छग नान घोटाला:रमन सिंह ने CM बघेल पर लगाया था आरोप; अब कांग्रेस का पलटवार, केंद्रीय जांच एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही BJP

रायपुर2 महीने पहले

छत्तीसगढ़ में बहुचर्चित नागरिक आपूर्ति निगम घोटाले पर राजनीति जारी है। पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने मंगलवार को सर्वोच्च न्यायालय में दिए प्रवर्तन निदेशालय (ED) के सीलबंद हलफनामे का हवाला देकर आरोप लगाया था कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल नान के दो आरोपियों को बचा रहे हैं। अब बुधवार को कांग्रेस ने बीजेपी पर केंद्रीय जांच एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया है।

कांग्रेस के प्रदेश मुख्यालय राजीव भवन में पत्रकारों से चर्चा में कांग्रेस के महामंत्री रवि घोष, संगठन महामंत्री चंद्रशेखर शुक्ला और संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा, उन्हें अभी तक ED के ऐसे किसी शपथ पत्र की जानकारी नहीं है। अगर ऐसे किसी शपथ पत्र का अस्तित्व है, जिसका दावा रमन सिंह ने किया है तो स्पष्ट है कि वह एजेंसी भाजपा के इशारे पर काम कर रही है। यह इसी बात से स्पष्ट है कि रमन सिंह सर्वोच्च न्यायालय में सील्ड कवर में दी गई जानकारी का न केवल उल्लेख कर रहे हैं बल्कि सील्ड कवर में क्या है और ED के उस हलफनामे में क्या लिखा है, उसे उजागर भी कर रहे हैं।

कांग्रेस नेताओं ने पूछा कि रमन सिंह को जब सील्ड कवर में क्या है, इसकी भी जानकारी है तो अब यह भी बता ही देना चाहिए कि क्या यह हलफनामा भी उनके और भाजपा नेताओं के इशारों पर ही तो नहीं बनाया गया है? कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा, राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ ED, IT सहित केंद्र सरकार की एजेंसियों का दुरुपयोग भाजपा की फितरत है। कर्नाटक, महाराष्ट्र, बंगाल, उत्तर प्रदेश में भाजपा ने यह चुनावों के पहले किया है। रमन सिंह और भाजपा की छत्तीसगढ़ में दम तोड़ती राजनीति और खत्म होते जनाधार को देखकर ED का दुरुपयोग अपने आप में स्पष्ट है। त्रिवेदी ने कहा, ED केंद्र सरकार की एजेंसी है। राज्य सरकार के अधिकारियों द्वारा ED के प्रकरण में अपने प्रभाव के दुरुपयोग की बात पूरी तरह से असत्य और निराधार है।

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कोर्ट के सामने पहले ही चालान पेश कर चुकी है ACB
कांग्रेस नेताओं ने कहा, नान मामले में ACB, EOW कोर्ट में चालान पूर्ववर्ती सरकार के समय में ही प्रस्तुत किया जा चुका है। उस सरकार के मुखिया स्वयं रमन सिंह थे। कांग्रेस की सरकार बनने के बाद जनवरी 2019 तक 151 लोगों की गवाही हो चुकी थी। उसके बाद कोई गवाही नहीं हुई। ऐसी स्थिति में रमन सिंह के आरोपों की असत्यता स्वयं प्रमाणित है।

SIT की जांच रुकवाने अदालत क्यों गए भाजपा नेता
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया, रमन सरकार में मुखिया और उनके परिवार के लगातार उजागर हो रहे भ्रष्टाचार को छिपाने के लिए आनन-फानन में नान पर छापा पड़ा। लीपापोती की जांच की गई। कांग्रेस की सरकार बनने के बाद इसकी जांच के लिए SIT बनी तो भाजपा के नेताओं ने जांच रुकवाने की कोशिश की। कांग्रेस नेताओं ने कहा, ACB, EOW के पास रमन सिंह सरकार के भ्रष्टाचार के प्रमाण हैं। SIT भी अपनी जांच रिपोर्ट अदालत में पेश करने वाली है। जांच पूरी होते ही परिणाम के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

आरोपी अफसरों का बचाव भी किया
कांग्रेस नेताओं ने नान घोटाले में आरोपी दोनों अफसरों का बचाव भी किया। कांग्रेस नेताओं ने कहा, प्रमुख सचिव डॉ. आलोक शुक्लआ को संविदा नियुक्ति देने के खिलाफ भाजपा ने उच्च न्यायालय में याचिका लगाई थी जो खारिज की जा चुकी है। भाजपा की ओर से एक और अपील इस मामले में की गई है जिसमें न्यायालय का फैसला अभी नहीं आया है। दूसरे अफसर अनिल टुटेजा संयुक्त सचिव हैं, सचिव नहीं। रमन सिंह को इसका अंतर पता होना चाहिए। आरोपियों के बचाव में कांग्रेस नेताओं का तर्क था, कानून के मुताबिक दोषी वही है जिस पर दोष सिद्ध हो चुका है। किसी को दोष सिद्ध होने के पहले दोषी ठहराकर पूर्व मुख्यमंत्री ने लोगों को गुमराह करने की कोशिश की है।

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