खाद पर सियासी विवाद:यूरिया की खाली बोरियां लेकर कांग्रेसियों ने दिया धरना, कहा- छत्तीसगढ़ में खाद की कमी, भाजपा इसकी जिम्मेदार

रायपुर9 महीने पहले
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जिला स्तर के कांग्रेस नेता धरना प्रदर्शन में हाथों में युरिया की खाली बोरियां लेकर पहुंचे थे। - Dainik Bhaskar
जिला स्तर के कांग्रेस नेता धरना प्रदर्शन में हाथों में युरिया की खाली बोरियां लेकर पहुंचे थे।

रायपुर में एग्रीकल्चर कॉलेज के पास कांग्रेस नेताओं ने धरना दिया। ये धरना प्रदर्शन प्रदेश में खाद की कमी के मुद्दे पर था। पूरे प्रदेश में किसानों को खाद की कमी से जूझना पड़ रहा है। कांग्रेस का दावा है कि केंद्र की भाजपा सरकार समय पर खाद की सप्लाई नहीं कर रही है। जिला स्तर के कांग्रेस नेता धरना प्रदर्शन में हाथों में युरिया की खाली बोरियां लेकर पहुंचे थे। इनके हाथों में पोस्टर भी थे, जिनमें लिखा था- मोदी जी किसानों के साथ न्याय करो।

नेताओं ने केंद्र पर खाद न देने का आरोप लगाया।
नेताओं ने केंद्र पर खाद न देने का आरोप लगाया।

प्रदेश के हर जिले और ब्लॉक में प्रदर्शन
कांग्रेस ने शुक्रवार को प्रदेश के सभी जिला और ब्लाक मुख्यालयों में धरना दिया। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम धरसींवा और कवर्धा में धरना देने पहुंचे। कांग्रेस नेताओं ने मांग की है कि किसानों को तत्काल राहत पहुंचाई जाए और छत्तीसगढ़ को भरपूर मात्रा में खाद मुहैया कराई जाए। इसे लेकर प्रधानमंत्री के नाम जिला प्रशासन के अफसरों को ज्ञापन भी सौंपा।

मांग से आधी मिली खाद
कांग्रेस ने दावा किया है कि राज्य सरकार ने 2021 के खरीफ सीजन के लिए केन्द्र सरकार से 11.75 लाख टन रासायनिक उर्वरकों की मांग की थी। जुलाई तक छत्तीसगढ़ को मात्र 5.26 लाख मीट्रिक टन रासायनिक खाद दी गई। बीते 6 सालों की तुलना में इस साल खरीफ सीजन के लिए छत्तीसगढ़ को अब तक रासायनिक उर्वरकों की आधी-अधूरी मात्रा ही मिल पाई है, जिससे राज्य में किसानों की मांग के अनुसार रासायनिक उर्वरकों की पूर्ति में दिक्कत हो रही है।

भाजपा भी इसी मुद्दे पर दे चुकी है धरना
26 जुलाई को प्रदेश में खाद की किल्लत के मुद्दे पर भाजपा राज्य सरकार के खिलाफ धरना दे चुकी है। छत्तीसगढ़ के पूर्व कृषि मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने दावा किया है कि ग्राम पंचायतों की सोसायटी में पर्याप्त मात्रा में खाद नहीं दी गई। कांग्रेस के ऐसे कार्यकर्ता जो कृषि प्रोडक्ट की दुकान चलाते हैं, उन्हें खाद पहुंचाई गई। अब बाजार में खाद की किल्लत है और दुकानदारों से किसान महंगे दामों पर खाद खरीद रहा है।

डॉ.रमन ने भी घेरा था
डॉ. रमन सिंह ने हाल ही में अपनी एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए खाद की सप्लाइ और डिमांड का गणित समझाते हुए मौजूदा सरकार को घेरा था। उन्होंने कहा था कि छत्तीसगढ़ में खरीफ सीजन में लगभग 48 लाख हेक्टेयर में विभिन्न फसलों की बुआई की जाती है। खरीफ में धान एवं अन्य अनाज 40.50 लाख हेक्टेयर, दलहन 3.76 लाख हेक्टेयर, तिलहन 2.55 लाख हेक्टेयर और अन्य फसल 1.32 लाख हेक्टेयर बोई जाती है। इसके लिए राज्य सरकार ने केंद्र से खरीफ फसल 2021 के लिए 10.25 लाख मीट्रिक टन खाद की मांग की थी, जो केंद्र ने दे भी दिया था।

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