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छत्तीसगढ़ के अफसरों को पुलिस सेवा मेडल की घोषणा:एडीजी विवेकानंद को राष्ट्रपति पदक मिलेगा, अजय यादव, बीएन मीणा, अभिषेक पल्लव सहित 7 को सम्मान

रायपुर2 महीने पहले
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गणतंत्र दिवस के अवसर पर पुलिसकर्मियों के लिए राष्ट्रपति सम्मान की घोषणा हो गई है। एडीजी विवेकानंद को इस साल विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक से नवाजा जाएगा। वहीं दुर्ग एसपी अभिषेक पल्लव और अजय यादव को बहादुरी के लिए पुलिस मेडल से सम्मानित किया जाएगा।

एडीजी विवेकानंद।
एडीजी विवेकानंद।

पुलिस के वीरता पदक की सूची में इंस्पेक्टर वैभव मिश्रा, एसआई अश्विनी सिन्हा, एसआई उत्तम कुमार, एसआई यशवंत श्याम, हेड कांस्टेबल उसारू राम कोर्राम, एपीसी कृशपाल सिंह कुशवाह का नाम शामिल है। कुशवाह को यह पदक मरणोपरांत दिया जा रहा है।

दुर्ग एसपी अभिषेक पल्लव।
दुर्ग एसपी अभिषेक पल्लव।

केंद्रीय गृह मंत्रालय पुलिस सेवा में विशिष्ट और उल्लेखनीय योगदान करने वाले जवानों-अफसरों को हर साल विभिन्न पदकों से सम्मानित करता है। यह मेडल तीन श्रेणियों में दिये जाते हैं। इस साल की सूची में राष्ट्रपति पदक के लिए एक नाम है।

बीएन मीणा बिलासपुर आईजी।
बीएन मीणा बिलासपुर आईजी।

बीएन मीणा ने हाल में बिलासपुर आईजी का कार्यभार संभाला था। बद्री नारायण मीणा 2004 बैच के आइपीएस अफसर हैं। मीणा ने अब तक प्रदेश के सबसे ज्यादा जिलों में कप्तानी संभालने का रिकार्ड बनाया है। उन्होंने बलरामपुर जिले से एसपी के रूप में अपनी सेवाओं की शुरुआत की थी। जिसके बाद वे कवर्धा, राजनांदगांव, जगदलपुर, कोरबा, बिलासपुर, रायपुर और रायगढ़ जिले की कमान भी संभाल चुके हैं।

इंटेलिजेंस आईजी अजय यादव।
इंटेलिजेंस आईजी अजय यादव।

दो महीने पहले अजय यादव रायपुर आईजी बनाए गए थे। उन्हें इंटेलिजेंस का भी आईजी बनाया गया है। अजय कुमार यादव साल 2004 के भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी हैं। वो रायपुर के SSP रह चुके हैं।

अजय यादव की सिफारिश में लिखा विभाग का पत्र
अजय यादव 2004 बैच के आईपीएस अफसर हैं। आईपीएस से पहले वे इंडियन डिफेंस एकाउंट्स सर्विस के अधिकारी रहे हैं। उन्हें अपनी निष्ठा और प्रतिबद्धता के लिए जाना जाता है। जो पत्र जारी किया गया है, उसमें लिखा गया है कि पुलिस की विश्वसनीयता बढ़ाने में उनका अहम योगदान रहा है। उन्होंने अपने कैरियर की शुरुआत दंतेवाड़ा में एडिशनल एसपी के तौर पर की। घोर नक्सल जिला नारायणपुर, बस्तर और कांकेर जैसे जिलों में एसपी के तौर पर कार्य किया। एसपी कांकेर के रूप में उन्होंने 27 नए शिविर (सीओबी) स्थापित किए। पांच नई शामिल बीएसएफ बटालियनों को तैनात किया और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में आवश्यक बुनियादी ढांचे का निर्माण किया। नारायणपुर और कांकेर में 6 नए थाने स्थापित किए गए। अजय यादव को नारायणपुर में शांतिपूर्ण हिंसामुक्त चुनाव कराने का श्रेय भी दिया गया। उनके द्वारा आमचो बस्तर आमचो पुलिस अभियान को बड़ी सफलता मिली। इससे नक्सलियों से घिरे आदिवासियों में पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ा और अभियानों में सफलता हासिल हुई। 2010 में अजय यादव को पीएमजी से भी अलंकृत किया जा चुका है। एसएसपी बिलासपुर और रायपुर रहते हुए भी उन्होंने कीर्तिमान गढ़े। उनका फोकस हमेशा बेसिक पुलिसिंग पर रहा और क्राइम डिटेक्शन रेट उनके समय सभी जिलों में सबसे ज्यादा रहा। उन्हें अंतरराज्यीय ड्रग नेक्सस को कुचलने का भी श्रेय है। MASKUP रायपुर जैसे नए अभियानों की शुरुआत भी उन्होंने की, जिसमें 5 लाख से अधिक मास्क वितरित किए गए। एसएसपी दुर्ग के रूप में, उन्होंने महिला सुरक्षा के लिए महिला रक्षा टीमों को मजबूत किया और बड़े पैमाने पर साइबर जागरूकता पैदा करने के लिए साइबर संगी शुरू की। एसपी जांजगीर के रूप में, उन्होंने दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को सफलतापूर्वक 10% तक कम किया। इतना ही नहीं, कमांडेंट 5वीं बटालियन के रूप में, उन्होंने एक नई फायरिंग रेंज विकसित की। डीआईजी सुरक्षा के रूप में उन्होंने विधायी और जीई (2018-19) में सुरक्षा बलों की तैनाती की योजना बनाई। इस कार्यकाल के लिए उन्हें डीजी सीआरपीएफ, डीजीपी और आईजी से प्रशंसा पत्र मिल चुके हैं। अजय यादव के बारे में माना जाता है कि उन्होंने हमेशा अपने अधीनस्थों के लिए स्टैंड लिया और उनका मनोबल हमेशा उच्च रखा।

इसके साथ ही वीरता के लिए पुलिस मेडल सात अफसरों-जवानों को मिलेगा। वहीं 10 अफसरों-जवानों को सराहनीय सेवा पदक से सम्मानित करने के लिए चुना गया है।

इनको मिलेगा वीरता के लिए मेडल

इनको उनकी सराहनीय सेवाओं के लिए सम्मान

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