कांग्रेस MLA ने अफसर को गालियां दीं, ऑडियो:तालाब के पट्‌टे के लिए बृहस्पत सिंह ने बलरामपुर-रामानुजगंज के डिप्टी कलेक्टर से फोन पर कहा- मारूंगा जूता ठीक हो जाएगा

रायपुर4 महीने पहले
कांग्रेस विधायक बृहस्पत सिंह पिछले एक महीने से लगातार विवादों में हैं।

रामानुजगंज कांग्रेस विधायक और सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष बृहस्पत सिंह ने बलरामपुर-रामानुजगंज के डिप्टी कलेक्टर प्रफुल्ल रजक को फोन पर गालियां दी हैं। बलरामपुर जिले के दलको तालाब में मछली पालन के पट्‌टे को लेकर उन्होंने डिप्टी कलेक्टर को जूते से मारने की भी धमकी भी दी गई है। विधायक की धमकी का ऑडियो वायरल हो रहा है।

बलरामपुर जिले की एक समिति दलको तालाब में मछली पालन के पट्‌टे का केस कलेक्टर कोर्ट में हार गई थी। इसके बाद डिप्टी कलेक्टर ने दूसरी समिति को अगले 10 साल के लिए मछली पालन का पट्‌टा जारी कर दिया। इस पर विधायक ने बुधवार शाम को डिप्टी कलेक्टर को फोन पर गालियां दीं। यहां तक कहा कि तू कैसे डिप्टी कलेक्टर बना है... मारेंगे जूता ठीक हो जाएगा। अफसर केवल यही कहते रहे- सर गाली मत दीजिए। बाद में डिप्टी कलेक्टर ने खुद ही फोन काट दिया। उन्होंने बलरामपुर कलेक्टर इंद्रजीत एस. चंद्रवाल से मामले की शिकायत कर विधायक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। मामले में जिला प्रशासन और विधायक चुप्पी साधे हैं।

वायरल ऑडियो में MLA और डिप्टी कलेक्टर की बातचीत

बृहस्पत सिंह: फैसला कोर्ट कॉपी के साथ था।
डिप्टी कलेक्टर: कलेक्टर साहब का आदेश आया था महोदय जी!
बृहस्पत सिंह: अरे यार, मेरे को एक बात बताओ कोई भी फैसला कलेक्टर के कोर्ट ने दिया..।
डिप्टी कलेक्टर: जी, कलेक्टर कोर्ट ने दिया है सर!
बृहस्पत सिंह: आप डिप्टी कलेक्टर हो तो सारी धाराओं को पढ़कर आया होगा न?
डिप्टी कलेक्टर: जी सर!
बृहस्पत सिंह: किसी भी फैसले के बाद सीधे फांसी हैंग करने का होता है क्या? अपील टाइप की अवधि होता है। अपील अवधि खत्म हो गई थी?
डिप्टी कलेक्टर: सर, खत्म तो नहीं हुई थी, लेकिन स्टे भी तो नहीं जारी हुआ था।
बृहस्पत सिंह: फिर कैसे जारी कर दिए। कैसे जारी कर दिए बेवकूफ।
डिप्टी कलेक्टर: स्टे भी तो नहीं था।
बृहस्पत सिंह: कमिश्नर के पास वह अपील के लिए गया है। अपील अवधि उसके पास सुरक्षित है। उसके पहले ही पट्‌टा जारी कर दिया।
डिप्टी कलेक्टर: ...अच्छा।
बृहस्पत सिंह: कैसे जारी कर दिया?
डिप्टी कलेक्टर: सर, स्टे भी तो नहीं था उनके पास।
बृहस्पत सिंह: अबे बक.. सुन। डिप्टी कलेक्टर बना है $@*%.। मारुंगा जूता ठीक हो जाएगा $@*%।
डिप्टी कलेक्टर: आप गाली मत दीजिए।

(ऑडियो का लिप्यांतरण। इसमें गालियों को नहीं लिखा गया है। मात्र संकेत $@*% हैं।)

बृहस्पत ने सिंहदेव पर लगाया था जान से मारने की कोशिश का आरोप
विधायक बृहस्पत सिंह पिछले महीने से लगातार विवादों में हैं। पिछले महीने उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव पर जान से मारने की कोशिश का आरोप लगाया था। इस आरोप ने कांग्रेस और सरकार दोनों की खूब किरकिरी कराई। विधानसभा की कार्रवाई ढाई दिन तक बाधित रही। सिंहदेव ने सदन छोड़ दिया। बाद में बृहस्पत सिंह ने इसके लिए माफी मांग ली।

सरगुजा के आदिवासी समाज को भी अपशब्द कहे
खुद आदिवासी समाज से ही आने वाले बृहस्पत सिंह ने कुछ दिन पहले सरगुजा के आदिवासी समाज के लिए अपशब्द कह दिए थे। उसको लेकर समाज आंदोलन पर उतारू था। भाजपा ने सरगुजा के कई जिलों में विधायक का पुतला जलाया। कार्रवाई की मांग की। विवाद बढ़ता देख बृहस्पत सिंह ने सर्व आदिवासी समाज की एक बैठक में पहुंचकर माफी मांग ली।

भाजपा ने पूछा, क्या यही सिखाने वर्धा ले गई थी कांग्रेस

डिप्टी कलेक्टर के साथ विधायक की गाली-गलौज की घटना पर भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। भाजपा विधायक नारायण चंदेल और सौरभ सिंह ने कहा, डिप्टी कलेक्टर के साथ किया गया दुर्व्यवहार यह बताने के लिए पर्याप्त है कि कांग्रेस का समूचा राजनीतिक चरित्र बददिमागी, बदजुबानी और बदसलूकी से कलंकित है। दोनों भाजपा नेताओं ने पूछा, क्या कांग्रेस ने अपने इसी असंसदीय आचरण और सत्तावादी अहंकारपूर्ण राजनीतिक चरित्र का प्रशिक्षण अपने सांसदों-विधायकों को वर्धा के प्रशिक्षण शिविर में दिया है? कांग्रेस के लोग और जनप्रतिनिधि अधिकारियों के साथ गाली-गलौज करते जरा भी शर्म महसूस नहीं कर रहे हैं।

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