स्वास्थ्य विभाग:मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए एप इसमें खाली बिस्तरों की सूचना भी

रायपुरएक महीने पहले
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मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए स्वास्थ्य विभाग नया मोबाइल एप बना रहा है। इसमें मरीजों के ब्योरे के साथ ये जानकारी भी रहेगी कि किस अस्पताल में बिस्तर खाली है और कहां नहीं। एप में बिस्तर की स्थिति देखने के बाद जहां बेड खाली होंगे, वहीं मरीज को रिफर किया जाएगा। नए एप का इसका इस्तेमाल हेल्थ वर्कर, नेत्र सहायक अधिकारी करेंगे। मोबाइल एप का उपयोग मोतियाबिंद मरीजों की स्क्रीनिंग और सर्वे में भी किया जाएगा।

हेल्थ वर्कर सर्वे के दौरान स्पॉट पर ही मरीजों के नाम पते संपर्क के नाम जैसी सभी जरूरी जानकारी एप में रजिस्टर्ड करेंगे। इतना ही नहीं स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल में मरीजों के ब्लड प्रेशर और शुगर की जांच करने के बाद प्रमाण पत्र के साथ मरीजों को मोतियाबिंद के ऑपरेशन के लिए रेफर किया जाएगा। उसका रिकार्ड भी एप में अपलोड किया जाएगा। इससे अस्पताल में जांच नहीं करनी पड़ेगी और समय बचेगा। स्वास्थ्य विभाग के अफसरों के अनुसार कई बार ऐसा होता है कि अस्पताल में मोतियाबिंद मरीजों के लिए बिस्तर नहीं रहते हैं, लेकिन इसकी जानकारी नहीं होने के कारण मरीजों को वहां भेज दिया जाता है। इससे मरीजों को परेशानी होती है। उन्हें एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल भेजना पड़ता है। एप में जानकारी उपलब्ध होने पर, उसे देखकर खाली बेड जहां दिखेंगे, उस अस्पताल में ही भेजा जाएगा। इस साल अब तक सर्वे स्क्रीनिंग के जरिए प्रदेश में 34 हजार से ज्यादा मोतियाबिंद मरीजों की पहचान की गई है।

उनका डेटा भी मोबाइल एप में अपलोड कर रजिस्ट्रेशन किया जाएगा। मंगलवार को नेहरु मेडिकल कॉलेज के एनाटॉमी सेमिनार हॉल में स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. आलोक शुक्ला ने मोतियाबिंद मुक्त प्रदेश के लिए बैठक में सुरक्षित ऑपरेशन पर जोर दिया है। प्रमुख सचिव डॉ शुक्ला ने कहा कि मोतियाबिंद के ज्यादातर मरीज उम्र दराज होते हैं। इसलिए घर से अस्पताल और इलाज से अस्पताल जाने में कोई असुविधा न हो इसका भी ख्याल रखा जाना चाहिए। बैठक में एनएचएम डायरेक्टर डॉ.प्रियंका शुक्ला, एपिडेमिक डायरेक्टर डॉ. सुभाष मिश्रा समेत अधिकारी और विशेषज्ञ मौजूद रहे।

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