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  • Chhattisgarh; Chief Minister Bhupesh Baghel Announced To Increase Dearness Allowance Of State Employees By 5 Percent, Employees Were Demanding 16 Percent Increase

CG के कर्मचारियों का 5% DA बढ़ाने की घोषणा:CM भूपेश ने किया ऐलान, अब 17 प्रतिशत मिलेगा महंगाई भत्ता; कर्मचारियों ने 16 प्रतिशत बढ़ाकर 28 प्रतिशत करने की मांग की थी

रायपुरएक महीने पहले
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कर्मचारी प्रतिनिधियों से मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री ने नई राहत की घोषणा की है। - Dainik Bhaskar
कर्मचारी प्रतिनिधियों से मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री ने नई राहत की घोषणा की है।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्य कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में 5% (DA) वृद्धि की घोषणा की है, हालांकि कर्मचारी संगठन महंगाई भत्ते को 16 प्रतिशत बढ़ाकर 28 प्रतिशत भत्ते की मांग कर रहे हैं। अब तक राज्य के कर्मचारियों को 12% महंगाई भत्ता मिल रहा था। अब 5 प्रतिशत बढोतरी के बाद कुल महंगाई भत्ता 17% हो जाएगा। सरकार का दावा है कि इस फैसले से प्रदेश के 4 लाख से अधिक कर्मचारियों और एक लाख 25 हजार पेंशनरों को फायदा होगा। महंगाई भत्ते में इस वृद्धि से सरकार को 1 हजार 20 करोड़ का अतिरिक्त खर्च बढ़ेगा।

शनिवार रात छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन का एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री निवास पहुंचा था। बातचीत के बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने महंगाई भत्ते को बढ़ाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने चर्चा के दौरान अधिकारियों-कर्मचारियों के महंगाई भत्ते के बकाया एरियर्स की मांग का परीक्षण कराकर शीघ्र निर्णय लेने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा, अधिकारियों-कर्मचारियों की बाकी मांगों का परीक्षण कराने के लिए प्रमुख सचिव स्तर के अधिकारी की अध्यक्षता में कमेटी गठित की जाएगी। बातचीत के समय मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू भी उपस्थित थे। फेडरेशन के प्रतिनिधिमंडल में कमल वर्मा, अपाक्स के प्रदेश महामंत्री सत्येन्द्र देवांगन, छत्तीसगढ़ संचालनालय विभागाध्यक्ष कर्मचारी संघ के अध्यक्ष रामसागर कोसले समेत तमाम पदाधिकारी मौजूद रहे।

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सरकार ने वित्तीय संकटों का जिक्र किया
कर्मचारी संगठनों से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा, कोरोना महामारी के व्यापक संक्रमण के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था बुरी तरह से प्रभावित हुई है। इससे देश और प्रदेश भी अछूता नहीं रहा है। बीते डेढ़ वर्षों में राजस्व संग्रहण में अपेक्षित वृद्धि नहीं हुई। इस बीच आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों, किसानों, मजदूरों एवं अन्य प्रभावित वर्गों को आर्थिक सहायता, कोरोना के उपचार हेतु स्वास्थ्य ढांचा बढ़ाने आदि को प्राथमिकता दी गई। इन सबके कारण राज्य के संसाधनों पर अत्यधिक दबाव रहा है।

दो दिन पहले ही की थी बड़ी हड़ताल
कर्मचारी संगठनों ने शुक्रवार को महंगाई भत्ते और बकाया वेतन को लेकर बड़ी हड़ताल की थी। प्रदेश के सरकारी कर्मचारी अवकाश लेकर हड़ताल पर चले गए थे। इस वजह से शुक्रवार को कोई भी सरकारी कार्यालय ढंग से संचालित नहीं हो पाया। मंत्रालय और संचालनालय में भी हड़ताल का असर रहा। जगह-जगह प्रदर्शन हुए। कर्मचारियों का कहना था कि उनकी मांग पूरी नहीं हुई तो अनिश्चितकाल की हड़ताल शुरू हो जाएगी। प्रदेश भर में अभी बिजली कंपनी के कर्मचारियों को ही 28 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिल रहा है। शेष सभी के लिए 12 प्रतिशत महंगाई भत्ते का नियम लागू है।

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