बृजमोहन का विवादित बयान:भाजपा के पूर्व मंत्री ने कांग्रेसियों को बताया लातों के देवता; कहा- इस सरकार को जनता सबक सिखाएगी, घर-घर बिक रही शराब

रायपुर5 महीने पहले

छत्तीसगढ़ के पूर्व कृषि मंत्री और प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ नेता बृजमोहन अग्रवाल एक बार फिर अपने सियासी बयान की वजह से चर्चा में हैं। उन्होंने कांग्रेसियों को लातों का देवता बता दिया। यहां तक कह दिया कि वो बातों से मानने वाले नहीं। मीडिया ने उनसे मौजूदा कृषि मंत्री रविंद्र चौबे के एक बयान पर राय मांगी थी। सारा विवाद शराब लेकर चल रही बयानबाजी और तंज पर है।

दरअसल, कृषि मंत्री रविंद्र चौबे के तंज पर बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि कांग्रेस की सरकार से अच्छी नीति भाजपा की सरकार और डॉ. रमन की रही। कम से कम तब कोचिए तो शराब नहीं बेचते थे। अब ताे घर-घर में शराब बिक रही है। मेरे हिसाब से तो जो अच्छा काम किया उन्हें पद्म पुरस्कार मिलना ही चाहिए। सरकार को तो आने वाले समय में जनता सबक सिखाएगी। ये पुरस्कार के लायक नहीं। जो लातों के देवता हैं वो बातों से नहीं मानते।

इस वजह से फेंका ये बयान वाला भाला
देश के प्रधानमंत्री नरेंंद्र मोदी ने पद्म पुरस्कारों के लिए जनता से सुझाव मांगे हैं। छत्तीसगढ़ से कृषि मंत्री रविंद्र चौबे ने सोमवार को इसी बात पर तंज कसते हुए कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह को पद्म अवॉर्ड मिलना चाहिए, यहां शराब की नदियां बहाने में उनका ही योगदान है। इसी बयान के बदले लातों के देवता वाली बात बृजमोहन अग्रवाल ने कह दी। अब एक बार फिर से पद्म अवॉर्ड की PM द्वारा मांगा गया सुझाव प्रदेश में सियासी बयान युद्ध का कारण बन चुका है।

जब बृजमोहन अग्रवाल को गुस्सा आता है
इससे पहले भी कई मौकों पर पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवान सरकार को कई मुद्दों पर अपने आक्रोशित लहजे के बयान से घेर चुके हैं। बीते 20 दिनों में उनके बयानों को पढ़ें और देखें जब कांग्रेस सरकार के काम-काज पर बृजमोहन अग्रवाल को गुस्सा आता है तो कैसे बयान बाजी होती है।

  • 1995 वर्ग किलोमीटर में प्रस्तावित लेमरु हाथी रिजर्व का क्षेत्रफल घटाए जाने पर 6 जुलाई को बृजमोहन अग्रवाल ने कहा था - जिन विधायकों के पत्र के आधार पर क्षेत्रफल कम करने की कवायद शुरू हुई है वह पत्र उन्होंने अपनी मर्जी से नहीं लिखा है। वह पत्र उनसे लिखवाया गया है। इस सरकार को अब छत्तीसगढ़ के जंगलों, आदिवासियों और हाथियों के रहवास की चिंता नहीं है। इन्हें अब उद्योगपतियों के हितों काे संरक्षित करने की ही चिंता है।
  • एक महीने पहले कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम ने महंगाई को आपदा बताकर के लिए PM मोदी को दोषी बताया तो बृजमोहन बोले- “अगर महंगाई राष्ट्रीय आपदा है तो जो लोग ऐसा कह रहे हैं वे खाना-पीना त्याग दें। अन्न त्याग दें। पेट्रोल का उपयोग बंद कर दें। मुझे लगता है कि केवल कांग्रेसी और कांग्रेस को वोट देने वाले लोग ही ऐसा कर देंगे तो महंगाई कम हो जाएगी।”
  • प्रदेश सरकार के दावों पर पिछले महीने बृमोहन अग्रवाल ने कहा - जब लोगों को ऑक्सीजन और वेंटिलेटर की जरूरत थी, तब सरकार नहीं दे सकी, अब व्यवस्था कर रहे जब चिड़िया चुग गई खेत।
  • कोरोना से मौत के आंकड़ों के मुद्दे पर बृजमोहन अग्रवाल कहते रहे हैं कि - प्रदेश की कांग्रेस सरकार खुद आंकड़े छिपा रही है, मुझे जानकारी मिली है कि प्रदेश में 50 हजार से अधिक लोगों की जान गई है।
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