दिल्ली से लौटे CM का साजिश की ओर इशारा:भूपेश बघेल बोले - ढाई-ढाई साल का राग अलापने वाले सरकार को अस्थिर करने की साजिश कर रहे, जिस दिन आलाकमान कहेगा CM का पद छोड़ दूंगा

रायपुर5 महीने पहले
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल राहुल गांधी और पार्टी महासचिव केसी वेणुगोपाल से मुलाकात कर रायपुर लौट आए हैं।

दिल्ली दरबार में छत्तीसगढ़ कांग्रेस का सत्ता संघर्ष जारी है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने बारी-बारी से कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल से मुलाकात की है। इस मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल रायपुर लौट आए हैं। रायपुर हवाई अड्‌डे पर उन्होंने ढाई-ढाई साल के मुख्यमंत्री की बात को सरकार के खिलाफ साजिश बताया। उन्होंने कहा, उन्हें मुख्यमंत्री आलाकमान ने बनाया है, सोनिया-राहुल जिस दिन कहेंगे वे CM का पद छोड़ देंगे।

रायपुर हवाई अड्‌डे पर प्रेस से चर्चा में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, दो दिन के दिल्ली प्रवास में राहुल गांधी और केसी वेणुगोपाल के साथ बैठक हुई है। इसमें विकास योजनाओं और लॉकडाउन पर चर्चा हुई। उन्होंने कहा, प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया इस पर बात रख चुके हैं। अब इसपर कुछ कहना शेष नहीं है। एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, मुख्यमंत्री पर ढाई-ढाई साल का राग अलापने वाले सरकार को अस्थिर करने की साजिश कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा, सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने एक किसान को मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी दी है। जब तक वे चाहते हैं मैं पद पर हूं- सोनिया जी-राहुल गांधी जिस दिन कहेंगे वे CM का पद छोड़ देंगे। कांग्रेस में मचे सत्ता संघर्ष के बीच भाजपा के बयानों पर टिप्पणी करते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, एक किसान के बेटे के मुख्यमंत्री बन जाने से भाजपा परेशान है। 2003 से 2018 तक भाजपा दूसरो के भरोसे सत्ता में आती रही है। इस बार उनको अपनी असलियत का भी अंदाजा हो गया है।

रायपुर हवाई अड्‌डे पर शक्ति प्रदर्शन

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अगवानी के बहाने उनके समर्थकों ने आज शक्ति प्रदर्शन भी किया है। करीब 3 बजे से ही वहां समर्थकों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। कृषि मंत्री रविंद्र चौबे, खाद्य मंत्री अमरजीत भगत, विधायक कुलदीप जुनेजा, विनय जायसवाल सहित कई निगम-मंडलों, प्राधिकरणों के अध्यक्ष और पार्टी पदाधिकारी मुख्यमंत्री के स्वागत को पहुंचे थे। इस दौरान समर्थकों ने "छत्तीसगढ़ अड़ा हुआ है, भूपेश बघेल संग खड़ा हुआ है' जैसे नारे लगाए। इस बारे में पूछे जाने पर मुख्यमंत्री ने कहा, उत्साहित लोग राहुल गांधी जिंदाबाद के नारे लगा रहे हैं।

वेणुगोपाल से सिंहदेव भी मिले, कल आने की संभावना

बताया जा रहा है, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सुबह 11.15 बजे के करीब कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल से मिलने पहुंचे। बाद में टीएस सिंहदेव भी वेणुगोपाल से मिले। दोनों नेताओं की वेणुगोपाल से क्या बात हुई इसका अधिकृत ब्यौरा नहीं मिल पाया है। सिंहदेव अभी दिल्ली में ही रुके हुए हैं। उनके कल रायपुर आने की संभावना जताई जा रही है।

मुख्यमंत्री सुबह दिल्ली में केसी वेणुगोपाल से मिलने पहुंचे थे।
मुख्यमंत्री सुबह दिल्ली में केसी वेणुगोपाल से मिलने पहुंचे थे।

कल राहुल गांधी के साथ हुई थी बैठक

भूपेश बघेल और टीएस सिंहदेव ने मंगलवार को दिल्ली में राहुल गांधी से मुलाकात की थी। करीब तीन घंटे तक राहुल गांधी ने दोनों नेताओं से अलग-अलग बात की। विवाद के समाधान पर बात हुई, लेकिन दोनों को एक और दिन रुकने को कहा गया था। माना जा रहा है कि सोनिया गांधी ने राहुल गांधी के फार्मुले पर ही सहमति की मुहर लगाई है।

समर्थकों ने लगाए नारे
कुछ दिन पहले दिल्ली में सिंहदेव के समर्थकों ने ‘छत्तीसगढ़ डोल रहा है बाबा-बाबा बोल रहा है’ के नारे लगाए थे। वहीं बुधवार को रायपुर एयरपोर्ट पर सीएम भूपेश के समर्थन में ‘छत्तीसगढ़ अड़ा हुआ है भूपेश बघेल संग खड़ा हुआ है’ के नारे लगे।

निर्णय हाईकमान करेगा: सिंहदेव
स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा कि यह पूरा मामला हाईकमान का ही है। हाईकमान ही इस पर निर्णय लेगा। मुझे इसकी कोई जानकारी नहीं है।

ऐसे बढ़ता गया है विवाद

ढाई-ढाई वर्ष के लिए मुख्यमंत्री बनाए जाने के फार्मुले की चर्चा के बीच पिछले कुछ महीनों के दौरान लिए गए कुछ फैसलों से विवाद बढ़ा है। सरकार ने जून महीने में ढाई साल पूरे किए। इसी के साथ मुख्यमंत्री बदलने की चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया। शुरुआत में इस संबंध में किसी सवाल पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल साफ शब्दों में कहते रहे कि इस तरह का कोई फार्मुला मौजूद नहीं है। स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव जरूर इस सवाल पर कहते थे कि मुख्यमंत्री बनाना हाईकमान का फैसला है। पिछले महीने पहली बार मुख्यमंत्री इस लाइन पर आए कि हाईकमान कहे तो अभी इस्तीफा दे दूंगा। 14 अगस्त को विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कहा, सेमीफाइनल में हम चार लोग थे। अभी तो दो ही खिलाड़ी बचे हैं। इसके साथ ही सत्ता संघर्ष की अटकलों ने जोर पकड़ा।

बृहस्पत कांड के बाद भड़का विवाद

पिछले महीने विधानसभा का मानसून सत्र शुरू होने से ठीक पहले कांग्रेस विधायक बृहस्पत सिंह के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव पर जान से मारने की कोशिश का आरोप लगाने के बाद विवाद ने तुल पकड़ लिया। स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव कई दिनों से दिल्ली में वरिष्ठ नेताओं तक अपनी बात पहुंचा रहे थे। सोमवार को अचानक बताया गया कि राहुल गांधी ने दोनों नेताओं को मुलाकात के लिए दिल्ली बुलाया है। सिंहदेव पहले से ही दिल्ली में थे, भूपेश बघेल सोमवार की शाम दिल्ली के लिए रवाना हुए। रवाना होने से पहले भी उन्होंने इसे सामान्य मुलाकात बताने की कोशिश करते रहे। उन्होंने बैठक में सिंहदेव के मौजूद रहने की बात से भी अनभिज्ञता जताई थी।

छत्तीसगढ़ में कई की धड़कन बढ़ी

दोनों नेताओं की दिल्ली में मौजूदगी और बैठकों के दौर के बीच छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के कई नेताओं की धड़कन बढ़ी हुई है। मंत्रिमंडल के सदस्यों से लेकर कांग्रेस पदाधिकारी तक दिल्ली के फैसले पर निगाह गड़ाए हुए हैं। एक मंत्री ने तो मंदिरों का चक्कर काटना शुरू कर दिया है।

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