सिलगेर को लखीमपुर से जोड़ने पर भड़के बघेल:छग CM बोले- वहां केंद्रीय मंत्री के बेटे ने किसानों को कुचला, यहां के पीड़ित परिवारों से मैंने खुद बात की, वे मुआवजा नहीं चाहते

रायपुर2 महीने पहले
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मुख्यमंत्री ने पलटवार करते हुए कहा, लखीमपुर खीरी की घटना वीभत्स है। इससे किसी दूसरी घटना की तुलना हो ही नहीं सकती। - Dainik Bhaskar
मुख्यमंत्री ने पलटवार करते हुए कहा, लखीमपुर खीरी की घटना वीभत्स है। इससे किसी दूसरी घटना की तुलना हो ही नहीं सकती।

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में गाड़ी से कुचलकर मार डाले गए चार किसानों और एक पत्रकार के परिजनों को 50-50 लाख रुपया मुआवजे की घोषणा के बाद से मुख्यमंत्री भूपेश बघेल विपक्ष के निशाने पर हैं। विपक्ष उनसे बस्तर के सिलगेर में पुलिस गोलीबारी में मारे गए आदिवासी किसानों के लिए भी 50-50 लाख मुआवजे की मांग कर रहा है। इस तुलना पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने तल्ख बयान दिया है।

उत्तर प्रदेश से लौटने के बाद मुख्यमंत्री निवास में पत्रकारों से बातचीत में CM ने कहा, लखीमपुर खीरी की घटना को किसी दूसरी घटना से नहीं जोड़ा जा सकता। वहां ऐसा कांड हुआ है जो आजाद भारत के इतिहास में कभी देखा-सुना नहीं गया। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री के बेटे ने प्रदर्शन कर रहे किसानों पर जीप चढ़ाकर रौंद दिया है। उससे पहले किसानों को देख लेने की रौंद देने की धमकी दी गई थी। यह जो गोली मारने, खत्म कर देने और रौंदने की मानसिकता है यह सत्ता के मद में आया है। मुख्यमंत्री ने कहा, सिलगेर की दुर्भाग्यपूर्ण घटना पूरी तरह अलग है। घटना के बाद सत्ता पक्ष के विधायक पीड़ित परिवारों से मिलने पहुंचे। मैंने खुद उन परिवारों से वर्चुवल, टेलिफोनिक और कुछ दिन बाद उन्हें यहां बुलाकर बात की। उन्होंने किसी तरह का मुआवजा और सरकारी नौकरी लेने से मना कर दिया है। मुख्यमत्री ने पूछा कि विपक्ष के रूप में पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह, सरोज पाण्डेय और उनके दूसरे नेताओं ने कितनी बार उन परिवारों से बात की है। अगर बात की है तो बताएं।

मुआवजे का बुरा लगा तो मंत्री का इस्तीफा मांग कर बताएं

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, वहां पंजाब के मुख्यमंत्री ने भी मुआवजे की घोषणा की है। भाजपा के नेताओं को, रमन सिंह को यह मदद इतनी बुरी लग रही है। उन्हें लखीमपुर का हत्याकांड बुरा नहीं लगा। उसकी निंदा क्यों नहीं की। मुख्यमंत्री ने कहा, रमन सिंह को अगर लखीमपुर की घटना का बुरा लगा हो तो केंद्रीय गृह राज्य मंत्री के इस्तीफे की मांग करें। उसके बेटे को हत्या के मामले में गिरफ्तार करने की मांग उठाएं।

बेहद गुस्से में और डरे हुए हैं लखीमपुर के लोग

मुख्यमंत्री ने बताया, देर रात कांग्रेस नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने लखीमपुर खीरी पहुंचकर मारे गए किसानों-पत्रकार के परिजनों से मुलाकात की। उन्हें सान्त्वना दिया। यह भरोसा दिलाया कि वे लोग उनके साथ हैं। स्थानीय लोगों से भी चर्चा हुई। लोगों ने बताया, केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बनाया गया व्यक्ति माफिया है। अवैध कारोबार में लिप्त रहा है। घटना के बाद लोगों में गुस्सा है, लेकिन सरकार के रवैये और मंत्री की पृष्ठभूमि की वजह से वे डरे हुए भी हैं।

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रमन-सरोज को भाजपा कार्य समिति में जगह मिलने पर भी चुटकी ली

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह, सांसद सरोज पाण्डेय आदि को भाजपा की राष्ट्रीय कार्य समिति में जगह मिलने पर भी चुटकी ली है। उन्होंने कहा, छत्तीसगढ़ के नेताओं की भाजपा में कोई पूछपरख नहीं होती। लेकिन जैसे ही मुझे कोई बड़ी जिम्मेदारी मिलती है तो यहां के भाजपा नेताओं की पूछ-परख भी अचानक बढ़ जाती है। इन लोगों को केंद्रीय कार्यसमिति में जगह के पीछे यही वजह है। इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा।

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क्या हुआ था सिलगेर में

नक्सलियों के खिलाफ अभियान में जुटे सुरक्षा बल सिलगेर गांव में एक कैम्प बना रहे थे। स्थानीय ग्रामीणों ने इस कैम्प का विरोध किया। ग्रामीणों का तर्क था कि सुरक्षा बलों ने कैम्प के नाम पर उनके खेतों पर जबरन कब्जा कर लिया है। ऐसे ही एक प्रदर्शन के दौरान 17 मई को सुरक्षा बलों ने गोली चला दी। इसमें तीन ग्रामीणों की मौत हो गई। भगदड़ में घायल एक गर्भवती महिला की कुछ दिन बाद मौत हो गई। पुलिस का कहना था, ग्रामीणों की आड़ में नक्सलियों ने कैम्प पर हमला किया था। जिसकी वजह से यह घटना हुई। ग्रामीणों ने पुलिस पर आरोप लगाया। वहां लंबा आंदोलन चला। कुछ दिनों की शांति के बाद वहां फिर से आंदोलनकारी इकट्‌ठा होने लगे हैं।

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