मौसम अपडेट:सबसे ज्यादा औसत वर्षा वाले 10 में से 8 जिलों में इस साल एवरेज से कम बारिश

रायपुर6 महीने पहले
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  • 30 साल की बारिश के आधार पर निकालते हैं औसत

प्रदेश के सबसे ज्यादा औसत बारिश वाले 10 जिलों में से आठ में इस साल अब तक एवरेज से कम बारिश हुई है। इन जिलों में हर साल अच्छी बारिश का ट्रेंड रहा है, लेकिन इस साल मानसून थोड़ा कमजोर पड़ने के कारण इन जिलों में भी ज्यादा वर्षा नहीं हुई है। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि ऐसा इसलिए हुआ है कि क्योंकि अधिक औसत वर्षा वाले अधिकांश जिले बस्तर संभाग में हैं।

बस्तर संभाग में ही कम बारिश होने के के कारण इसका असर अधिक औसत वाले जिलों पर पड़ा है और वहां अभी तक कम बारिश हुई है। उत्तरी छत्तीसगढ़ के दो अधिक औसत बारिश वाले जिलों में भी कम पानी बरसा है। छत्तीसगढ़ में सबसे ज्यादा औसत बारिश वाला जिला जशपुर है। यहां का औसत 436.6 मिमी है, जबकि बारिश 360.9 मिमी ही हुई है। यह एवरेज से 17 फीसदी कम है। इसी तरह सरगुजा का औसत 389.4 है और यहां 23 प्रतिशत कम बारिश हुई है। दोनों जिले उत्तरी छत्तीसगढ़ के हैं। बस्तर में 373.6 मिमी औसत वर्षा होती है।

इस साल अब तक यहां 25 फीसदी कम बारिश हुई है। लालपुर मौसम केंद्र के मौसम विज्ञानी एचपी चंद्रा के अनुसार मानसून की बारिश इस साल नियमित नहीं है। इस वजह से वे जिले ज्यादा प्रभावित हैं, जहां आमतौर पर ज्यादा बारिश की संभावना रहती है या फिर उम्मीद की जाती है। इस साल ज्यादा बारिश वाले जिले में कम वर्षा का ट्रेंड है। इस ट्रेंड में कोरबा जिला फिलहाल अपवाद है। कोरबा में जुलाई के पहले पखवाड़े तक 370.4 मिमी औसत बारिश होती है। इस साल यहां अब तक औसत से 43 प्रतिशत ज्यादा बारिश हो चुकी है।

आज प्रदेश में हो सकती है हल्की से मध्यम वर्षा
मौसम विज्ञानियों के अनुसार पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी और उससे लगे उत्तर-पश्चिम बंगाल, उत्तर तटीय आंध्रप्रदेश, दक्षिण तटीय ओडिशा पर एक निम्न दाब का क्षेत्र है। साथ ही उपरी हवा का चक्रवात मध्य ट्रोपोस्फेरिक लेवल तक है। एक द्रोणिका कच्छ से निम्न दाब के केन्द्र तक दक्षिण गुजरात, उत्तर-मध्य महाराष्ट्र, विदर्भ, दक्षिण छत्तीसगढ़ और उत्तरी तटीय आंध्रप्रदेश होते हुए 1.5 किमी ऊंचाई तक है।

इस वजह से 13 जुलाई को प्रदेश के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने या गरज-चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना है। प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ भारी वर्षा हो सकती है।

जानिए, औसत बारिश के क्या मापदंड
मौसम विज्ञानियों के अनुसार बारिश का औसत पिछले 30 साल की वर्षा के रिकार्ड के आधार पर निकाला जाता है। हर 30 साल में बारिश का औसत बदल जाता है। यह सालाना और प्रतिदिन का भी होता है। जैसे मानसून में 1 जून से हर दिन की बारिश का औसत अलग है। सीजनल औसत यानी मानसून अवधि का भी अलग औसत होता है, जैसे छत्तीसगढ़ के पूरे मानसून में सीजनल बारिश का औसत 1143 मिमी है।

औसत से यह अनुमान लगाया जाता है कि किन क्षेत्रों में बारिश कितना कम या अधिक हुआ है। औसत से 19 फीसदी कम या अधिक को नार्मल समझा जाता है। बारिश की कमी या वृद्धि 19 फीसदी से अधिक होने पर अलग-अलग श्रेणी में रखा जाता है।