पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

1.50 करोड़ टीके लग गए प्रदेश में:35 लाख से ज्यादा को लगे दोनों डोज; पहला डोज 39, दूसरा 12 फीसदी लोगों को

रायपुर22 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
स्वास्थ्य विभाग 10 सितंबर तक तीसरी लहर की चुनौती के लिए बनाए जा रहे एक्शन प्लान को अंतिम रूप दे देगा। - Dainik Bhaskar
स्वास्थ्य विभाग 10 सितंबर तक तीसरी लहर की चुनौती के लिए बनाए जा रहे एक्शन प्लान को अंतिम रूप दे देगा।

प्रदेश में कोरोना का टीका 1.50 करोड़ के पार हो गया है। इनमें से 1.15 करोड़ यानी 39 फीसदी लोगों को पहला डोज लगा है तथा 39 फीसदी लोगों को टीके की पहली डोज लग चुकी है। अर्थात, 35 लाख लोग ऐसे हैं जिन्हें दोनों डोज लग चुकी है। पहला टीका लगवाने के बाद करीब 80 लाख से अधिक लोगों को दूसरा डोज नहीं लगा है।

इनमें से करीब 35 फीसदी यानी 28 लाख से अधिक को दूसरी डोज सितंबर और अक्टूबर के दूसरे हफ्ते तक लगाया जाना है। हेल्थ अफसरों के मुताबिक अगर यह टारगेट पार हो गया तो आने वाले चार हफ्तों में प्रदेश में 50 लाख से अधिक लोग ऐसे हो जाएंगे, जिन्हें दोनों डोज लग चुके होंगे। प्रदेश में टीकाकरण की शुरूआत 16 जनवरी को हुई थी।

उसके करीब 8 माह बाद प्रदेश में 1.50 करोड़ से अधिक टीके लगे हैं। शुरुआती दौर में टीका लगवाने वाले हेल्थ और राजस्व, पुलिस और स्थानीय प्रशासन के फ्रंटलाइन वर्करों का भी शतप्रतिशत टीकाकरण नहीं हुआ है। 3.39 लाख हेल्थ वर्करों में से केवल 85 फीसदी यानी 2.50 लाख से अधिक ने ही दोनों डोज लगवाए हैं। जबकि राजस्व और प्रशासन से जुड़े 75 फीसदी यानी करीब 2.39 लाख को ही दोनों डोज लग पाए हैं।

लक्ष्य कितना हासिल

  • हेल्थ वर्कर 81 प्रतिशत
  • फ्रंट लाइन वर्कर 75 प्रतिशत
  • 45 प्लस 40 प्रतिशत
  • 18 प्लस 15प्रतिशत

इधर, 10 तक हाेगा तैयार तीसरी लहर का प्लान, सभी बिस्तर पर ऑक्सीजन की मांग

प्रदेश में कोरोना के 33 नए संक्रमित मिले हैं, जिसमें रायपुर का दो केस भी है। पिछले 24 घंटे में काेराेना से एक माैत हुई है। इस बीच, स्वास्थ्य विभाग 10 सितंबर तक तीसरी लहर की चुनौती के लिए बनाए जा रहे एक्शन प्लान को अंतिम रूप दे देगा। पिछले हफ्ते विभाग के अधिकारियों की टीमों ने सभी जिलों की तैयारियों का जायजा लिया है।

हर जिले से जरूरताें की बिंदुवार जानकारी भी मंगवाई गई है। कुछ जिलों ने अतिरिक्त बिस्तरों में भी ऑक्सीजन सुविधा बढ़ाने की मांग की है। यानी जितने बिस्तर बढ़ाए गए हैं, वे उन सभी में आक्सीजन सिस्टम उपलब्ध करवाने की मांग कर रहे हैं। औसतन हर जिले में 700 से अधिक ऑक्सीजन वाले बिस्तरों की व्यवस्था की गई है।

खबरें और भी हैं...