खेलों को लेकर CM की बड़ी घोषणा:छत्तीसगढ़ में बनेगी बैडमिंटन अकादमी, स्पोर्ट्स कोटा में नौकरी चर्चा के बाद; कोच, खिलाड़ियों के लिए आवासीय सुविधा और डाइट भी

रायपुर5 महीने पहले
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज अपने निवास कार्यालय में आयोजित बैठक में विभिन्न खेल संघों के प्रतिनिधियों और खिलाड़ियों के साथ चर्चा की।

टोक्यो में हुए ओलिंपिक और पैरालिंपिक में भारतीय खिलाड़ियों के लाए मेडल का असर जीरो पार्टिसिपेशन वाले राज्यों में भी दिखने लगा है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोमवार को खेलों को लेकर बड़ी घोषणाएं की हैं। उन्होंने प्रदेश में बैडमिंटन अकादमी शुरू करने का ऐलान किया। साथ ही सभी सरकारी विभागों में खेल कोटा से नौकरी देने पर विचार-विमर्श के बाद फैसले की बात कही है। अभी केवल पुलिस और वन विभाग में खिलाड़ियों की भर्ती होती है।

मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में हुई बैठक में विभिन्न खेल संघों के प्रतिनिधियों और खिलाड़ियों के साथ CM ने चर्चा की। उन्होंने कहा कि खेलों के विकास के लिए धनराशि की कमी नहीं होगी। छत्तीसगढ़ खेल प्राधिकरण के माध्यम से खिलाड़ियों के उच्च स्तरीय प्रशिक्षण के लिए अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर के कोचों की नियुक्ति की जाएगी। सभी खेल संघों से अच्छे कोच की नियुक्ति करने को भी कहा है।

उन्होंने कहा, कोच की नियुक्ति, खिलाड़ियों की आवासीय सुविधा और डाइट की व्यवस्था के लिए बड़े उद्योगों से CSR (कॉर्पोरेट सोशल रिस्पांसिबिलटी) मद से सहयोग लिया जाएगा। खेल एवं युवा कल्याण मंत्री उमेश पटेल इस बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े हुए थे।

वहीं, संसदीय सचिव विनोद चंद्राकर, मुख्यमंत्री के सचिव सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी, खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव नीलम नामदेव एक्का, संचालक खेल श्वेता सिन्हा, छत्तीसगढ़ ओलिंपिक संघ के महासचिव गुरुचरण सिंह होरा मौजूद थे। ओलिंपिक संघ और विभिन्न खेल संघों के पदाधिकारी, अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी सबा अंजुम, हॉकी खिलाड़ी मृणाल चौबे, वेटलिफ्टर आकाशदीप सारंग सहित अनेक खिलाड़ी मुख्यमंत्री निवास में मौजूद थे।

स्टेडियम का रखरखाव उद्योगों को
बैठक में प्रदेश के स्टेडियमों के रखरखाव और तकनीकी दिक्कतों पर भी बात हुई। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, छत्तीसगढ़ के बड़े उद्योगों को स्टेडियम के रखरखाव की जिम्मेदारी दी जाएगी। छत्तीसगढ़ में हॉकी, क्रिकेट, टेनिस जैसे खेलों के अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्टेडियम मौजूद हैं। जिनका रखरखाव सरकार के लिए बड़ी चुनौती है।

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