छत्तीसगढ़ ने बच्चों के लिए मांगा टीका:मंत्री सिंहदेव ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को लिखा पत्र, बूस्टर डोज और बच्चों का वैक्सीनेशन शुरू कराने की मांग

रायपुर5 महीने पहले
केंद्र सरकार ने जिन 7 प्रदेशों में बच्चों को टीका लगाने की मंजूरी दी है, उनमें छत्तीसगढ़ शामिल नहीं है। (फाइल फोटो)

देश भर में ओमिक्रॉन वैरिएंट से कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर उठने की आशंकाओं के बीच छत्तीसगढ़ ने बच्चों के लिए कोरोना रोधी टीका मांगा है। बीमारों, बुजुर्गों को भी कोरोना टीके का बूस्टर डोज देने की मांग उठी है। प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया को इसके लिए पत्र लिखा है।

स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को लिखे पत्र में कहा है, वर्तमान में कोरोना की तीसरी लहर और ओमिक्रॉन की उपस्थिति के बाद बूस्टर डोज एवं 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को वैक्सीन लगाना बहुत आवश्यक प्रतीत होने लगा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हो रहे शोधों में यह बातें प्रारंभिक तौर पर आ रही है कि नये वैरिएंट के फैलने की गति डेल्टा वैरिएंट से कम से कम 2-3 गुना अधिक है। इसमें एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को संक्रमित करने की संभावना भी 2 गुना ज्यादा है।

अंतरराष्ट्रीय शोध में यह बात भी सामने आ रही है कि ओमिक्रॉन से प्रभावित लोगों में कोरोना वैक्सीन के दोनों डोज लगने के बाद उनमें विद्यमान एंटीबॉडी, संक्रमण को रोकने में पूरी तरह सफल नहीं हो रहे हैं। इस कारण बूस्टर डोज लगाना अति आवश्यक प्रतीत हो रहा है। बूस्टर डोज का प्रभाव काफी सकारात्मक है और इससे प्रतिरोधक क्षमता 70-75% बढ़ रही है। सिंहदेव ने पिछले महीने भी ऐसा ही एक पत्र भेजकर केंद्र सरकार से बूस्टर डोज लगाने का फैसला लेने का आग्रह किया था।

युवाओं और बच्चों में ओमिक्रॉन का संक्रमण अधिक

स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने लिखा है, वैक्सीन की दोनों खुराक लेने के बाद भी लोग ओमिक्रॉन से संक्रमित होते देखे जा रहे हैं। यह भी देखा जा रहा है कि युवाओं और बच्चों में ओमिक्रॉन का संक्रमण ज्यादा है। स्वास्थ्य मंत्री ने वैज्ञानिक सलाह के अनुसार 18 साल से कम उम्र वाले बच्चों के टीकाकरण के संबंध में भी जल्द से जल्द समुचित निर्णय लेने का आग्रह किया है।

बूस्टर डोज पर भी जोर दिया

स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने बूस्टर डोज का फैसला लेने पर जोर दिया है। उन्होंने लिखा, अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक शोध के प्रारंभिक परिणामों को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय स्तर पर वैज्ञानिकों से अविलंब राय ली जानी चाहिए। उसके बाद प्रारंभिक तौर पर हेल्थ केयर वर्कर, फ्रंट लाइन वर्कर, 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों और गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों को को बूस्टर डोज लगाया जाना चाहिए।

अभी इन सात प्रदेशों में लगाया जाना है बच्चों को टीका

केंद्र सरकार ने बच्चों के टीकाकरण के लिए पंजाब, बिहार, झारखंड, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल का चयन किया है। सरकार ने कोरोना से बचाव के लिए बच्चों को लगने वाली वैक्सीन जायकोव-डी की एक करोड़ खुराक का ऑर्डर दे दिया है। हालांकि बच्चों के टीके को देश के सर्वोच्च वैज्ञानिक निकाय "राष्ट्रीय तकनीकी सलाहकार समूह टीकाकरण' की मंजूरी नहीं मिली है।

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