आदिवासियों में कुपोषण पर भिड़े नेता:नेता प्रतिपक्ष ने कहा, सरकार उदासीन भाजपा राष्ट्रपति से संरक्षण की मांग करेगी, मुख्यमंत्री बोले - एक दिन में खत्म नहीं होगा

रायपुर2 महीने पहले
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सरगुजा अंचल में संरक्षित पंडाे जनजाति में कुपोषण और संदिग्ध मौत पर विपक्ष हमलावर है। नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा, पंडो जनजाति में गंभीर कुपोषण की ओर से सरकार उदासीन है। उन्होंने कहा, भाजपा राज्यपाल और राष्ट्रपति से मुलाकात कर हस्तक्षेप का आग्रह करेगी। जवाब में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, प्रदेश में कुपोषण से इन्कार नहीं, लेकिन यह एक दिन में खत्म नहीं होगा।

नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने मंगलवार को कहा, पिछले दो महीने के भीतर जिस तरह पंडो जनजाति के 15 लोगों की मौत हुई है, वह देश और प्रदेश के लिए चिंता का विषय है। उनकी संख्या वैसे भी कम है। उनको विशेष देखरेख की आवश्यकता है। वे कुपोषण का शिकार हो रहे हैं। उन्हें खाने-पीने में असुविधा हो रही है। सरकार की ओर से उनके उचित इलाज की व्यवस्था नहीं है। कौशिक ने कहा, इस मामले को लेकर सरकार उदासीन है। इसकी वजह से पंडो जनजाति के लोगों की लगातार मौत हो रही है। कौशिक ने कहा, जल्दी ही राज्यपाल को इस मामले की जानकारी दी जाएगी। जरूरत पड़ी तो राष्ट्रपति तक इस बात को ले जाएंगे। कौशिक ने कहा, राज्य सरकार उन्हें नहीं संभाल सकती तो स्पष्ट बोल दे, उन्हें केंद्र से ही संरक्षित कराने की जरूरत है।

इधर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, प्रदेश में कुपोषण है, इससे उन्होंने कभी इन्कार नहीं किया। वे तो पहले दिन से कहते आ रहे हैं कि छत्तीसगढ़ में नक्सलियों से बड़ी समस्या कुपोषण की है। यहां पांच साल से कम उम्र के 41 प्रतिशत लोग कुपोषित हैं। 47 प्रतिशत महिलाओं के शरीर में खून की कमी है। उस दिशा में हमने काम शुरू किया है। लेकिन समस्या एक दिन में खत्म तो नहीं हो जाएगी। उन्होंने कहा, दो बार लॉकडाउन के बाद भी प्रदेश में सुपोषण अभियान जारी रहा। बहुत से जिलों में कुपोषण की दर कम हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा, कुपोषण एक चुनौती है और हम उससे लड़ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा, भाजपा के शासनकाल में सालाना एक-दो प्रतिशत की कमी आती थी। हमारे एक साल मेंे औसतन 13 प्रतिशत की कमी आई है, यह बड़ी बात है।

कुपोषण और बीमारी से 20 लोगों की मौत का आरोप

सरगुजा के बलरामपुर जिले मे पिछले 2 महीनों में पंडो जनजाति के 20 लोगों की मौत की जानकारी आई है। मामला सामने आने के बाद भाजपा हमलावर है। इधर स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव के निर्देश पर जिला प्रशासन ने जांच शुरू की है। बलरामपुर जिला अस्पताल में पंडो जनजाति के 24 लोगों को भर्ती किया गया। वहीं अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज में 6 लोगों को भर्ती कराया गया है। इन मरीजों की पसलियां कुपोषण के कारण अलग से दिख रही हैं।

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