कोरोना मरीजों को बचाने की जिद:छत्तीसगढ़ के निजी अस्पतालों में आक्सीजन वाले 50% बेड रिजर्व, अस्पतालों की क्षमता भी बढ़ाई

रायपुर8 महीने पहले
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रायपुर स्मार्ट सिटी कॉर्पोरेशन ने इस तरह के अस्थायी कोरोना अस्पताल बनाये हैं। इससे मरीजों को थोड़ी राहत की उम्मीद है। - Dainik Bhaskar
रायपुर स्मार्ट सिटी कॉर्पोरेशन ने इस तरह के अस्थायी कोरोना अस्पताल बनाये हैं। इससे मरीजों को थोड़ी राहत की उम्मीद है।

कोरोना के बेकाबू होते हालात के बीच प्रशासन बीमारों को बचाने की जद्दोजहद में जुटा है। सरकार के फैसले के बाद संक्रमण से सर्वाधिक प्रभावित रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर जिलों के निजी अस्पतालों में ऑक्सीजन सुविधा वाले 50% बेड कोरोना मरीजों के आरक्षित कर दिये गये हैं। इस बीच सरकार भी कोविड केयर सेंटर में ऑक्सीजन वाले बिस्तर की क्षमता बढ़ा रही है। रायपुर में फुंडहर, धरसीवां और तिल्दा में नये कोविड केयर सेंटर शुरू हुये हैं।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि 50% बिस्तर आरक्षित करने के आदेश के बाद रायपुर जिले के निजी अस्पतालों के 5512 बिस्तरों में से 3531 कोरोना मरीजों के लिये सुरक्षित कर लिया गया है। दुर्ग जिले के निजी अस्पतालों में उपलब्ध 1532 बिस्तरों में से 972 को आरक्षित किया गया है। वहीं बिलासपुर जिले के 355 बिस्तरों में से 285 को कोरोना मरीजों के लिए अलग कर लिया गया है। इसकी जानकारी स्वास्थ्य विभाग के पोर्टल पर भी डाल दी गई है। अधिकारियों ने बताया, दूसरे जिलों में भी ऐसी व्यवस्था की जा रही है।

रायपुर जिले में जहां मेडिकल कालेज के अलावा आयुर्वेदिक कॉलेज, माना और लालपुर में कोविड हॉस्पिटल पहले से चल रहे थे। अब फुण्डहर के वर्किंग वीमन हॉस्टल में बनाए गए कोविड केयर सेंटर और धरसीवां तथा तिल्दा विकासखंड में बनाए गए कोविड केयर भी शामिल हो गये हैं। कलेक्टर डॉक्टर एस. भारतीदासन ने बताया, फुण्डहर केंद्र में 210 बिस्तर हैं जिनमें ऑक्सीजन और कंसट्रेटर की सुविधा वाले बेड की संख्या 40 है। धरसीवां में 50 बिस्तर लगे हैं जिनमें से ऑक्सीजन वाले बेड 15 हैं। वहीं तिल्दा के 50 बिस्तरों में 30 में ऑक्सीजन की सुविधा उपलब्ध है।

अब अंबेडकर अस्पताल के बाहर ऑक्सीजन वाले 915 बिस्तर

अधिकारियों ने बताया, तीनों केंद्रों के शुरू हो जाने से जिले में ऑक्सीजन की सुविधा वाले बिस्तरों की संख्या में 85 का इजाफा हुआ है। रायपुर के डॉक्टर भीमराव अंबेडकर अस्पताल के बाहर अब 915 अतिरिक्त बिस्तरों में ऑक्सीजन की सुविधा उपलब्ध है।

प्रदेश को मिले 8800 रेमडेसिविर इंजेक्शन

रेमडेसिविर इंजेक्शन की किल्लत से जूझ रहे मरीजों को कुछ राहत के संकेत मिले हैं। गुरुवार को प्रदेश में 8800 वायल रेमडेसिविर इंजेक्शन पहुंचा। खाद्य और औषधि प्रशासन विभाग के प्रभारी अधिकारी ने बताया, गुरुवार को सन फार्मा ने 5400 और हेटरो ने 3400 इंजेक्शन की आपूर्ति की है। इनका अस्पतालों में वितरण किया जा रहा है। अधिकारी ने बताया, सरकार ने दो IAS अधिकारियों को मुंबई और हैदराबाद में तैनात किया है। इससे आपूर्ति में मदद मिल रही है।

दो लाख डोज वैक्सीन की नई खेप भी मिली

गुरुवार को प्रदेश में कोवीशील्ड वैक्सीन की दो लाख डोज की नई खेप पहुंच गई। राज्य वैक्सीन भंडार लाने के बाद इसे जिलों में भेज दिया गया है। राज्य टीकाकरण अधिकारी डाॅक्टर अमर सिंह ठाकुर ने बताया, बुधवार तक की स्थिति में प्रदेश में वैक्सीन की 46,44,856 डोज लग चुकी है। इसमें से 45 साल से अधिक आयु के कुल 58,66,599 में से 62% यानी 36,47,243 को पहली डोज और 1,11,149 को दूसरी डोज लग गई है। इसके अलावा 88% स्वास्थ्य कर्मी और 85% फ्रंटलाइन वर्कर्स को भी वैक्सीन लग चुकी है।

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