लगातार बारिश, फिर भी नहीं भरे डैम:छत्तीसगढ़ के ज्यादातर जलाशय अभी 55 प्रतिशत ही भर पाए, सिर्फ मनियारी और खारंग बांध लबालब

रायपुर4 महीने पहले
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छत्तीसगढ़ में समय से पहले आया मानसून जुलाई की शुरुआत में कमजोर हो गया। महीने के अंत में उसने अपनी रफ्तार पकड़ी है, लेकिन उसका असर जमीन पर दिखने लगा है। प्रदेश के 14 जिलों में सामान्य से कम पानी बरसा है। इसकी वजह से प्रदेश के जलाशयों में भी पानी का भराव औसतन 55 प्रतिशत तक ही हो पाया है। पिछले साल इसी दिन तक यह 60 प्रतिशत से अधिक भरा था। इसी बीच मनियारी और खारंग जलाशय पूरी तरह पानी से भर गए हैं।

मौसम विभाग के मुताबिक इस साल 9-10 जून की रात प्री-मानसून का आगमन हुआ। अगले दो दिनों में यह पूरे प्रदेश में सक्रिय हो चुका था। एक जून से अब तक प्रदेश में 546.2 मिलीमीटर बरसात हुई है। 29 जुलाई तक प्रदेश की सामान्य औसत बरसात 544.6 मिमी ही है। इससे प्रदेश की बरसात सामान्य दिख रही है। जिलावार आंकड़ों को देखें तो सरगुजा, कांकेर, जशपुर, दंतेवाड़ा और बस्तर जिलों में सामान्य से बेहद कम बरसात हुई है।

बालोद, बलरामपुर, धमतरी, गरियाबंद, कोरिया, महासमुंद, रायगढ़, राजनांदगांव और रायपुर तक में सामान्य से कम बरसात हुई है। वहीं सुकमा जिले में सामान्य से 86 प्रतिशत अधिक बरसात हुई है। मुंगेली, काेरबा, कबीरधाम, बिलासपुर, बेमेतरा और बलौदा बाजार-भाटापारा जिले में भी सामान्य से अधिक बरसात है।

इसका असर प्रदेश के छोटे-बड़े बांधों के जलाशयों पर भी पड़ा है। जल संसाधन विभाग के मुताबिक प्रदेश के 12 बड़े जलाशयों की कुल क्षमता 5355.709 लाख घन मीटर है। 29 जुलाई तक इन जलाशयों में केवल 3133.470 लाख घन मीटर पानी जमा हो पाया है। यानी कुल क्षमता का केवल 58.51 प्रतिशत। 2020 में इसी तारीख तक इन जलाशयों में 75.76 प्रतिशत पानी भरा था।

2019 में जरूर यह 40.29 प्रतिशत तक ही भरा था। मध्यम स्तर के 34 जलाशयों की क्षमता 1004.519 लाख घन मीटर है। आज की तारीख में इनमें 491.519 लाख घन मीटर पानी है। यानी कुल क्षमता का केवल 48.97 प्रतिशत। 2020 में इन जलाशयों में 51.96 प्रतिशत और 2019 में 34.58 प्रतिशत तक जलभराव हुआ था।

मुंगेली के मनियारी और बिलासपुर के खारंग में पानी ही पानी
बड़े जलाशयों में मुंगेली जिले का मनियारी जलाशय पूरी तरह भर गया है। इस जलाशय की क्षमता 147.720 लाख घन मीटर पानी की है। 29 जुलाई को जलाशय में 147.72 लाख घन मीटर का पानी इकट्‌ठा हो चुका है। बीते 24 घंटों में इसके जलग्रहण क्षेत्र में 2 मिमी बरसात दर्ज हुई है। वहां बिलासपुर के खारंग जलाशय की क्षमता 192.320 लाख घन मीटर है। आज की तारीख में जलाशय में 191.16 लाख घन मीटर यानी 99.40 प्रतिशत पानी है।

मध्यम स्तर के जलाशयों में झुमका और सरोदा बैराज भर गए
प्रदेश में मध्यम स्तर के 34 जलाशयों में से कोरिया का झुमका और कबीरधाम जिले का सरोदा डैम पूरी तरह से भर चुके हैं। जल संसाधन विभाग के मुताबिक झुमका डैम की जलभराव क्षमता 23.370 लाख घन मीटर है। आज की तारीख में वहां 23.44 लाख घन मीटर पानी जमा हो चुका है। कबीरधाम के सरोदा डैम की क्षमता 30.150 लाख घन मीटर पानी जमा करने की है। आज वहां पर 29.90 लाख घन मीटर यानी 99.17 प्रतिशत पानी जमा हो चुका है। बीते 24 घंटों में उस क्षेत्र में 7 मिलीमीटर पानी बरस चुका है। कबीरधाम का छीरपानी और सरगुजा का श्याम जलाशय भी 92-93 प्रतिशत तक भर चुका है।

तांदुला, दुधावा, परालकोट, मतियामोती और मायना में सबसे कम पानी
आज की तारीख में प्रदेश के जलाशयों में से सबसे कम पानी तांदुला, दुधावा, परालकोट, मतियामोती और मायना जलाशयों में है। बालोद के तांदुला जलाशय की क्षमता 302.301 लाख घन मीटर की है। आज की तारीख में वहां केवल 43 लाख घन मीटर यानी 14 प्रतिशत पानी है। यह पिछले वर्ष की तुलना में आधी से भी कम है। कांकेर के दुधावा जलाशय में अभी केवल 56.10 लाख घन मीटर पानी है जबकि इसकी क्षमता 284.120 लाख घन मीटर है। मध्यम जलाशयों में कांकेर का परालकोट केवल 5 प्रतिशत भर पाया है। राजनांदगांव में मतियामोती जलाशय में केवल 9.74 प्रतिशत जल भराव है। कांकेर का मायना जलाशय, अपनी क्षमता का 9.11 प्रतिशत ही भर पाया है।

स्रोत: जल संसाधन विभाग, सभी आंकड़े लाख घन मीटर में।
स्रोत: जल संसाधन विभाग, सभी आंकड़े लाख घन मीटर में।
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