IMA की मांग:डॉक्टर्स ने CM को लिखा खत-शराब की दुकानों की भीड़ पर ध्यान दे सरकार, लॉकडाउन से रोज कमाने-खाने वालों को होगी दिक्कत

रायपुर7 महीने पहले
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तस्वीर रायपुर के कटोरा तालाब इलाके की शराब दुकान की है। ये हालात तब हैं जब जिले में धारा 144 लागू है। - Dainik Bhaskar
तस्वीर रायपुर के कटोरा तालाब इलाके की शराब दुकान की है। ये हालात तब हैं जब जिले में धारा 144 लागू है।
  • बढ़ते संक्रमण से डॉक्टर्स भी चिंतित, लोगों से प्रोटोकॉल का पालन करवाने की अपील

छत्तीसगढ़ दो दिन पहले देश का दूसरा ऐसा राज्य था, जहां 24 घंटे में सबसे अधिक 4600 से अधिक मरीज मिले थे। अब इन हालातों को देखकर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) के वरिष्ठ चिकित्सकों ने कहा है कि पिछले वर्ष लॉकडाउन के बाद जब बाजार फिर से खुले, तब भारी भीड़ ने सारे सामाजिक गाइडलाइन पालन के सकारात्मक नतीजों पर पानी फेर दिया था। बढ़ते संक्रमण पर चिंता जाहिर करते हुए IMA ने CM बघेल के नाम एक खत सरकार को भेजा है।

IMA के प्रदेश अध्यक्ष डॉ महेश सिन्हा ने बताया कि IMA ने अपने पत्र में कहा है कि लॉकडाउन में दैनिक वेतन भोगी मजदूर और निम्न आय वर्ग के लोगों को परिवार के भरण-पोषण के लाले पड़ जाते हैं, यही नहीं दैनिक जरूरतों के सामान के लिए आंशिक रूप से बाजार खुलने पर भारी भीड़ इकट्ठा होती है और लॉकडाउन के नतीजे प्रभावित हो जाते हैं। आपात सेवाएं बाधित हो जाती हैं और प्रशासन का ध्यान कानून-व्यवस्था संभालने की ओर ज्यादा रहता है। यह बेहतर होगा कि अभी से प्रशासन के सभी अंग मिलकर कोरोना संक्रमण गाइडलाइन का पालन सख्ती से कराएं। सामाजिक कार्यकर्ताओं की मदद से स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने की तरफ ध्यान दें।

IMA हॉस्पिटल बोर्ड के चेयरमैन डॉ. राकेश गुप्ता ने कहा कि लॉकडाउन में रोज कमाने वालों के लिए बहुत अप्रिय निर्णय है। बहुत लंबा लॉकडाउन लगाना आर्थिक गतिविधियों को रोकने के बराबर है। इससे अर्थव्यवस्था को नुकसान ही होगा। सरकार को केवल सामाजिक गाइडलाइन का पूरी सख्ती से पालन कराने और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को मजबूत बनाने की ओर ध्यान देना चाहिए।

ये है IMA के सुझाव

  1. धारा 144 का सख्ती से पालन
  2. गैर जरूरी जगहों, जैसे मॉल, पार्क जैसे सभी सार्वजनिक स्थानों को बंद करना, जहां भीड़ इकट्ठी होती है।
  3. बिना व्यवसाय को प्रभावित करते हुए हर एक व्यक्ति को व्यवहार परिवर्तन को जीवन का अंग बनाना पड़ेगा।
  4. शहर के विभिन्न बाजारों में आवाजाही पर सख्त नियंत्रण।
  5. सार्वजनिक यातायात पर नियमों का पालन।
  6. लोगों को व्यक्तिगत दूरी बनाते हुए कार्य करने का प्रोत्साहन और छूट।
  7. सभी व्यापारिक संस्थाओं और दुकानों में कार्य करने वालों द्वारा सख्ती से नियमों का पालन।
  8. चारों ओर से बंद परिसरों और वातानुकूलित स्थानों में लोगों की आवाजाही पर नियंत्रण करते हुए भीड़ इकट्ठी ना होने देना।
  9. शराब की दुकानों पर विशेष नियंत्रण की आवश्यकता है क्योंकि, वहां हर नियम की धज्जियां उड़ाई जाती हैं और सारे प्रयासों पर पानी फिर जाता है।
  10. झोलाछाप गैर डिग्रीधारी चिकित्सकों तथा मेडिकल स्टोर्स पर नियंत्रण रखना ताकि, लोग अनजाने में बीमारी को ना बढ़ाएं।
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