छत्तीसगढ़ के गांवों को चाहिए 4 हजार किमी सड़कें:CM भूपेश बघेल से मिलने पहुंचे केंद्रीय सचिव नागेंद्र नाथ सिन्हा के सामने रखी मांग, केंद्र के पास बकाया 4.5 हजार करोड़ रुपए भी मांगे

रायपुर3 महीने पहले
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केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय के सचिव नागेंद्र नाथ सिन्हा आज मुख्यमंत्री से मिलने उनके निवास कार्यालय में पहुंचे थे। - Dainik Bhaskar
केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय के सचिव नागेंद्र नाथ सिन्हा आज मुख्यमंत्री से मिलने उनके निवास कार्यालय में पहुंचे थे।

छत्तीसगढ़ को अगले कुछ वर्षों में 4 हजार किलोमीटर ग्रामीण सड़कें चाहिए। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज यह मांग केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय के सचिव नागेंद्र नाथ सिन्हा के सामने रखी। सिन्हा आज मुख्यमंत्री से मिलने उनके निवास कार्यालय में पहुंचे थे। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा, हमारी भौगोलिक परिस्थितियां बिल्कुल अलग हैं।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय के सचिव नागेंद्र नाथ सिन्हा को छत्तीसगढ़ की भौगोलिक परिस्थितियों की जानकारी दी। उन्होंने कहा, यह प्रदेश तमिलनाडु और बिहार से बड़ा है। छत्तीसगढ़ में बसाहटें दूर-दूर स्थित हैं। इसलिए उनको सड़कों से जोड़ने के लिए लगभग 4 हजार किलोमीटर सड़कों की मंजूरी दी जानी चाहिए। मुख्यमंत्री ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत छत्तीसगढ़ को ज्यादा राशि उपलब्ध कराने का आग्रह भी किया। मुख्यमंत्री ने ग्रामीण विकास योजनाओं के लिए छत्तीसगढ़ को अधिक से अधिक संसाधन उपलब्ध कराने का आग्रह किया। इस दौरान दोनों के बीच ग्रामीण विकास योजनाओं की प्रगति के संबंध में विस्तृत विचार-विमर्श हुआ है। मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव रेणु जी. पिल्लै, केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय के संयुक्त सचिव आशीष गोयल, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव प्रसन्ना आर और प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के CEO आलोक कटियार भी मौजूद थे।

वित्तीय संकटों पर भी की बात

मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारी से राज्य के वित्तीय संकटों पर भी बात की। उन्होंने कहा, केन्द्र सरकार से भी GST सहित अन्य मदों में छत्तीसगढ़ को लगभग साढ़े चार हजार करोड़ रुपए की राशि मिलना शेष है। कोरोना संकट के कारण राजस्व में कमी आई है। ऐसे में ग्रामीण विकास के लिए अधिक केंद्रीय सहयोग की जरूरत पड़ेगी।

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