घरों में अब जरूरी सामान का संकट खड़ा:लाॅकडाउन से पहले कई परिवार पॉजिटिव उनके पास राशन नहीं तो पुलिस को फोन

रायपुर7 महीने पहले
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लाॅकडाउन से तीन-चार दिन पहले तक राजधानी में तकरीबन 300 से ज्यादा परिवारों में एक या ज्यादा कोरोना मरीज निकलने की वजह से उन्हें आइसोलेट किया। इस वजह से वे राशन तक नहीं खरीद सके और बाजार बंद हो गए। ऐसे लोगों के घरों में अब जरूरी सामान का संकट खड़ा हो गया है।

घर में चावल-दाल से लेकर सब्जी-फलों और रोजमर्रा की चीजों का संकट है। घर में रिश्तेदार भी नहीं आ पा रहे हैं, इस वजह से ऐसे दर्जनों परिवार पुलिस और प्रशासन के अफसरों को फोन कर अपनी मुश्किल बता रहे हैं। कुछ मामलों में पुलिस-प्रशासन ने ऐसे घरों तक मदद भेजी है, लेकिन यह संकट गहरा रहा है। भास्कर को आजाद चौक टीआई सत्यप्रकाश तिवारी ने बताया कि रविवार को उनके पास समता कालोनी के एक परिवार से फोन आया। इस परिवार के 7 लोग लाॅकडाउन से दो दिन पहले पाजिटिव हुए और निगम के अमले ने उनका घर बंद करवाकर परिवार के सभी सदस्यों को आइसोलेट रहने के लिए कह दिया है।

इस परिवार के लोगों ने संकट बढ़ने पर आजाद थाने में फोन किया और अपनी मुश्किल बताई। पुलिस ने तात्कालिक राहत के तौर पर घर में थोड़ा राशन भिजवाया है। कोटा में भी एक परिवार को सरस्वतीनगर पुलिस ने राशन और डेली नीड्स का सामान उपलब्ध करवाया है। ऐसे परिवार दूध और दवाइयों के लिए भी पुलिस और प्रशासन से गुहार लगा रहे हैं। अफसरों ने बताया कि उनके पास राशन, सब्जी से लेकर दवाइयों के लिए सैकड़ों फोन आ रहे हैं। जो जरूरतमंद हैं, उन्हें पुलिस दुकान खुलवाकर भी सामान दिला रही है।

अंत्येष्टि का सामान दिया
एसएसपी अजय यादव ने बताया कि सभी टीआई को निर्देश दिया गया है कि जरूरतमंदों की मदद की जाए। अगर कोई थाने में फोन करके मदद मांगते हैं, तो उन्हें राशन से लेकर फल, दवाइयां उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने बताया कि गोलबाजार पुलिस ने कई लोगों को अंत्येष्टि का सामान दिलवाया गया है। अस्पताल से छुट्टी के बाद गाड़ी के लिए भी लोग पुलिस को फोन कर रहे हैं। उनकी मदद भी की जा रही है।

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