छत्तीसगढ़ में तेज आंधी के साथ बारिश:बड़ी संख्या में पेड़ टूटे, कई घरों को भी नुकसान पहुंचा, सड़क मार्ग हुआ प्रभावित

रायपुरएक महीने पहले
पेण्ड्रा-कोरबा रोड पर पेड़ गिरने से रास्ता बंद हो गया था। ग्रामीणों ने पेड़ों की डालियां काटकर रास्ता खोला। - Dainik Bhaskar
पेण्ड्रा-कोरबा रोड पर पेड़ गिरने से रास्ता बंद हो गया था। ग्रामीणों ने पेड़ों की डालियां काटकर रास्ता खोला।

बिलासपुर और सरगुजा संभाग के बड़े हिस्से में तेज आंधी के साथ बरसात हुई है। इसकी वजह से पेड़ टूटें हैं। कच्चे घरों के छप्पर उड़ गए। वहीं पेड़ गिरने से भी घरों को नुकसान पहुंचा है। कई दूसरे जिलों में भी तेज हवाएं चली हैं। एक दिन पहले भी बिलासपुर-सरगुजा के कई जिलों में आंधी आई थी।

गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले में आंधी से नुकसान की खबर है। पेण्ड्रा से कोरबा-मनेंद्रगढ़ जाने वाली मुख्य सड़क पर अड़भार और बंधी गांव के पास कई पेड़ गिर गए। इसकी वजह से इस सड़क पर रास्ता काफी देर तक बंद हो गया था। पेड़ों के घरों पर गिर जाने भी नुकसान हुआ है। कई जगह तक कारों पर भी पेड़ और छप्पर गिर गए। इसकी वजह से लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इन इलाकों में हल्की बरसात भी हुई है।

आंधी और बरसात की वजह से पेण्ड्रा और आसपास के तापमान काफी कम हुआ है। शनिवार को पेण्ड्रा का अधिकतम तापमान जगदलपुर से भी कम हो गया था। वहां अधिकतम तापमान 39.9 डिग्री सेल्सियस मापा गया है। वहीं अब तक सबसे कम तापमान का रिकॉर्ड रखने वाले जगदलपुर में यह 40.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। अंबिकापुर में 41.1 और रायपुर में अधिकतम तापमान 42.6 डिग्री सेल्सियस रहा। शनिवार को सर्वाधिक 45.5 डिग्री सेल्सियस तापमान मुंगेली में दर्ज किया गया है।

घर के सामने खड़ी कार पर भी पेड़ गिर पड़ा। इसकी वजह से मकान को भी नुकसान हुआ।
घर के सामने खड़ी कार पर भी पेड़ गिर पड़ा। इसकी वजह से मकान को भी नुकसान हुआ।

अब बढ़ेगा तापमान, आंधी का भी असर

मौसम विभाग के मुताबिक शनिवार को एक स्थानीय सिस्टम बना हुआ था। इसमें पश्चिम मध्य प्रदेश से झारखंड तक एक पूर्व-पश्चिम द्रोणिका फैली हुई है। इसके प्रभाव से प्रदेश के एक-दो स्थानों पर हल्की बरसात हुई है। अगले दो दिनों में प्रदेश के अधिकतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक का इजाफा हो सकता है।

शुक्रवार शाम की आंधी में कानन-पेंडारी में यह बिजली का टावर गिर गया था।
शुक्रवार शाम की आंधी में कानन-पेंडारी में यह बिजली का टावर गिर गया था।

मई में पड़ेगी झुलसाने वाली गर्मी

बताया जा रहा है, इस साल मई में झुलसाने वाली गर्मी पड़ सकती है। अभी तक मौसम अप्रैल के अंतिम दिन के रिकॉर्ड जितना गर्म भी नहीं हुआ है। उस दिन अधिकतम तापमान 46.9 डिग्री तक पहुंच गया था। मई का औसत अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। वहीं ठंडी हवाओं की वजह से रात को भी उमस से थोड़ी राहत मिली है। 15 मई के बाद दिन की गर्मी बढ़ती जाएगी। इसकी वजह से रात में भी उमस बढ़ सकती है।

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