आंदोलन का असर, सरकार ने बनाई हाईपावर कमेटी:CM बघेल ने दिए आदेश, मांगों पर ADG हिमांशु गुप्ता की अध्यक्षता में होगा विचार

रायपुरएक महीने पहले
सोमवार को जब प्रदर्शन शुरू हुआ तो पुलिस ने सख्ती दिखाई। महिलाओं को पकड़कर सप्रे स्कूल परिसर में बंद कर दिया गया था।

राजधानी रायपुर में दो दिन से हो रहे पुलिस परिवार के आंदोलन से सरकार थोड़ी नर्म पड़ी है। अब उनकी मांगों पर विचार के लिए एक हाई पावर कमेटी का गठन किया गया है। ADG हिमांशु गुप्ता को इस कमेटी का अध्यक्ष बनाया गया है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बुधवार सुबह इसके आदेश दिए।

नियमितीकरण, वेतन वृद्धि, समान सुविधाओं जैसी कई मांगों को लेकर पुलिस में सहायक आरक्षकों के परिवार से जुड़ी महिलाएं, बच्चे और पुरुष भी पिछले तीन दिन से राजधानी में हैं। पुलिस वालों के इन परिजनों ने 6 दिसंबर को पुलिस मुख्यालय के घेराव की कोशिश की थी। रायपुर पुलिस ने उन्हें रोक लिया। महिलाओं से धक्कामुक्की भी हुई। बाद में उन्हें सप्रे स्कूल में बनी अस्थाई जेल में रखा गया। रात में आंदोलनकारी राजधानी में ही जमे रहे। 7 दिसंबर को प्रदर्शन ने फिर जोर पकड़ा।

मंगलवार को पुलिस महानिदेशक ने अपने दफ्तर में चर्चा की थी।
मंगलवार को पुलिस महानिदेशक ने अपने दफ्तर में चर्चा की थी।

नवा रायपुर में चीचा के पास चक्का जाम हुआ। करीब दो घंटे के हंगामे के बाद पुलिस महानिदेशक अशोक जुनेजा ने आंदोलन के एक प्रतिनिधिमंडल को मुख्यालय बुलाकर बातचीत की। उन्होंने मांगों पर सहानुभूति से विचार करने का भरोसा दिया। रात में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल उत्तर प्रदेश से लौटे तो उनके सामने भी यह मामला आया। सुबह DGP से चर्चा के बाद उन्होंने हाई पावर कमेटी बनाने का आदेश दिया।

इस तरह की मांगों को लेकर आंदोलन
आंदोलन से जुड़े नवीन राव ने बताया कि सहायक आरक्षकों को 10 हजार रुपया वेतन मिलता है। उनको न भत्ता मिलता है, न पीएफ और मेडिकल की सुविधा मिलती है। एक पे स्लिप पर सील लगाकर उन्हें वेतन दिया जाता है। एक बार सहायक आरक्षक बन जाने के बाद ये लोग गांव में खेती करने भी नहीं जा सकते। नक्सलियों को उनके आने का पता चलता है तो हत्या कर देते हैं।

समान वेतन-सुविधाओं और नियमितीकरण की मांग
आंदोलन की मुख्य मांग पुलिस आरक्षकों के समान वेतन, सुविधा और प्रमोशन का अधिकार था। एक महिला ने कहा, हम अनुकंपा नियुक्ति की बात करते हैं तो विभाग हमें कह देता है कि नियमित नौकरी न होने की वजह से यह सुविधा नहीं दी जा सकती। वे सभी चाहती हैं कि सहायक आरक्षक को आरक्षक के पद पर पदोन्नत कर विभाग में नियमित किया जाए। वेतनमान में सुधार हो, साप्ताहिक अवकाश दिया जाए और अनुकंपा नियुक्ति का नियम लागू हो।