परीक्षाओं पर लॉकडाउन का असर:छत्तीसगढ़ में नर्सिंग की सभी परीक्षाएं स्थगित, काेरोना मरीजों के इलाज में लगेगी स्टूडेंट्स की ड्यूटी

रायपुर10 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
भाजपा सांसद रामविचार नेताम ने परीक्षा को स्थगित करने के लिये मुख्यमंत्री को पत्र भी भेजा था। - Dainik Bhaskar
भाजपा सांसद रामविचार नेताम ने परीक्षा को स्थगित करने के लिये मुख्यमंत्री को पत्र भी भेजा था।
  • पं. दीनदयाल उपाध्याय स्मृति स्वास्थ्य विज्ञान एवं आयुष विश्वविद्यालय से सूचना जारी
  • 22 अप्रैल से होनी थी परीक्षाएं, ऑनलाइन परीक्षा की मांग कर रहे थे नर्सिंग कॉलेजों के विद्यार्थी

छत्तीसगढ़ की विभिन्न परीक्षाओं पर लॉकडाउन जारी है। अब नर्सिंग पाठ्यक्रमों की सभी परीक्षाओं को स्थगित कर दिया गया है। देर शाम पं. दीनदयाल उपाध्याय स्वास्थ्य विज्ञान एवं आयुष विश्वविद्यालय के कुलसचिव ने इसका आदेश जारी कर दिया। वहीं चिकित्सा शिक्षा विभाग ने नर्सिंग के विद्यार्थियों की सेवाएं कोरोना के मरीजों के इलाज और प्रबंधन में लगाने का आदेश जारी किया है।

आयुष विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. राजेश हिशिकर ने 10 अप्रैल को जारी शासनादेश का चिकित्सा शिक्षा संचालक के पत्र का हवाला देते हुए विद्यार्थियों के लिये सूचना जारी की है। इसके मुताबिक एमएससी नर्सिंग, पोस्ट बेसिक नर्सिंग और बीएससी नर्सिंग की परीक्षाएं आगामी आदेश तक स्थगित की जाती हैं। इन तीनों पाठ्यक्रमों के विभिन्न वर्षों की परीक्षाएं 22 अप्रैल से 12 मई तक प्रस्तावित थीं। प्रदेश भर में बीएससी पाठ्यक्रमों के लिए 18 और एमएससी के लिये 9 परीक्षा केंद्र बनाये गये थे। नर्सिंग के विद्यार्थी पिछले महीने से ही इस परीक्षा का विरोध कर रहे थे। उनका कहना था कि महामारी के दौरान परीक्षा देना उनके लिये मुश्किल होगा। उन्होंने ऑनलाइन परीक्षा की मांग की थी। भाजपा सांसद रामविचार नेताम ने परीक्षा को स्थगित करने के लिये मुख्यमंत्री को पत्र भी भेजा था।

आयुष विश्वविद्यालय के कुलसचिव की ओर से जारी सूचना।
आयुष विश्वविद्यालय के कुलसचिव की ओर से जारी सूचना।

संचालक ने ड्यूटी लगाने के दिये निर्देश

इधर चिकित्सा शिक्षा संचालक ने सभी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों और चिकित्सा महाविद्यालयों के अधिष्ठातागण को पत्र लिखकर नर्सिंग विद्यार्थियों की ड्यूटी लगाने के लिए निर्देशित किया है। सरकार के निर्देशों का हवाला देते हुए संचालक ने लिखा है कि एमएससी नर्सिंग के प्रथम और द्वितीय वर्ष, बीएससी नर्सिंग के तृतीय वर्ष और पोस्ट बेसिक बीएससी नर्सिंग के प्रथम तथा द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों की ड्यूटी लगाई जाये। जीएनएम पाठ्यक्रम के अंतिम वर्ष के छात्र-छात्राओं की भी ड्यूटी लगाने को कहा गया है।

खबरें और भी हैं...