अब बिजली बिल नहीं आएगा, लगेंगे स्मार्ट मीटर:छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रिवेम्पड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम के लिए राजी, इसमें मोबाइल जैसे बिजली का होगा प्री पेड पेमेंट

रायपुर4 महीने पहले
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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने रिवेम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम को सैद्धांतिक सहमति दे दी। इस योजना में कृषि उपभोक्ताओं को छोड़कर सभी उपभोक्ताओं के यहां प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे। - Dainik Bhaskar
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने रिवेम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम को सैद्धांतिक सहमति दे दी। इस योजना में कृषि उपभोक्ताओं को छोड़कर सभी उपभोक्ताओं के यहां प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे।

छत्तीसगढ़ के 53 लाख 50 हजार बिजली उपभोक्ताओं के मीटर अगले कुछ वर्षों में बदल दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केंद्र सरकार के रिवेम्पड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम को आज सैद्धांतिक सहमति दे दी है। इसके तहत केंद्र सरकार सभी गैर कृषि उपभोक्ताओं के यहां प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाने जा रही है।

केंद्रीय ऊर्जा मंत्री राजकुमार सिंह के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से हुई बैठक में मुख्यमंत्री ने इस योजना को लागू करने की योजना पर चर्चा की। इस बैठक में बिहार, गुजरात, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गोवा के ऊर्जा मंत्री और दमन-दीव के प्रशासक भी शामिल हुए। इस दौरान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने रिवेम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम को सैद्धांतिक सहमति दे दी। इसके तहत प्रदेश में बिजली के आधारभूत ढांचे को बढ़ाने के साथ ही इनके आधुनिकीकरण की कार्रवाई की जानी है। इस योजना में कृषि उपभोक्ताओं को छोड़कर सभी उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे। केन्द्र सरकार द्वारा इस योजना के तहत विस्तृत परियोजना रिपोर्ट पेश करने की समय सीमा 31 दिसंबर 2021 निर्धारित की गई है। इस योजना की अनुमानित लागत 9600 करोड़ रुपए है। इस योजना को मार्च 2025 तक पूरा किया जाना है।

निजी कंपनियों की भी एंट्री होगी

इस योजना के साथ बिजली वितरण क्षेत्र में निजी कंपनियों की भी एंट्री हो सकती है। उपभोक्ता को बिजली के लिए कंपनी चुनने का हक होगा। वह जितना रिचार्ज कराएगा, वह उतनी ही बिजली खर्च कर सकेगा। अगर कोई मीटर से छेड़छाड़ करता है तो कंपनी के पास अलर्ट मैसेज जाएगा जो कार्रवाई का आधार बनेगा।

बिजली का बिल ही नहीं आएगा

इन मीटरों के लग जाने के बाद उपभोक्ता के पास बिजली का बिल नहीं आएगा, क्योंकि रिचार्ज करने के नाते उसकी जरूरत ही नहीं पड़ेगी। इसके बाद मैनुअल मीटर रीडिंग की आवश्यकता नहीं रह जाएगी। कर्मचारी स्टेशन से ही साफ्टवेयर के जरिए आसानी से प्रत्येक घर की बिजली की खपत की गणना कर सकते हैं।

प्रदेश में अभी 59 लाख बिजली कनेक्शन

छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी के मुताबिक प्रदेश में अभी 59 लाख उपभोक्ता हैं। इनमें से करीब 5 लाख 50 हजार उपभोक्ता कृषि श्रेणी के कनेक्शन वाले हैं। सरकार इन पर अतिरिक्त सब्सिडी देती है। इन कृषि उपभोक्ताओं को केंद्र सरकार की योजना से फिलहाल बाहर रखा गया है।

सरकार अभी मीटर बदल रही है, फिर बदले जाएंगे

राज्य सरकार एक पुरानी योजना के तहत बिजली उपभोक्ताओं के मीटर बदल रही है। अब नई योजना लागू होने के बाद इस मीटर को फिर से बदला जाएगा। इसको लेकर सवाल भी हैं। बताया जा रहा है, नए स्मार्ट मीटर प्रीपेड होंगे। इसमें उपभोक्ता को एडवांस में रिचार्ज कराना होगा। इस मीटर के सक्रिय हो जाने के बाद उपभोक्ता के खाते में खत्म होते ही बिजली अपने आप कट जाएगी।

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