जीवन बचाने की मोर्चाबंदी:छत्तीसगढ़ में प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के अधिकतर डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ की अब कोरोना में ड्यूटी

रायपुर8 महीने पहले
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कोरोना के खिलाफ जंग में स्वास्थ्य विभाग के पास कर्मचारियों की कमी हो गई है। - Dainik Bhaskar
कोरोना के खिलाफ जंग में स्वास्थ्य विभाग के पास कर्मचारियों की कमी हो गई है।

छत्तीसगढ़ में कोरोना संक्रमण के भयावह हालातों पर काबू पाने की कोशिश लगातार जारी है। अब कोविड अस्पतालों, कोविड केयर सेंटर और आइसोलेशन सेंटर में डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की संख्या बढ़ाई जा रही है। इसके लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्राें और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के अधिकतर डॉक्टरों और कर्मचारियों को कोरोना ड्यूटी में लगाया जाएगा।

छत्तीसगढ़ में चिकित्सा सेवाओं के संचालक नीरज बंसोड़ ने मंगलवार को सभी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों (CMHO) को इस संबंध में निर्देश जारी कर दिया है। कहा गया है कि कोरोना ड्यूटी में केवल मातृत्व एवं शिशु स्वास्थ्य संबंधी और आपातकालीन चिकित्सा से जुड़े डॉक्टरों और सहायक अमले को छोड़कर अधिकतर लोगों की ड्यूटी लगाई जानी है। इन डॉक्टरों को दूर-दराज के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्राें, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्राें, अन्य अस्पतालों और अन्य कार्यालयों से लिया जाना है। इनकी सेवाएं मिलने के बाद CMHO को इनकी ड्यूटी आवश्यकता के अनुसार डेडिकेटेड कोविड अस्पताल, कोविड केयर सेंटर अथवा आइसोलेशन सेंटर में लगाना है।

तेजी से बढ़ाये जा रहे कोविड केयर सेंटर

प्रदेश में तेजी से कोविड केयर सेंटर और आइसोलेशन सेंटर की संख्या बढ़ाई जा रही है। अकेले रायपुर जिले में ही 12 नये कोविड केयर सेंटर तैयार किये जा रहे हैं। उनमें से कई बड़े हैं। वहां ऑक्सीजन वाले बेड की भी उपलब्धता है। इन अस्थायी अस्पतालों के लिये डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ की नियुक्ति सरकार के सामने नई चुनौती है।

संविदा नियुक्तियों की प्रक्रिया तेज

इधर, प्रदेश भर में डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ, लैब टेक्निशियन जैसे 4143 पदों के लिए संविदा भर्ती की प्रक्रिया जारी है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने गूगल डॉक्यमेंट के जरिये ऑनलाइन आवेदन मंगाये हैं। केवल तीन महीने की संविदा पर हो रही इस भर्ती से भी इन केंद्रों को स्टाफ मुहैया कराया जाएगा।

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