अंधेरा कायम है:बत्ती गुल, नगरीय निकायों ने 345 करोड़ रुपए बिल नहीं पटाए तो कंपनी ने कई शहरों में सड़कों की बिजली काटी

रायपुर/भिलाई/बिलासपुर8 महीने पहले
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राजधानी की तीन बड़ी काॅलोनियाें, बिलासपुर, दुर्ग-भिलाई के रिहायशी इलाकों के अलावा दर्जनों छोटे शहरों में सड़कों पर अंधेरा। - Dainik Bhaskar
राजधानी की तीन बड़ी काॅलोनियाें, बिलासपुर, दुर्ग-भिलाई के रिहायशी इलाकों के अलावा दर्जनों छोटे शहरों में सड़कों पर अंधेरा।

बिजली कंपनी ने सरकारी महकमों पर वर्षों से करोड़ों रुपए के बिजली बिल बकाया की वसूली के लिए आम लोगों की सड़कों पर अंधेरा करने का नया रास्ता निकाल लिया है। पिछले एक हफ्ते के भीतर बिजली महकमे ने नगरीय निकायों और सरकारी हाउसिंग संस्थाओं से बिजली का बकाया वसूलने के लिए स्ट्रीट लाइट की बिजली काट दी है। राजधानी में सेजबहार से खिलौरा तक तीन बड़ी कॉलोनियों की सड़कें पिछले चार दिन से अंधेरे में डूबी हैं।

बिलासपुर, दुर्ग-भिलाई, रायगढ़, अंबिकापुर समेत प्रदेश के सभी प्रमुख और छोटे शहरों के किसी न किसी हिस्से में स्ट्रीट लाइट काटी जा चुकी है और लाखों लोगों की सड़कें अंधेरे में डूबी हुई हैं। लोगों के दबाव और निकायों के विरोध के बावजूद बिजली कंपनी अड़ गई है कि जब तक बकाया बिल नहीं अदा किया जाता, स्ट्रीट लाइटों की लाइन नहीं जोड़ी जाएगी। बिजली कंपनी का राज्य के नगरीय निकायों पर ही करीब 345 करोड़ रुपए का बकाया है। पुलिस, पीडब्ल्यूडी, रेलवे, वन, स्कूल शिक्षा, जल संसाधन, कृषि, विभिन्न शासकीय आवासीय कॉलोनियों, क्लब सहित अन्य सरकारी विभागों और निजी उपभोक्ता पर 800 करोड़ से ज्यादा का बकाया है।

अन्य सरकारी विभागों की बिजली काटने से सरकारी कामकाज अटकेगा, इसलिए कंपनी ने उनको छोड़ दिया और निकायों में स्ट्रीट लाइटें काटकर रात में आम लोगों की सुरक्षा खतरे में डाल दी है। प्रदेश के कई शहरों में पिछले तीन दिनों से सड़कें इसी वजह से अंधेरे में हैं। अंबिकापुर निगम क्षेत्र में छह जगह स्ट्रीट लाइट काटी गई है। वहां साढ़े 6 करोड़ का बिल बकाया है। अंबिकापुर के साथ रामानुजगंज, कुसमी, बलरामपुर, राजपुर व सूरजपुर जिले के भटगांव नगर पंचायत में भी स्ट्रीट लाइट के कनेक्शन काट दिए गए हैं।

कंपनी ने धमतरी नगर निगम पर 30 लाख रुपए का बकाया वसूलने के लिए यहां की अधिकांश स्ट्रीट लाइट के कनेक्शन काट दिए हैं। इससे कस्बे ही नहीं, बीच से गुजर रहा नेशनल हाईवे भी अंधेरे में है। बलौदाबाजार-भाटापारा और गरियाबंद जिले के शासकीय कार्यालयों के बिजली कनेक्शन काट दिए गए हैं। बलौदाबाजार संभाग के नगर पालिका, जिला शिक्षा कार्यालय, लवन रेस्ट हाउस, बीओ दफ्तर, ग्राम पंचायत सहित 32 शासकीय विभागों पर 9.17 करोड़ का बकाया है। इसकी वसूली के लिए कंपनी ने शासकीय विभागों एक माह पहले नोटिस भेजा था। बकाया राशि नहीं मिलने के बाद कंपनी ने यहां स्ट्रीट लाइटों और विभागों के कनेक्शन काटने शुरू कर दिए हैं। बिलासपुर नगर निगम की स्ट्रीट लाइट के 69 लाख रुपये बिल बकाया होने के कारण कंपनी ने शहर के 8 स्थानों विद्यानगर, मैग्नेटो माल के सामने, वैशाली नगर, पुराना बस स्टैंड, गवर्नमेंट स्कूल के सामने, अन्नपूर्णा कॉलोनी तथा दो अन्य हाउसिंग कॉलोनियों की स्ट्रीट लाइटें काट दी हैं। हालांकि कलेक्टर, निगम कमिश्नर के दबाव में वहां कुछ जगह कनेक्शन जोड़े गए हैं।

वर्षों से सरकारी एजेंसियों का बिल बकाया, अब आधी-अधूरी कार्रवाई

  • 345 करोड़ रुपए प्रदेश में बिजली कंपनी का नगरीय निकायों पर अभी भी बकाया
  • 451 करोड़ रुपए पीडब्लूडी और अन्य शासकीय विभाग में बिल का भुगतान ही नहीं हुआ

खरोरा पंचायत में 1.4 करोड़ रुपए बिजली बिल बकाया
राजधानी से लगे भाटापारा जिले के भाटापारा ब्लाक में स्ट्रीट लाइट, जलप्रदाय व अन्य कनेक्शनों का लगभग 5 करोड़ रुपए बकाया है। इसके लिए कई जगह कनेक्शन काट दिए गए हैं। नगर पंचायत खरोरा के 1.4 करोड़ बिजली बिल बकाया होने के बाद यहां कनेक्शन काटने से खरोरा के 15 वार्डों की गलियों और मुख्य सड़कों पर अंधेरा छाया हुआ है।

7-8 लाख लोगों के बिल बकाया 3 माह में ही काट देते हैं बिजली
सरकारी विभागों के करोड़ों बकाया पर कई-कई साल ध्यान नहीं देने वाली बिजली कंपनी आम लोगों के बकाया पर तीन माह की ही मोहलत दे रही है। इसके बाद बिजली काटी जा रही है। दिवाली से पहले प्रदेश के करीब 53 लाख बिजली उपभोक्ताओं में से 7 लाख लोगों का बिल बकाया था। त्योहार के तुरंत बाद पूरे प्रदेश में इनकी बिजली काटकर बिल वसूले गए हैं। बिजली कंपनी के मुताबिक आम लोगों से ही 456 करोड़ रुपए लेने थे, इसलिए लाइन काटना जरूरी हो गया था। यही नहीं, बकाए की समय सीमा का पालन भी जरूरी है।

बिल पेंडिंग, इसलिए कार्रवाई
काफी दिनों से बिल पेंडिंग होने के कारण कुछ जगहों पर एक्शन लिया गया है। संबंधित एजेंसियों के जिम्मेदारों से इस संबंध में चर्चा भी हुई है। जल्द ही रिकवरी को लेकर सभी पहलुओं पर प्रयास होंगे।
-अंकित आनंद, चेयरमैन, छत्तीसगढ़ पावर कंपनीज

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