इमर्जेंसी मेडिकल केयर का एक साल का कोर्स:छत्तीसगढ़ के 6 मेडिकल कॉलेजों में 20 मई से शुरू होगी प्रवेश प्रक्रिया, 13 जून तक एडमिशन पूरी करने की योजना

रायपुर5 महीने पहले
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रायपुर स्थित जवाहरलाल नेहरु मेडिकल कॉलेज में भी यह पाठ्यक्रम शुरू हो रहा है। कोरोना काल में यहां के क्रिटिकल केयर विशेषज्ञों ने प्रदेश भर के पैरामेडिकल स्टाफ को प्रशिक्षण दिया है। - Dainik Bhaskar
रायपुर स्थित जवाहरलाल नेहरु मेडिकल कॉलेज में भी यह पाठ्यक्रम शुरू हो रहा है। कोरोना काल में यहां के क्रिटिकल केयर विशेषज्ञों ने प्रदेश भर के पैरामेडिकल स्टाफ को प्रशिक्षण दिया है।

छत्तीसगढ़ में चिकित्सा शिक्षा विभाग इमरजेंसी केयर में एक वर्षीय प्रशिक्षण शुरू करने जा रहा है। प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में इस पाठ्यक्रम के लिए प्रवेश प्रक्रिया 20 मई से शुरू होने जा रही है। विभाग की योजना इसे 13 जून तक पूरा कर लेने की है, ताकि 15 जून से विधिवत प्रशिक्षण शुरू किया जा सके।

कोरोना काल में आपातकाल चिकित्सा उपकरणों के संचालन में प्रशिक्षित स्टाफ की कमी महसूस करने के बाद विभाग ने एक वर्ष के प्रशिक्षण पाठ्यक्रम का प्रस्ताव बनाया था। सरकार ने 4 अप्रैल को रायपुर, बिलासपुर, जगदलपुर, अम्बिकापुर, रायगढ़ और राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज में इस पाठ्यक्रम के संचालन की अनुमति दे दी। अब चिकित्सा शिक्षा संचालक ने सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों को पत्र भेजकर प्रवेश प्रक्रिया शुरू करने को कहा है।

निर्देशों के मुताबिक, इस पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए 20 मई से आवेदन की प्रक्रिया शुरू होगी। 31 मई आवेदन की अंतिम तिथि होगी। आवेदन के आधार पर पांच जून को मेरिट सूची जारी की जाएगी। 7 जून को सीटों का आवंटन होगा। 10 से 13 जून तक प्रवेश होगा और 15 जून से कक्षाएं शुरू हो जाएंगी।

ऑनलाइन होगा आवेदन

बताया गया कि मेडिकल कॉलेज के डीन अलग-अलग विज्ञापन जारी करेंगे। मेडिकल कॉलेज की वेबसाइट पर आवेदन का फाॅर्म डालेंगे। इस फॉर्म को भरकर आवेदक ई-मेल के जरिए अपना आवेदन मेडिकल कॉलेज को भेजेंगे। इसके साथ सामान्य और OBC वर्ग को 500 रुपए का शुल्क और SC-ST वर्ग को 300 रुपए का शुल्क देना होगा।

12वीं में PCB वालों को ही प्रवेश

चिकित्सा शिक्षा विभाग ने इसके लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता हायर सेकंडरी तय किया है। प्रवेश के लिए व्यक्ति को भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान के साथ 12वीं पास होना जरूरी है। मेरिट का निर्धारण भी 12वीं के अंकों के आधार पर होना है।

प्रवेश के लिए यह भी जरूरी

  • आवेदक छत्तीसगढ़ का निवासी होना चाहिए।
  • उसकी उम्र 17 से 31 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
  • आवेदक मेडिकली फिट होना चाहिए। जरूरत पड़ी तो इसके लिए मेडिकल बोर्ड भी बनाया जाएगा।

प्रदेशभर में केवल 35 सीटें

इस पाठ्यक्रम के लिए एक मेडिकल कॉलेज में केवल पांच सीटों का आवंटन होना है। यानी जिन 6 मेडिकल कॉलेजों में यह पाठ्यक्रम शुरू होगा उनमें कुल मिलाकर केवल 35 लोगों को प्रवेश मिल पाएगा। अधिकारियों का कहना है कि अगले कुछ वर्षों में सीटें बढ़ाई भी जा सकती हैं। प्रवेश में आरक्षण के सामान्य नियम लागू होंगे।

3700 रुपए तय है पाठ्यक्रम का शुल्क

बताया गया, इमरजेंसी केयर टेक्निशियन पाठ्यक्रम के लिए 3700 रुपए का शुल्क तय हुआ है। इसमें 1000 रुपया प्रवेश शुल्क है और 2700 रुपया ट्यूशन का। अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों के लिए केवल 1000 रुपए का प्रवेश शुल्क देना होगा।

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