सरकार! कहां है मेरी मां:रायपुर के अस्पताल से लापता हो गई कोरोना संक्रमित महिला, अब परेशान घर वाले ढूंढ रहे; डॉक्टर बोले- उन्हें रेफर किया, मगर कहां ये नहीं पता

रायपुर8 महीने पहले
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  • चार दिन तक मां के लिए भोजन भेजता रहा परिवार, जब फोन पर बात करने की जिद की तो पता चला, मां तो वहां है ही नहीं।

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के फुंडहर स्थित कोविड अस्पताल से 10 अप्रैल से एक महिला लापता है। 14 अप्रैल की देर रात घर वालों को इस बात की जानकारी मिली। इस बीच घर वाले कोविड सेंटर पहुंचकर संक्रमित महिला के लिए नाश्ता पहुंचा रहे थे। उसका हाल-चाल फुंडहर अस्पताल के स्टाफ से पूछ रहे थे और कर्मचारी घर वालों से रोज झूठ बोल रहे थे। जब महिला के बेटे ने उससे फोन पर बात करने की जिद की तो पता चला कि अस्पताल में जिस महिला के लिए 4 दिनों से वे नाश्ता भेज रहे थे, वह तो वहां है ही नहीं। पूरे प्रदेश में कोरोना के भारी संकट के बीच ऐसी लापरवाही का ये पहला मामला है। महिला के परिवार के लोग परेशान हैं और अब सरकारी अस्पतालों में जाकर उन्हें ढूंढ रहे हैं।

महिला के बेटे धनंजय का ये शिकायती खत किसी दुर्भाग्य के खत से कम नहीं।
महिला के बेटे धनंजय का ये शिकायती खत किसी दुर्भाग्य के खत से कम नहीं।

चीफ मेडिकल अफसर से शिकायत

दैनिक भास्कर से संक्रमित महिला के बेटे धनंजय ने बात की। धनंजय ने बताया कि हमने इस पूरे मामले की जानकारी चीफ मेडिकल अफसर को दी है। मैंने फुंडहर अस्पताल के डॉक्टर से पूछा तो उन्होंने कहा कि 9 तारीख को एडमिट होने के बाद 10 तरीख को मरीज को रेफर किया गया है। कहां रेफर किया गया इसकी जानकारी हॉस्पिटल के स्टाफ ने नहीं दी। पिछले 4 दिनों से अब मेरी मां कहां हैं, किस हाल में हैं मुझे नहीं पता। इसका जिम्मेदार कौन होगा।

आंबेडकर अस्पताल में होने की जानकारी

धनंजय ने बताया कि जिला प्रशासन के किसी अफसर और डॉक्टर्स ने हमारी कोई मदद नहीं की। मैंने फुंडहर के अस्पताल में पता किया तो एक CCTV फुटेज में मेरी मां को ले जाने का फुटेज दिखा है। पता ये चला है कि उन्हें आंबेडकर अस्पताल ले जाया गया है। हालांकि सुबह रिश्तेदार आंबेडकर अस्पताल जाकर भी पता करके लौट चुके हैं। वहां भी कुछ पता नहीं चला। गलत नाम से एंट्री किए जाने की बातें भी सामने आ रही हैं। मैं अपने स्तर पर ही मां से जुड़ी जानकारी जुटा रहा हूं।

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