सावधानी जरूरी:वैक्सीन लगाने पर इनाम का झांसा, खाते में सेंध की काेशिश

रायपुर5 महीने पहले
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स्वास्थ्य विभाग के नाम से लोगों को किया जा रहा फोन, साइबर सेल ने जारी किया अलर्ट। - Dainik Bhaskar
स्वास्थ्य विभाग के नाम से लोगों को किया जा रहा फोन, साइबर सेल ने जारी किया अलर्ट।

ऑनलाइन ठगी करने वाले लोगों को फंसाने के लिए लगातार अपना तरीका बदल रहे हैं। लोगों को वैक्सीन लगाने के लिए रजिस्ट्रेशन कराने का झांसा देकर ठगी कर रहे थे। अब वैक्सीन लगा चुके लोगों से ठगी की जा रही है। शहर में अब कई लोगों के पास ऐसे फोन आ चुके है। साइबर सेल ने अलर्ट जारी कर लोगों को सावधान रहने को कहा है।

स्वास्थ्य विभाग के नाम से लोगों को फोन किया जा रहा है। उन्हें टीकाकरण महोत्सव में शामिल होने पर बधाई दिया जा रहा है और सरकार की ओर से 5 हजार का इनाम देने का झांसा दिया जा रहा है। लोगों से आधार कार्ड समेत अन्य जानकारी ली जा रही है। फिर एप डाउनलोड कराया जा रहा है। उससे खाते में सेंध लगा रहे है।

रायपुर के कई लोगों को इस तरह का फोन आया है। हालांकि उन्होंने एप डाउनलोड नहीं किया। इससे ठगी से बच गए। रायपुर साइबर सेल ने अलर्ट जारी किया है। लोगों से अपील की है कि इस तरह के किसी भी फोन को इंटरटेन न करें। सरकार वैक्सीन लगाने वालों को किसी तरह का इनाम नहीं दे रहे है। एसएसपी अजय यादव ने बताया के वैक्सीन लगाने के लिए रजिस्ट्रेशन के बाद अब वैक्सीन लगा चुके लोगों से ठगी की जा रही है।

उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के नाम से फोन किया जा रहा है। ठगों के पास वैक्सीन लगाने वालों का नंबर है। उन्हें शक है कि कहीं से डेटा लिंक हुआ है। तभी वैक्सीन लगाने वालों की जानकारी ठगों तक पहुंच गई है। ठग जो वैक्सीन लगा चुके हैं, उन्हीं को फोन कर रहे हैं। इसलिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
टीकाकरण महोत्सव में शामिल होने के लिए बधाई...
‘नमस्कार... टीकाकरण महोत्सव में शामिल होने के लिए बधाई। कोरोना से बचाव के लिए वैक्सीन जरूरी है। सरकार वैक्सीन लगाने वालों का सम्मान कर रही है। इनाम में 5 हजार दिया जा रहा है। ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग प्रोत्साहित होकर टीका लगा सके। आपने टीका लगाकर खुद के साथ परिजनों के जीवन को सुरक्षित कर लिया है।’- ऐसा झांसा देकर ठग पहले आधार कार्ड का नंबर फिर खाते की जानकारी लेते है।

पैसा ऑनलाइन खाते में ट्रांसफर होने का झांसा देते हैं। फिर ओटीपी पूछकर ठगी करते हैं। कुछ मामलों में ठगों ने एक लिंक मैसेज किया है। लिंक को खोलते ही एनीडेस्क एप डाउनलोड हो जाता है। उससे मोबाइल का डेटा ठगों के पास चला जाता है। फिर खाते से पैसा निकाल लते हैं।
पुलिस की अपील लिंक को खोलने से बचें
लगातार शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी लिंक को खोलने से बचे है। अगर कोई एनीडेस्क नाम के एप को डाउनलोड कराए तो उसे न खोले। क्योंकि ठग अलग-अलग तरीके से लोगों को झांसे में ले रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग या भारत सरकार अभी कोई इनाम या पैसा नहीं दे रहा है। ऐसे किसी स्कीम के बारे में फोन आए संबंधित विभाग में जाकर जानकारी लेवे। फोन पर कुछ भी शेयर न करें।

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