वैरिएंट में बदलाव हो सकता है। इसलिए सतर्कता जरूरी है। हमने देखा है कि दक्षिण अफ्रीका या दुनिया के दूसरे देशों में ओमिक्रान के कारण जो स्थिति बनी वहां भी एक माह के अंदर ही पीक आकर निकल गया ऐसी स्थिति छत्तीसगढ़ में भी रह सकती है। होम आइसोलेशन में घर में अलग कमरे में रहें। कमरे में वेंटिलेशन के इंतजाम होने चाहिए। मरीज का बाथरूम बाकी सदस्यों से अलग रहना चाहिए।
-एम्स डायरेक्टर डॉ. नितिन एम नागरकर

अस्पतालों में बढ़ सकती है मरीजों की संख्या
तीसरी लहर के पीक में संक्रमण की दर में 50 या इससे अधिक प्रतिशत बढ़ोतरी हो सकती है। अभी 100 में 10 लोग संक्रमित हैं तो आगे 100 में से 50 या इससे अधिक प्रतिशत तक संक्रमण दर पहुंच सकती है। पीक में संक्रमण में बढ़ोतरी के साथ अस्पताल में भर्ती मरीजों की संख्या भी बढ़ सकती है। वैसे इस लहर के बारे में जैसा ट्रेंड देखा जा रहा है, उसके मुताबिक पीक अब जल्दी आने वाला है। फरवरी के अंत तक इस लहर की पूरी विदाई भी हो सकती है।
-डॉ. ओपी सुंदरानी, सदस्य, कोरोना ट्रीटमेंट कमेटी