• Hindi News
  • Local
  • Chhattisgarh
  • Raipur
  • CG High Court Has Put A Stay On The Recruitment Of Teachers, The Government Has Extended The Validity Of The Result List By 6 Months

अभी अटकी रहेगी शिक्षक भर्ती:उच्च न्यायालय ने शिक्षकों की भर्ती पर लगाई है रोक, सरकार ने परीक्षाफल सूची की वैधता 6 महीने बढ़ाई

रायपुर5 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
स्कूल शिक्षा विभाग ने सोमवार शाम परीक्षा फल सूची की वैधता बढ़ाने का आदेश जारी किया। - Dainik Bhaskar
स्कूल शिक्षा विभाग ने सोमवार शाम परीक्षा फल सूची की वैधता बढ़ाने का आदेश जारी किया।

छत्तीसगढ़ में दो साल पहले शुरू हुई 14 हजार 580 शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया अभी छह महीने और अटकी रह सकती है। सरकार ने शिक्षक भर्ती परीक्षा की परिणाम की वैधता को अगले 6 महीने तक के लिए बढ़ा दिया है। स्कूल शिक्षा विभाग ने सोमवार को इसका आदेश जारी कर दिया।

अधिकारियों ने बताया, छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने शिक्षक भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगा दी है। इसकी वजह से नियुक्ति आदेश जारी होने में कम से कम छह महीने का समय लग सकता है। किसी भर्ती परीक्षा का परिणाम और सूची एक वर्ष के लिए ही मान्य होती है। पिछले साल एक सितम्बर को इसमें एक साल की वृद्धि की गई थी। अब विशेष परिस्थिति को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने व्यापमं से प्राप्त परीक्षाफल सूची के वैधता में पुनः 6 माह की वृद्धि कर दी है। स्कूल शिक्षा विभाग ने 14 हजार 580 शिक्षकों की भर्ती का विज्ञापन 9 मार्च 2019 को जारी किया था। परीक्षा के बाद परिणाम आये और पिछले साल नियुक्ति प्रक्रिया शुरू भी हुई। इस बीच कोरोना लॉकडाउन शुरू हो गया। सरकार ने भर्ती प्रक्रिया को रोक दिया। उस समय परीक्षा परिणाम सूची की वैधता एक साल के लिए बढ़ाई गई थी। बाद में कुछ दावेदारों ने विभिन्न अनियमितताओं की शिकायत करते हुए उच्च न्यायालय में याचिका दायर की। उनकी सुनवाई के बाद अदालत ने नियुक्ति प्रक्रिया पर रोक लगा दी।

न्यायालय पहुंचे हैं इस तरह के विवाद

कहा जा रहा है, जब व्यापमं ने विज्ञापन जारी किया था तो स्नातक या समकक्ष को योग्यता माना था। इंजीनियरिंग स्नातकों ने भी आवेदन किये। उनके आवेदन को रिजेक्ट कर दिया गया। तर्क था इंजीनियरिंग को गणित विषय के रूप में शामिल नहीं किया जा सकता। ऐसे आवेदकों ने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। दूसरा मामला शारीरिक शिक्षा के शिक्षकों की योग्यता को लेकर है। यह भी मामला उच्च न्यायालय में है।

खबरें और भी हैं...