सरकार के महत्वपूर्ण फैसले:प्रदेश में खुलेगी बैडमिंटन अकादमी, खिलाड़ियों को नौकरी भी मिलेगी

रायपुरएक महीने पहले
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खेल संघों के साथ बैठक। - Dainik Bhaskar
खेल संघों के साथ बैठक।

छत्तीसगढ़ में खेलों और मैदानों के विकास के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कई अहम घोषणाएं कीं। दैनिक भास्कर ने पिछले दिनों खेलों के विकास को लेकर लगातार खबरें प्रकाशित कीं। लिहाजा सोमवार को सीएम हाउस में खेल संघों के साथ बैठक में उत्कृष्ठ खिलाड़ियों को नौकरी देने का रास्ता साफ हो गया। इतना ही नहीं, प्रदेश में बैडमिंटन एकेडमी खोलने का भी फैसला कर लिया गया है।

खेलों की नर्सरी यानी बच्चों के खेलने की जगह मैदान के रखरखाव और नए मैदानों के लिए अलग से राशि स्वीकृत की गई है। सरकार हर विभाग में नौकरी देने की तैयारी कर रही है। अभी तक सिर्फ गृह विभाग और वन विभाग में ही खिलाड़ियों को नौकरी दी जाती थी। इस मौके पर सीएम ने राज्य में बैडमिंटन अकादमी शुरू करने की घोषणा की।

उन्होंने कहा कि राज्य में खेल सुविधाओं की बढ़ोतरी और खिलाड़ियों की प्रतिभा को निखारने के लिए छत्तीसगढ़ खेल विकास प्राधिकरण का गठन किया गया है। इस प्राधिकरण की समिति में जल्द ही खिलाड़ियों की नियुक्ति की जाएगी। चर्चा के दौरान भूपेश ने कहा कि उद्योगों के माध्यम से नेशनल एवं इंटरनेशनल लेवल के कोचों को कॉन्ट्रेक बेस पर रखा जा सकता है। उन्होंने सभी खेल संघों से उनके खेल से संबंधित कोच रखने का भी आग्रह किया। खिलाड़ियों की खेल प्रतिभा को निखारने में कोच की महत्वपूर्ण भूमिका है।

भास्कर ने ये खबरें भी प्रकाशित की थी; खिलाड़ियों को नौकरी नहीं, तैयारी के लिए मदद भी नहीं...

सरकार का फैसला
उत्कृष्ठ खिलाड़ियों को अभी तक गृह विभाग या वन विभाग में नौकरी मिलती थी, लेकिन अब गृह और वन विभाग की तरह हर विभाग में नौकरी देने की तैयारी है। अन्य राज्यों की पाॅलिसी का अध्ययन चल रहा है।

सात साल से उत्कृष्ट खिलाड़ी नहीं मिले, क्योंकि तय नहीं हुए
सरकार का फैसला

2019-20 और 2020-21 के लिए खेल अलंकरण पुरस्कार के लिए निर्णायक मंडल द्वारा बैठक कर दाे सालों के लिए पुरस्कार के लिए नामों का चयन किया गया है।

खेल अधोसंरचना का होगा विकास

  • 8.85 करोड़ की लागत से राज्य प्रशिक्षण केन्द्र बहतराई बिलासपुर में सिंथेटिक एथलेटिक ट्रैक।
  • 4.75 करोड़ रुपए की लागत से बालिका छात्रावास।
  • 2.82 करोड़ रुपए की लागत से बालक छात्रावास।
  • 4.47 करोड़ रुपए की लागत से प्रशासनिक भवन।
  • 1.85 करोड़ रुपए की लागत से आवासीय हॉकी अकादमी, तीरंदाजी, एथलेटिक खेल अकादमी।
  • 12 लाख की लागत से आवासीय बालिका कबड्डी अकादमी।
  • 38.76 लाख रुपए की लागत से बिलासपुर के शिवतराई में गैर आवासीय तीरंदाजी प्रशिक्षण उपकेन्द्र तैयार किया गया है।
  • 1.75 करोड़ की लागत से रायपुर में सरदार पटेल इंटरनेशनल हॉकी स्टेडियम परिसर में स्वर्गीय कोदूराम वर्मा धनुर्विद्या अकादमी।
  • 14 लाख की लागत से विवेकानंद स्टेडियम रायपुर में गैर आवासीय बालिका फुटबॉल अकादमी।
  • 22 लाख की लागत से गैर आवासीय बालक- बालिका एथलेटिक अकादमी तैयार की गई।

भास्कर विचार

नीतियों से भी ज्यादा ताकतवर उसका क्रियान्वयन हो
छत्तीसगढ़ जबसे नया राज्य बना, खेलजगत से जुड़े सभी लोगों ने एक सपना संजोया कि खेल संसार में छत्तीसगढ़ भी अपनी एक जगह कायम करे। इसके लिए नीतियां बनीं, नीतियों पर क्रियान्वयन भी हुआ, पर ये कैसा हुआ ये कहने की जरूरत नहीं...। परिणाम अब तक बेहद अच्छे कहे जाने वाले नहीं रहे। दुनिया परिणामों पर प्रक्रिया का आकलन करती है और अभी छत्तीसगढ़ को परिणाम हासिल करना बाकी है। उम्मीद की जानी चाहिए कि नई व्यवस्था को अंजाम तक पहुंचाने के लिए ठोस सिस्टम बनाया जाएगा।

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